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यह इंसान है या स्पाइडरमैन? बिना रस्सी के ताइवान की सबसे ऊंची 101 मंजिला बिल्डिंग पर चढ़ा अमेरिका का डेयरडेविल

अमेरिका के क्लाइंबर एलेक्स होन्नोल्ड ने यह चढ़ाई बिना किसी सुरक्षा उपकरण के की है. न उन्होंने कोई रस्सी बांध रखी थी और न ही नीचे कोई सुरक्षा जाल लगा था जो गिरने की स्थिति में उन्हें बचाता.

यह इंसान है या स्पाइडरमैन? बिना रस्सी के ताइवान की सबसे ऊंची 101 मंजिला बिल्डिंग पर चढ़ा अमेरिका का डेयरडेविल
बिना रस्सी के ताइवान की सबसे बड़ी 101 मंजिला बिल्डिंग पर चढ़ा अमेरिका का डेयरडेविल
  • अमेरिका के क्लाइंबर होन्नोल्ड ने बिना सुरक्षा उपकरण के ताइवान की 508 मीटर ऊंची ताइपे 101 बिल्डिंग पर चढ़ाई की
  • यह चढ़ाई नेटफ्लिक्स पर लाइव प्रसारित हुई और होन्नोल्ड को इस काम में कुल 91 मिनट लगे
  • ताइपे 101 बिल्डिंग 2004 से 2010 तक दुनिया की सबसे ऊंची इमारत थी और ताइवान की राजधानी में स्थित है
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अमेरिका के डेयरडेविल क्लाइंबर एलेक्स होन्नोल्ड रविवार, 25 जनवरी को बिना रस्सियों या किसी तरह का सुरक्षा जाल लगाए ताइवान की सबसे बड़ी 101 मंजिला गगनचुंबी बिल्डिंग पर चढ़ गए. जब वह ऐसा कर रहे थे तो उनके डेयरिंग एक्ट को पूरी दुनिया देख रही थी क्योंकि नेटफ्लिक्स पर उसका सीधा प्रसारण हो रहा था. जब ताइपे में मौजूद दुनिया की इस सबसे ऊंची इमारतों में से एक पर एलेक्स होन्नोल्ड चढ़े तो उनके हजारों फैंस ने उनका उत्साह बढ़ाया और नीचे से हाथ हिलाया.

होन्नोल्ड को 508 मीटर ऊंची इमारत पर चढ़ने में कुल 91 मिनट का वक्त लगा. उन्होंने अपने मिशन के बाद मीडिया से कहा कि "यह ताइपे को देखने का कितना सुंदर तरीका है." वैसे तो होन्नोल्ड का प्लान तो यह था कि एक दिन पहले ही यानी 24 जनवरी को ही यह हैरतअंगेज काम किया जाए लेकिन गीले मौसम के कारण इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था.

508 मीटर ऊंची इस इमारत के नाम ताइपे 101. यह इमारत ताइवान की राजधानी ताइपे में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है. खास बात है कि साल 2004 से 2010 तक यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत थी. हालांकि अब यह ताज दुबई में मौजूद बुर्ज खलीफा के पास है.

एक गलती और अंजाम मौत! 

होन्नोल्ड ने यह चढ़ाई बिना किसी सुरक्षा उपकरण के की है. न उन्होंने कोई रस्सी बांध रखी थी और न ही नीचे कोई सुरक्षा जाल लगा था जो गिरने की स्थिति में उन्हें बचाता. उन्होंने यह चढ़ाई ताइपे 101 बिल्डिंग के अधिकारियों और स्थानीय सरकार के पूर्ण समर्थन और अनुमति लेकर की है. होन्नोल्ड ने कहा कि उन्होंने एक बार को तो बिना अनुमति लिए इमारत पर चढ़ने के बारे में सोचा था. "लेकिन फिर इमारत के प्रति सम्मान और टीम के उन सभी लोगों के प्रति सम्मान, जिन्होंने मुझे इसे देखने की अनुमति दी थी, मैंने कहा कि मैं अवैध रूप से इसपर नहीं चढ़ूंगा. मैं कहा कि मैं लोगों का सम्मान करूंगा."

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब ताइपे 101 पर किसी क्लाइंबर ने चढ़ाई की है. इससे पहले 2004 में, फ्रांसीसी क्लाइंबर एलेन रॉबर्ट चार घंटे के समय में सुरक्षा रस्सी के साथ इमारत पर चढ़ गए थे.

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