बेंगलुरू:
बेंगलुरू पुलिस ने नए साल की पूर्व संध्या पर जश्न के दौरान बहुत-सी युवतियों से हुई छेड़खानी के बारे में बुधवार को चार लोगों से पूछताछ की.
शहर के पुलिस प्रमुख प्रवीण सूद ने कहा कि शनिवार रात को जश्न के दौरान महिलाओं से छेड़खानी किए जाने, उन्हें दबोचे जाने, और लूटे-खसोटे जाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है. सोशल मीडिया पर जारी हुई फुटेज में महिलाओं को रोते और मदद के लिए पुकारते देखा गया था, लेकिन मंगलवार रात तक भी कोई केस दर्ज नहीं किया गया था.
मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर प्रवीण सूद ने बताया, "जैसा हमने वादा किया था, हमें ठोस सबूत मिल गए हैं, और हमने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है... जांच जारी है..." सड़कों पर जिस जगह जश्न मनाया जा रहा था, वहां पर लगे लगभग 40 सिक्योरिटी कैमरों की फुटेज को जांचा जा रहा है.
जनता में गुस्सा भर देने वाली इस घटना के बाद जनाक्रोश उस समय बढ़ गया, जब कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने महिलाओं के साथ की गई इस बदतमीज़ी का दोष महिलाओं की 'पश्चिमी वेशभूषा' पर मढ़ दिया. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, 'ऐसी बातें होती रहती हैं...' इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी उनसे स्पष्टीकरण मांगा, और आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने कहा कि मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.
वहां हज़ारों लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए थे, और शराब के नशे में धुत युवकों ने लड़कियों को दबोचा, छेड़ा, उन पर फब्तियां कसीं, उनका पीछा किया. इन हरकतों का शिकार हुई कुछ महिलाओं का कहना था कि या तो पुलिस मदद करना नहीं चाहती थी, या करने में सक्षम नहीं थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बचाव के लिए कोई भी नहीं आया था.
शहर के पुलिस प्रमुख प्रवीण सूद ने कहा कि शनिवार रात को जश्न के दौरान महिलाओं से छेड़खानी किए जाने, उन्हें दबोचे जाने, और लूटे-खसोटे जाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है. सोशल मीडिया पर जारी हुई फुटेज में महिलाओं को रोते और मदद के लिए पुकारते देखा गया था, लेकिन मंगलवार रात तक भी कोई केस दर्ज नहीं किया गया था.
मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर प्रवीण सूद ने बताया, "जैसा हमने वादा किया था, हमें ठोस सबूत मिल गए हैं, और हमने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है... जांच जारी है..." सड़कों पर जिस जगह जश्न मनाया जा रहा था, वहां पर लगे लगभग 40 सिक्योरिटी कैमरों की फुटेज को जांचा जा रहा है.
जनता में गुस्सा भर देने वाली इस घटना के बाद जनाक्रोश उस समय बढ़ गया, जब कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने महिलाओं के साथ की गई इस बदतमीज़ी का दोष महिलाओं की 'पश्चिमी वेशभूषा' पर मढ़ दिया. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, 'ऐसी बातें होती रहती हैं...' इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी उनसे स्पष्टीकरण मांगा, और आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने कहा कि मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.
वहां हज़ारों लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए थे, और शराब के नशे में धुत युवकों ने लड़कियों को दबोचा, छेड़ा, उन पर फब्तियां कसीं, उनका पीछा किया. इन हरकतों का शिकार हुई कुछ महिलाओं का कहना था कि या तो पुलिस मदद करना नहीं चाहती थी, या करने में सक्षम नहीं थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बचाव के लिए कोई भी नहीं आया था.
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