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ईरानी एयरलाइन्स पर अब अमेरिकी बैन, मोजतबा खामेनेई बोले-दुश्मन चाहता है देश को अस्थिर करना

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. हालांकि, इसके पीछे दोनों की अपनी-अपनी सोच है. दोनों युद्ध को समाप्त तो करना चाहते हैं, पर अपनी शर्तों पर.

ईरानी एयरलाइन्स पर अब अमेरिकी बैन, मोजतबा खामेनेई बोले-दुश्मन चाहता है देश को अस्थिर करना
मोजतबा खामेनेई सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनके मैसेज लगातार ईरान की टीवी पर चलाए जा रहे हैं.
  • अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाते हुए उसकी एयरलाइनों पर प्रतिबंध लगाया है
  • अमेरिकी वित्त मंत्री ने ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है
  • ईरान के सुप्रीम नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया है

शांति की बात करते-करते अचानक अमेरिका-ईरान-इजरायल ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया. जैसे ही ये खबर आई लगा कि क्या फिर से युद्ध छिड़ने वाला है. मगर अब पता लग रहा है कि अमेरिका और इजरायल चारों तरफ से ईरान को घेर रहे हैं. आज अमेरिकी वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि अब ईरान की एयरलाइन्स पर बैन लगाया जा रहा है.

क्यों बैन लगाया गया

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (@USTreasury) ईरानी शासन के खिलाफ अपना आर्थिक आक्रोश अभियान जारी रखे हुए है. उनके सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा है, पुलिस काम पर नहीं आ रही है, और खारग द्वीप पर नाकाबंदी है. ईरानी अर्थव्यवस्था और मुद्रा का पतन तेजी से हो रहा है. ईरान का फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) एक मजाक है, और आज ट्रेजरी विभाग ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है. हमने सभी कॉर्पोरेट या सरकारी संस्थाओं को टोल भुगतान करने या उन्हें सहायता भुगतान के रूप में छिपाने के खिलाफ चेतावनी दी है. स्टील की दीवार बनाकर, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ने जलक्षेत्र में ईरानी कच्चे तेल की मात्रा को रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा दिया है. हम ईरानी एयरलाइनों के लिए लैंडिंग स्पॉट, ईंधन भरने और टिकट बिक्री पर भी रोक लगा रहे हैं. केवल वार्ताओं के संतोषजनक परिणाम से ही इस गिरावट का सिलसिला रुकेगा.' 

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साफ कर चुके हैं कि वो युद्ध समाप्त तो करना चाहते हैं, पर किसी जल्दी में नहीं हैं. या तो ईरान से अच्छी डील होगी या नहीं होगी. इसके साथ ही उन्होंने खाड़ी देशों को भी अब्राहम समझौते में शामिल होने को भी कह दिया है. उनका मानना है कि अब्राहम समझौते में सभी देशों के शामिल होने पर ही मिडिल ईस्ट में शांति आ सकती है. 

मोजतबा खामेनेई ने क्या कहा

उधर, आज ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने राज्य टेलीविजन पर पढ़े गए एक लिखित संदेश में कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल इस्लामी गणराज्य को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं. इस्लामी गणराज्य की राष्ट्रीय विधायिका की स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए अपने संदेश में उन्होंने ईरानियों से एकता और सामंजस्य बनाए रखने का आह्वान किया.

वार्ता के बीच क्यों हो रहे हमले

साफ है कि अब अमेरिका पुराने अवतार में लौट गया है. इसमें वो दिन भर हमले ईरान पर नहीं करेगा. बल्कि उसकी आमदनी को खत्म करेगा. साथ ही जब भी उसे लगेगा कि ईरान कुछ नई प्लानिंग कर रहा है तो उस पर अटैक कर देगा. इससे अमेरिका को दो फायदे होंगे. पहला, उसका युद्ध पर खर्च बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा. दूसरा, वो ईरान को इतना मजबूर कर देगा कि वो खुद आगे से आकर समझौता करने पर विवश हो जाए. वहीं ईरान बातचीत को इतनी धीमी गति से बढ़ा रहा है कि अमेरिका परेशान होकर जल्दबाजी में कोई डील कर ले और उसे फायदा हो जाए. अब देखना है दोनों में से पहले कौन टूटता है. 

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लेखक के बारे में
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विजय शंकर पांडेय
चीफ सब एडिटर
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