- बिहार की राजधानी पटना में महागठबंधन की राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी दलों के विधायक शामिल हुए बैठक संपन्न हुई.
- कांग्रेस के 3 विधायक आबिदुर रहमान कमरूल होदा और मनोहर सिंह बैठक में अनुपस्थित रहे और इसकी सूचना पहले दे दी थी.
- आबिदुर रहमान विदेश यात्रा पर हैं मनोहर सिंह बीमार हैं. होदा CM के दौरे में व्यस्त होने के कारण नहीं आए.
बिहार की राजधानी पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए महागठबंधन की बैठक खत्म हो गई. बैठक में महागठबंधन में शामिल सभी दलों के विधायक बैठक में शामिल हुए. कल AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान से तेजस्वी यादव की मुलाकात होगी. बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने दावा किया कि अमरेंद्र धारी सिंह चुनाव जीतेंगे.
महागठबंधन की बैठक में कांग्रेस के तीन विधायक बैठक में नहीं पहुंचे. राज्यसभा चुनाव में पांचवीं सीट पर जीत के लिए एनडीए को 3 अतिरिक्त वोट की आवश्यकता है. आबिदुर रहमान, कमरूल होदा, मनोहर सिंह बैठक में नहीं पहुंचे. तीनों विधायकों ने बैठक में न आने की सूचना पहले ही संगठन को दे दी थी.
आबिदुर रहमान CM के यात्रा के कराण नहीं शामिल हो पाए हैं, मनोहर प्रसाद सिंह ने बताया कि वे बीमार हैं और तीसरे विधायक कमरुल होदा मुख्यमंत्री के दौरे के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाए. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह बहुत सकारात्मक बैठक थी. आगामी राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और हम पूरी तरह आश्वस्त हैं. हमारा लक्ष्य इस चुनाव में जीत हासिल करना है.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ''देखिए, यह बहुत ही सकारात्मक बैठक थी. आगामी राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और हम पूरी तरह आश्वस्त हैं. हमारा लक्ष्य इस चुनाव को जीतना है.''
कहा जा रहा है कि इस बैठक के जरिये चुनावी समीकरण साधने की कोशिश की गई. इस बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक रही और सभी सहयोगी दलों के साथ बातचीत जारी है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले राज्यसभा चुनाव में हम लोग निश्चिंत हैं कि महागठबंधन का उम्मीदवार जीत हासिल करेगा.
आवश्यक संख्या बल को लेकर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हमारे पास संख्या है, तभी तो चुनाव लड़ रहे हैं.” इधर, बैठक के बाद पूर्व मंत्री और राजद नेता चंद्रशेखर ने कहा कि साम्प्रदायिक पार्टियां और विचार देश के लिए खतरा हैं. उनके खिलाफ सोशल जस्टिस की पार्टियां एक हैं. उन्होंने कहा कि यह मात्र गेट-टू-गेदर था. सभी निश्चिंत हैं कि हमारी जीत तय है. दरअसल, बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें इस बार खाली हो रही हैं और इन सीटों पर चुनाव होने जा रहा है.
एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में पांच जबकि राजद ने एक प्रत्याशी उतारे हैं. 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए. अभी एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं. इसके आधार पर एनडीए आसानी से चार सीटें जीत सकता है. चार सीटें जीतने के बाद भी उसके पास कुछ वोट बचेंगे, लेकिन पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी.
विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाला महागठबंधन है. महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं. इसे एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी. यही वजह है कि इस चुनाव को लेकर राजनीतिक गणित और जोड़-तोड़ की चर्चा तेज हो गई है.
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