विज्ञापन

दुनिया ने पहली बार देखी पृथ्वी की ऐसी तस्वीर, Artemis II क्रू ने शेयर किया हैरतअंगेज अनुभव | PHOTO

आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा से पृथ्वी के डूबते हुए दृश्य की अर्थसेट तस्वीर साझा की है. ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी से सबसे लंबी दूरी तय की, अब सुरक्षित लौटते हुए शुक्रवार को प्रशांत महासागर में लैंड करेगा.

दुनिया ने पहली बार देखी पृथ्वी की ऐसी तस्वीर, Artemis II क्रू ने शेयर किया हैरतअंगेज अनुभव | PHOTO

चांद का चक्कर लगाकर लौट रहे आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की एक ऐसी तस्वीर साझा की है जिसने पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया है. यह तस्वीर है 'अर्थसेट' की है. जिस तरह हम धरती से सूर्य को ढलते हुए देखते हैं या चांद को ढलते हुए देखते हैं, वैसे ही चांद से पृथ्वी को भी ढलते हुए देखा जा सकता है, इसे ही अर्थसेट कहते हैं. 

नासा क्रू की ओर से शेयर की गई तस्वीर में पृथ्वी चंद्रमा के ऊबड़-खाबड़ क्षितिज के पीछे डूबता हुआ दिखाई दे रहा है. ठीक वैसा ही, जैसे हम धरती से सूर्यास्त देखते हैं. यह ऐतिहासिक तस्वीर 1968 के मशहूर 'अर्थराइज' यानी उगती हुई पृथ्वी की फोटो की याद दिलाती है.

तब इस तस्वीर ने अपोलो-8 मिशन के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था. नासा और व्हाइट हाउस की ओर से जारी इस आधुनिक तस्वीर में अंतरिक्ष की अनंत गहराई, चांद की पथरीली सतह और हमारी नाजुक सी दिखने वाली पृथ्वी का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है.

नासा में खुशी से नाचने लगे लोग

मंगलवार को जब ये चारों अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और जेरेमी हैनसेन धरती की ओर वापस बढ़ रहे थे, तब उन्होंने ह्यूस्टन स्थित मिशन कंट्रोल में वैज्ञानिकों के साथ अपने अनुभव शेयर किए.

करीब सात घंटे तक चंद्रमा का बारीकी से अध्ययन करने के बाद क्रू ने जो कुछ देखा, उसने वैज्ञानिकों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया. मिशन की लूनर साइंस लीड केल्सी यंग ने बताया कि जब अंतरिक्ष यात्री अपनी आंखों देखी बता रहे थे तो नासा के इवैल्यूएशन रूम में खुशी की लहर दौड़ गई थी.

क्रू ने बताया कि उन्होंने चांद की सतह पर उल्कापिंडों के टकराने से होने वाली रोशनी की चमक (फ्लैश) देखी और एक दुर्लभ सूर्य ग्रहण के भी गवाह बने. विक्टर ग्लोवर ने अपने अनुभव को लेकर कहा, "शायद इंसानी आंखें वह सब देखने के लिए विकसित ही नहीं हुई हैं, जो हम देख रहे हैं. इसे बयां करना वाकई बहुत मुश्किल है. यह अद्भुत है."

क्रू का पृथ्वी पर बेसब्री से इंतजार

चांद के चारों ओर चक्कर लगाते हुए इस टीम ने पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. इस मिशन ने 1970 के अपोलो 13 मिशन द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को 6,000 किलोमीटर से अधिक के अंतर से पीछे छोड़ दिया. आर्टेमिस-2 का ओरियन कैप्सूल पृथ्वी से अधिकतम 4,06,771 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचा है, जो अब तक किसी भी मानवयुक्त यान के लिए सबसे लंबी दूरी है.

फिलहाल ओरियन कैप्सूल 'फ्री-रिटर्न प्रक्षेपवक्र' पर सवार होकर सुरक्षित रूप से धरती की ओर बढ़ रहा है. अब दुनिया को शुक्रवार का इंतजार है, जब यह कैप्सूल कैलिफोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन (लैंड) करेगा.

नासा प्रमुख के मुताबिक, यात्रियों को रिसीव करने वाला जहाज बंदरगाह से निकल चुका है. यह मिशन 2028 में होने वाली अगली मून लैंडिंग की नींव रख रहा है, जहां इंसान एक बार फिर चांद की जमीन पर कदम रखेगा.

यह भी पढ़ें: वो 40 मिनट जब Artemis II का पृथ्वी से संपर्क टूट जाएगा... उस वक्त क्या होगा? क्यों रिस्की और अहम होगा वो समय

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com