
वाशिंगटन:
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि एक असामान्य क्षुद्रग्रह शनिवार यानी हैलोवीन के दिन पृथ्वी के नजदीक से गुजरा, जो दिखने में बिल्कुल एक खोपड़ी की तरह लगता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, स्पेस एजेंसी ने कहा कि इस क्षुद्रग्रह का नाम 2015 टीबी145 है, जिसे तीन हफ्ते पहले ही खोजा गया था। यह शनिवार दोपहर करीब एक बजे पृथ्वी से करीब 4,90,000 किलोमीटर दूरी से गुजारा।
रडार इमेज में इंसानी खोपड़ी जैसा दिखता मृत धूमकेतु
यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन की 305 मीटर एरिसिबो ऑब्जर्वेटरी को मिले रडार इमेज से पता चला कि इसका आकार गोल है और व्यास करीब 600 मीटर है। नासा मुख्यालय के मुताबिक, आइआरटीएफ का मानना है कि यह एक मृत धूमकेतु हो सकता है, लेकिन रडार इमेज में यह इंसानी खोपड़ी की तरह दिखता है।
यूएस प्लेनेटरी विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक विष्णु रेड्डी ने बताया कि इस उपग्रह का नाम स्पूकी रखा गया है। यह एक काले रंग के उल्का पिंड की तरह दिखता है। रेड्डी ने कहा, 'शोध के दौरान पता चला कि सूर्य से मिलने वाली रोशनी का करीब छह प्रतिशत हिस्सा यह वापस छोड़ देता है। यह ताजे डामर (एसफाल्ट) की तरह है, जबकि पृथ्वी पर हम सोचते हैं कि यह अंधकारमय है। यह किसी अन्य धूमकेतु से ज्यादा चमकीला है, जो केवल तीन से पांच प्रतिशत प्रकाश परावर्तित करता है।
अब सितंबर 2018 में पृथ्वी के पास आएगा यह धूमकेतु
यह देखकर ऐसा लगता है कि उत्पत्ति के अनुसार यह धूमकेतु हो सकता है, लेकिन इस बात के कोई सीधे सुबूत नहीं मिले है, जिसके चलते यह निष्कर्ष निकाला गया है कि यह एक मृत धूमकेतु है। उपगृह 2015 टीबी145 को पहली बार अक्टूबर 10 में युनिवर्सिटी ऑफ हवाई द्वारा खोजा गया था। अगली बार यह उपग्रह सितंबर 2018 में पृथ्वी के नजदीक आएगा। उस वक्त यह धरती से करीब 3.8 करोड़ किलोमीटर दूरी से गुजरेगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, स्पेस एजेंसी ने कहा कि इस क्षुद्रग्रह का नाम 2015 टीबी145 है, जिसे तीन हफ्ते पहले ही खोजा गया था। यह शनिवार दोपहर करीब एक बजे पृथ्वी से करीब 4,90,000 किलोमीटर दूरी से गुजारा।
रडार इमेज में इंसानी खोपड़ी जैसा दिखता मृत धूमकेतु
यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन की 305 मीटर एरिसिबो ऑब्जर्वेटरी को मिले रडार इमेज से पता चला कि इसका आकार गोल है और व्यास करीब 600 मीटर है। नासा मुख्यालय के मुताबिक, आइआरटीएफ का मानना है कि यह एक मृत धूमकेतु हो सकता है, लेकिन रडार इमेज में यह इंसानी खोपड़ी की तरह दिखता है।
यूएस प्लेनेटरी विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक विष्णु रेड्डी ने बताया कि इस उपग्रह का नाम स्पूकी रखा गया है। यह एक काले रंग के उल्का पिंड की तरह दिखता है। रेड्डी ने कहा, 'शोध के दौरान पता चला कि सूर्य से मिलने वाली रोशनी का करीब छह प्रतिशत हिस्सा यह वापस छोड़ देता है। यह ताजे डामर (एसफाल्ट) की तरह है, जबकि पृथ्वी पर हम सोचते हैं कि यह अंधकारमय है। यह किसी अन्य धूमकेतु से ज्यादा चमकीला है, जो केवल तीन से पांच प्रतिशत प्रकाश परावर्तित करता है।
अब सितंबर 2018 में पृथ्वी के पास आएगा यह धूमकेतु
यह देखकर ऐसा लगता है कि उत्पत्ति के अनुसार यह धूमकेतु हो सकता है, लेकिन इस बात के कोई सीधे सुबूत नहीं मिले है, जिसके चलते यह निष्कर्ष निकाला गया है कि यह एक मृत धूमकेतु है। उपगृह 2015 टीबी145 को पहली बार अक्टूबर 10 में युनिवर्सिटी ऑफ हवाई द्वारा खोजा गया था। अगली बार यह उपग्रह सितंबर 2018 में पृथ्वी के नजदीक आएगा। उस वक्त यह धरती से करीब 3.8 करोड़ किलोमीटर दूरी से गुजरेगा।
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