गुजरात में 8 अगस्त को राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है..
अहमदाबाद:
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने गुजरात राज्यसभा चुनाव में नोटा का विकल्प लागू करने के चुनाव आयोग के फैसले पर मंगलवार को सवाल उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा 'अधिसूचना जारी किये जाने के बाद' किया गया. पटेल राज्य से राज्यसभा चुनाव के लिये उम्मीदवारों में से एक हैं. उन्होंने जून में निर्धारित चुनाव में विलंब करने का भी उल्लेख किया.
पढ़ें : अहमद पटेल को राज्यसभा पहुंचाने में जुटी कांग्रेस, राह में रोड़े भी कम नहीं, 4 खास बातें
पटेल ने ट्विटर पर कहा, 'पहले राज्यसभा का चुनाव स्थगित किया गया. फिर अधिसूचना के बाद नोटा की अनुमति दी गई. इसका कारण चुनाव आयोग को सही से पता होगा.’’ चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने पहचान जाहिर नहीं किये जाने की शर्त पर कहा कि राज्यसभा चुनावों में नोटा के इस्तेमाल के निर्देशों को जनवरी 2014 में ही लागू किया गया था जब उच्चतम न्यायालय ने 2013 में ईवीएम में 'इनमें से कोई नहीं' का विकल्प रखना अनिवार्य बना दिया. पटेल आठ अगस्त को होने वाले चुनाव में एक और कार्यकाल के लिये राज्यसभा पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. पटेल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सचिव हैं.
पढ़ें : हां, यह निजी लड़ाई है - बीजेपी प्रमुख अमित शाह के मामले में बोले अहमद पटेल
उनकी पार्टी के गुजरात के विधायकों को बेंगलुरू में एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है. ऐसा छह विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद किया गया. राज्य में तकरीबन दो दशक बाद राज्यसभा के लिये चुनाव हो रहे हैं क्योंकि आम तौर पर बिना मतदान के ही उम्मीदवारों को निर्वाचित कर लिया जाता था. चुनाव अधिकारियों ने कल यहां घोषणा की कि इनमें से कोई नहीं :नोटा: का विकल्प राज्यसभा चुनावों में इस्तेमाल किया जा सकता है.
VIDEO : क्या अहमद पटेल पहुंचेंगे राज्यसभा?
गुजरात विधानसभा के सचिव डी एम पटेल ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में सभी मतपत्रों पर नोटा का विकल्प प्रकाशित किया जाएगा. चुनाव आयोग ने इससे पहले गुजरात, गोवा और पश्चिम बंगाल की 10 सीटों के लिये राज्यसभा चुनाव आठ जून को कराए जाने की घोषणा की थी. हालांकि, 22 मई को चुनाव आयोग ने चुनाव स्थगित करने की घोषणा की और चुनाव की नई तारीख आठ अगस्त को निर्धारित की.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पढ़ें : अहमद पटेल को राज्यसभा पहुंचाने में जुटी कांग्रेस, राह में रोड़े भी कम नहीं, 4 खास बातें
पटेल ने ट्विटर पर कहा, 'पहले राज्यसभा का चुनाव स्थगित किया गया. फिर अधिसूचना के बाद नोटा की अनुमति दी गई. इसका कारण चुनाव आयोग को सही से पता होगा.’’ चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने पहचान जाहिर नहीं किये जाने की शर्त पर कहा कि राज्यसभा चुनावों में नोटा के इस्तेमाल के निर्देशों को जनवरी 2014 में ही लागू किया गया था जब उच्चतम न्यायालय ने 2013 में ईवीएम में 'इनमें से कोई नहीं' का विकल्प रखना अनिवार्य बना दिया. पटेल आठ अगस्त को होने वाले चुनाव में एक और कार्यकाल के लिये राज्यसभा पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. पटेल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सचिव हैं.
पढ़ें : हां, यह निजी लड़ाई है - बीजेपी प्रमुख अमित शाह के मामले में बोले अहमद पटेल
उनकी पार्टी के गुजरात के विधायकों को बेंगलुरू में एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है. ऐसा छह विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद किया गया. राज्य में तकरीबन दो दशक बाद राज्यसभा के लिये चुनाव हो रहे हैं क्योंकि आम तौर पर बिना मतदान के ही उम्मीदवारों को निर्वाचित कर लिया जाता था. चुनाव अधिकारियों ने कल यहां घोषणा की कि इनमें से कोई नहीं :नोटा: का विकल्प राज्यसभा चुनावों में इस्तेमाल किया जा सकता है.
VIDEO : क्या अहमद पटेल पहुंचेंगे राज्यसभा?
गुजरात विधानसभा के सचिव डी एम पटेल ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में सभी मतपत्रों पर नोटा का विकल्प प्रकाशित किया जाएगा. चुनाव आयोग ने इससे पहले गुजरात, गोवा और पश्चिम बंगाल की 10 सीटों के लिये राज्यसभा चुनाव आठ जून को कराए जाने की घोषणा की थी. हालांकि, 22 मई को चुनाव आयोग ने चुनाव स्थगित करने की घोषणा की और चुनाव की नई तारीख आठ अगस्त को निर्धारित की.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं