दिल्ली विधानसभा के लिए चार दिसंबर को होने वाले चुनाव में प्रचार के लिए सिर्फ एक दिन का समय रह गया है और रविवार को प्रमुख दलों के शीर्ष नेताओं ने अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया और कई वायदे किए वहीं पूरे शहर में 25 से ज्यादा रैलियां और दर्जनों रोड शो आयोजित किए गए।
भाजपा की ओर से वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कमान संभाली और उन्होंने विभिन्न मुद्दों को लेकर शीला दीक्षित सरकार की तीखी आलोचना की तथा लोगों से पिछले 15 साल से सत्तारूढ़ ‘‘भ्रष्ट’’ सरकार को हटाने के लिए इस मौके का उपयोग करने की अपील की।
दक्षिणी दिल्ली के दक्षिणपुरी में खासी भीड़ को संबोधित करते हुए मोदी ने शीला दीक्षित सरकार पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि यह सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दिल्ली की प्रमुख समस्याओं के हल में नाकाम रही है।
भाजपा की ओर से सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, अमित शाह, नजमा हेपतुल्ला, विनोद खन्ना, रवि शंकर प्रसाद और नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में कई रैलियां कीं।
कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया और उन्होंने सात चुनावी सभाएं कीं। उन्होंने विपक्षी दलों पर सत्ता हासिल करने के लिए दिल्ली के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से ‘‘निरंतरता’’ और ‘‘समावेशी विकास’’ के लिए मतदान करने को कहा।
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