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This Article is From Aug 15, 2015

आइए याद करें महापुरुषों के वे अनमोल वचन, जो हमें शायद अब याद न हों

आइए याद करें महापुरुषों के वे अनमोल वचन, जो हमें शायद अब याद न हों
69वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आइए हम आपको एक अलग तरह के फ्लैशबैक में ले चलें। आपको महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों के वे अनमोल वचन याद करवा दें जिन्हें हो सकता है आपने पढ़ा और सुना हो लेकिन शायद अब भूल गए हों....

बम और पिस्तौलों से कोई क्रांति नहीं आती। क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज की जाती है।- भगत सिंह

उस आजादी का कोई फायदा नहीं है जिसमें गलतियां करने की आजादी न हो।- महात्मा गांधी

मैं आपको हिंसा नहीं सिखा सकता, क्योंकि मैं इसमें खुद विश्वास नहीं रखता। मैं आपको सिर्फ यह सिखा सकता हूं कि कैसे अपने जीवन की कीमत पर भी किसी के सामने सिर झुकाया जाए।- महात्मा गांधी

जब तक आप सामाजिक स्तर पर स्वतंत्रता प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तब तक कानून द्वारा दी गई स्वतंत्रता आपके किसी मतलब की नहीं है।- बीआर अंबेडकर

किसी लोकतंत्र में हरेक नागरिक की वैयक्तिकता, कल्याण और खुशी किसी राष्ट्र की खुशी, शांति और समृद्धि के लिए जरूरी होती है।- एपीजे अब्दुल कलाम

भारत के हरेक नागरिक को यह याद रखना चाहिए कि वह एक भारतीय है और उसे इस देश में हरेक अधिकार प्राप्त है लेकिन कुछ निश्चित कर्त्तव्यों के साथ।- सरदार वल्लभभाई पटेल

अगर पाकिस्तान हमारे देश के किसी हिस्से को ताकत से कब्जाने के बारे में कुछ सोचता भी है तो उसे इस बाबत दोबारा चाहिए। मैं साफ साफ बता देना चाहूंगा कि सेना का जवाब सेना से दिया जाएगा और यदि हमारे प्रति आक्रामक दिखाई गई तो इसे कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।- लाल बहादुर शास्त्री

अगर अब भी तुम्हारा खून नहीं खौलता है, तो इसका मतलब है कि तुम्हारी नसों में पानी बह रहा है। जो मातृभूमि के काम न आ सके, ऐसे यौवन का क्या फायदा। -चंद्रशेखर आजाद

राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम् से प्रेरित है।- नेताजी सुभाष चंद्र बोस

आपको मानवता पर भरोसा नहीं खोना चाहिए। मानवता एक समुद्र है और अगर समुद्र की कुछ बूंदें मैली हो जाएं, तो समुद्र मैला नहीं हो जाता।- महात्मा गांधी

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