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मलबे के ढेर में भी है जान! कलाकार ने ईंटों से उकेरी ऐसी दास्तां, देखकर आप भी कहेंगे- वाह उस्ताद

जिस मलबे को लोग कचरा समझकर पैरों से ठोकर मार देते हैं, कोई उसमें भी 'जिंदगी' ढूंढ सकता है क्या? दिल्ली के आर्ट फेयर में एक उस्ताद ने ऐसी जादूगरी दिखाई है कि पुरानी ईंटों के सीने से खामोश चेहरे बोल पड़े हैं. यकीन मानिए, ये कलाकारी नहीं, बल्कि उन टूटे हुए घरों की रूह है, जिन्हें दुनिया ने कब का भुला दिया था.

मलबे के ढेर में भी है जान! कलाकार ने ईंटों से उकेरी ऐसी दास्तां, देखकर आप भी कहेंगे- वाह उस्ताद
इस वीडियो को देखने के बाद आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी, इंसानियत की ऐसी मिसाल पहले कभी नहीं देखी होगी

Emotional Art Story: दुनिया जिसे 'बर्बादी' कहकर किनारा कर लेती है, एक फनकार ने उसी मलबे से मोहब्बत की नई दास्तां लिख दी है. ईंटों के बेजान टुकड़ों को कुछ इस सलीके से तराशा गया है कि उनमें दबी बरसों पुरानी यादें अब सांस लेने लगी हैं. ये सिर्फ पत्थर नहीं, बल्कि वो अक्स हैं जो बताते हैं कि हुनरमंद की नजर पड़े तो खाक भी सोना बन जाती है.

पुरानी दीवारों की नई दास्तां!  (Brick Sculpture Art)

आपने कभी किसी पुराने खंडहर को देखा है? गिरती दीवारें, बिखरी हुई ईंटें और धूल. हम तो बस बगल से निकल जाते हैं, लेकिन एक कलाकार की पारखी नजर ने उन बेजान ईंटों में वो देख लिया, जो हम शायद कभी न देख पाते. जनाब, दिल्ली के आर्ट फेयर में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा जहां मलबे के टुकड़ों को तराश कर उनमें इंसानी जज्बात और पुराने घरों की रूह फूंक दी गई है. यह सिर्फ कला नहीं, बल्कि 'इश्क-ए-हुनर' है.

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कचरे में मिला बेशकीमती खजाना (Treasure Hidden in Rubble)

इन ईंटों पर उकेरी गई आकृतियां उन घरों की गवाह हैं, जो अब सिर्फ यादों में बचे हैं. कलाकार ने मेहनत और सलीके से ईंट के सीने को चीरकर उसमें से वो खामोश चेहरे बाहर निकाल दिए हैं, जो सालों से मलबे में दबे हुए थे. कोई सोच रहा है, कोई बैठा इंतजार कर रहा है, तो कोई पुराने दरवाजों की झरोखों से झांक रहा है. देखकर ऐसा लगता है जैसे ये पत्थर अभी बोल पड़ेंगे और अपने जमाने के किस्से सुनाने लगेंगे.

हुनर का ऐसा करिश्मा, जो रूह को छू ले (The Magic of Pure Artistry)

दुनिया जिसे अंत कहती है, कलाकार वहीं से एक नई शुरुआत कर देता है. इन कलाकृतियों को देखकर दिल को एक सुकून सा मिलता है कि पुरानी यादें कभी मरती नहीं, बस उन्हें सहेजने वाला चाहिए. यह आर्ट उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है, जो पुरानी चीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं. यकीन मानिए, इसे देखने के बाद आपका मलबे को देखने का नजरिया ही बदल जाएगा. उस्ताद ने वाकई कमाल कर दिया है, दिल जीत लिया.

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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

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