- पाकिस्तानी PM के सहयोगी राणा सनाउल्लाह की हाफिज सईद के बेटे के साथ पर तस्वीर सामने आई है
- तल्हा सईद 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से जुड़ा है
- सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में सनाउल्लाह और तल्हा सईद खुलेआम बातचीत और हाथ मिलाते हुए दिखे हैं
पाकिस्तान की सरकार और आतंकवाद, दोनों मानों एक दूसरे के पर्याय हैं. एक तस्वीर बाहर आई है और एक बार फिर यह बात दुनिया के सामने साबित हो चुकी है. पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ के एक करीबी सहयोगी को हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी हाफिज तल्हा सईद के साथ एक ही मंच पर देखा गया है, जिससे एक बार फिर पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के बीच गहरी सांठगांठ उजागर हुई है.
शरीफ के राजनीतिक मामलों के सलाहकार, राणा सनाउल्लाह की तल्हा सईद के साथ फोटो सामने आई है. तल्हा सईद 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है. फैसलाबाद में एक शादी में दोनों मिले थे और वहां उनकी तस्वीर खींची गई थी.
NDTV स्वतंत्र रूप से उस सटीक तारीख की पुष्टि नहीं कर सका जब दोनों की मुलाकात हुई थी. लेकिन हाई-प्रोफाइल सामाजिक समारोह की तस्वीरें, जिनमें सनाउल्लाह और तल्हा सईद खुलेआम मंच पर बातचीत करते और हाथ मिलाते दिख रहे हैं, सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं.
🇵🇰⚡️Politician & Terrorist Nexus in Pakistan
— War Flash (@WarFlash_2630) March 31, 2026
Rana Sanaullah, Special Assistant to Prime Minister Pakistan on Political Affairs meets with Hafiz Talha Saeed of Lashkar-e-Taiba. pic.twitter.com/lYgPxwsLSX
आतंक के नशे में डूबा पाकिस्तान
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिनों पहले एक अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान में 15 सक्रिय आतंकवादी संगठनों पर प्रकाश डाला गया था - जिनमें से कई भारत को निशाना बना रहे हैं. हाल ही में कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि वर्षों के सैन्य अभियानों और नीतिगत उपायों के बावजूद, आतंकवादी समूह "पाकिस्तानी धरती पर काम करना जारी रखते हैं".
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत-केंद्रित कई समूह पाकिस्तान में सक्रिय हैं, जिनमें 2008 के मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा और 2001 में भारतीय संसद पर हमले से जुड़ा जैश-ए-मोहम्मद शामिल हैं. इसमें आगे बताया गया कि पाकिस्तान का इस्तेमाल इन आतंकवादी समूहों के लिए आधार और लक्ष्य दोनों के रूप में किया जा रहा है.
पाकिस्तान को हाल के वर्षों में आतंकवाद में तीव्र वृद्धि का सामना करना पड़ा है. लगातार पांच वर्षों तक मौतों में गिरावट के बाद, जो 2019 में घटकर 365 रह गई, आतंकवाद से संबंधित मौतों की संख्या सालाना बढ़ गई है, "2025 में बढ़कर 4,001 हो गई, जो 11 वर्षों में सबसे अधिक है". रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान "आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित" देश है, जो 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद आतंकवाद के पुनरुत्थान को दर्शाता है.
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