विज्ञापन

E100 फ्यूल क्या है, क्या ये पेट्रोल की जगह ले सकता है? जानिए इसके फायदे और नुकसान

भारत सरकार ने E100 फ्यूल (100 % एथेनॉल) के नियमों को मंजूरी दे दी है. जानिए क्या यह पेट्रोल की जगह ले पाएगा, इसके फायदे, नुकसान और आपकी गाड़ी पर होने वाला असर.

E100 फ्यूल क्या है, क्या ये पेट्रोल की जगह ले सकता है? जानिए इसके फायदे और नुकसान
All About E100 Fuel: 100 फीसदी इथेनॉल वाले फ्यूल के बारे में जानिए सबकुछ
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

E100 Fuel की चर्चा आजकल हर तरफ हो रही है. खासकर, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और पर्यावरण के लिहाज से E100 Fuel एक बहुत बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है. आसान शब्दों में कहें, तो यह भविष्य का एक ऐसा ईंधन है जो पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं कि यह क्या है, यह पेट्रोल की जगह ले सकता है या नहीं, और इसके क्या फायदे और चुनौतियां हैं.

क्या है E100 Fuel?

E100 एक ऐसा ईंधन है जो पूरी तरह से यानी 100 फीसदी एथेनॉल से बना होता है. इसमें पेट्रोल की एक भी बूंद नहीं मिलाई जाती. एथेनॉल एक रिन्यूएबल बायोफ्यूल है जिसे गन्ने, मक्के, खराब हो चुके अनाज और कृषि के कचरे से तैयार किया जाता है. अभी तक देश में E20 पेट्रोल मिल रहा है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है लेकिन E100 पूरी तरह से पेट्रोल-मुक्त फ्यूल है.

क्या यह पेट्रोल की जगह ले सकता है?

आप E100 को अपनी मौजूदा नॉर्मल पेट्रोल कार या बाइक में नहीं डाल सकते. इसके लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए 'फ्लेक्स-फ्यूल इंजन' (Flex-Fuel Engines) की जरूरत होगी. यही वजह है कि देश में पेट्रोल और E100 लंबे समय तक एक साथ बिकते रहेंगे क्योंकि पुरानी गाड़ियों को बदलने में समय लगेगा.

कौन-सी गाड़ियां चलेंगी इससे?

प्योर एथेनॉल पर चलने के लिए गाड़ियों के फ्यूल पंप, इंजेक्टर्स और इंजन लाइन्स में बड़े बदलाव करने पड़ते हैं क्योंकि एथेनॉल का नेचर पेट्रोल से अलग होता है. Maruti Suzuki ने अपनी WagonR का फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप पेश किया है जो सस्ते बजट में एथेनॉल से चलेगी. इसके अलावा हीरो मोटोकॉर्प ने Splendor और HF Deluxe के फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल दिखाए हैं. Toyota और Hyundai भी इस रेस में आगे हैं.

E100 फ्यूल के बड़े फायदे

  • भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत कच्चा तेल बाहर से खरीदता है. सरकार के मुताबिक एथेनॉल के इस्तेमाल से अब तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बची है.
  • एथेनॉल बनने से गन्ने और मक्के की मांग बढ़ेगी जिससे किसानों को भारी मुनाफा होगा. अब तक किसान इससे 80,000 करोड़ रुपये कमा चुके हैं.
  • पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल बहुत साफ जलता है जिससे हवा में कार्बन का उत्सर्जन बेहद कम होता है.

E100 फ्यूल के लिए चुनौतियां 

  1. एथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी पेट्रोल से कम होती है. इसका मतलब है कि 1 लीटर पेट्रोल में गाड़ी जितनी दूर जाती है, E100 में उससे करीब 30 प्रतिशत कम दूरी तय करेगी.
  2. एथेनॉल हवा से नमी को बहुत जल्दी सोखता है जिससे गाड़ी के पाइप और इंजन के हिस्सों में जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है.
  3. बहुत ज्यादा ठंड के मौसम में शुद्ध एथेनॉल (E100) को वेपोराइज (भाप बनने) होने में दिक्कत होती है, जिससे गाड़ी को स्टार्ट करने में परेशानी आ सकती है.
  4. अगर देश में बहुत बड़े पैमाने पर एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने और मक्के का इस्तेमाल होने लगा, तो इंसानों के खाने और पशुओं के चारे के लिए अनाज की कमी हो सकती है, जिससे खाने-पीने की चीजें महंगी होने का खतरा रहता है.
  5. अभी पूरे भारत में E100 के लिए न तो पर्याप्त फ्यूल स्टेशन हैं और ना ही देश में अभी इतना एथेनॉल तैयार हो रहा है कि हर गाड़ी को दिया जा सके. पूरे देश में इसका नेटवर्क तैयार करने में समय लगेगा.

E100 फ्यूल भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो प्रदूषण और महंगे पेट्रोल दोनों से राहत दिलाएगा. हालांकि, इसके लिए देश में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों की संख्या बढ़ानी होगी और एथेनॉल की सप्लाई चेन को मजबूत करना होगा. आने वाले कुछ सालों में यह पेट्रोल का एक बेहतरीन और हरा-भरा विकल्प बनकर उभर सकता है.

ये भी पढ़ें: Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतें धड़ाम, देश में क्या चल रहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? चेक करें अपने शहर के रेट

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
E100 Fuel, E100 Petrol, Flex Fuel Vehicle, Flex Fuel Cars Maruti Suzuki, Ethanol Fuel Impact On India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com