
वाशिंगटन:
एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि 2009 के बाद से मध्य और पूर्वी अमेरिका में भूकंपों की संख्या में हुई नाटकीय वृद्धि का संबंध तेल एवं गैस निकालने में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजेक्शन वेल (द्रव पदार्थ निकालने वाले कुएं) उपकरणों से हैं।
अध्ययनकर्ता समूह का नेतृत्व करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के पीएचडी छात्र मैथ्यू विंगगार्टन ने बताया कि 1970 के दशक में जहां इससे जुड़े भूकंपों की संख्या कुछ ही थी वहीं 2014 में इनकी संख्या 650 से अधिक हो गयी।
अध्ययनकर्ताओं के अनुसार 2011 और 2012 में कई विनाशकारी भूकंप आए जिनकी तीव्रता 4.7 से 5.6 के बीच थी। ये भूकंप ओकलाहोमा के प्राग, कोलोराडो के त्रिनिदाद, टेक्सास के टिंपसन और अरकंसास के गाई में आए थे। विंगगार्टन ने कहा, ‘पहली बार एक व्यापक, लगभग राष्ट्रीय स्तर पर इंजेक्शन वेल और भूकंप के बीच परस्पर संबंधों का अध्ययन किया गया है।’
साइंस पत्रिका में प्रकाशित किए गए अध्ययन के अनुसार इंजेक्शन वेल से तेल या गैस भंडारों में बड़े दबाव परिवर्तन का निर्माण होता है जिसके कारण बाद में भूकंप की स्थितियां पैदा होती हैं।
अध्ययनकर्ता समूह का नेतृत्व करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के पीएचडी छात्र मैथ्यू विंगगार्टन ने बताया कि 1970 के दशक में जहां इससे जुड़े भूकंपों की संख्या कुछ ही थी वहीं 2014 में इनकी संख्या 650 से अधिक हो गयी।
अध्ययनकर्ताओं के अनुसार 2011 और 2012 में कई विनाशकारी भूकंप आए जिनकी तीव्रता 4.7 से 5.6 के बीच थी। ये भूकंप ओकलाहोमा के प्राग, कोलोराडो के त्रिनिदाद, टेक्सास के टिंपसन और अरकंसास के गाई में आए थे। विंगगार्टन ने कहा, ‘पहली बार एक व्यापक, लगभग राष्ट्रीय स्तर पर इंजेक्शन वेल और भूकंप के बीच परस्पर संबंधों का अध्ययन किया गया है।’
साइंस पत्रिका में प्रकाशित किए गए अध्ययन के अनुसार इंजेक्शन वेल से तेल या गैस भंडारों में बड़े दबाव परिवर्तन का निर्माण होता है जिसके कारण बाद में भूकंप की स्थितियां पैदा होती हैं।
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