विज्ञापन
This Article is From Jun 22, 2014

इराक में चरमपंथियों का कुछ और शहरों पर कब्जा, अमेरिका ने एकता का आह्वान किया

इराक में चरमपंथियों का कुछ और शहरों पर कब्जा, अमेरिका ने एकता का आह्वान किया
बगदाद:

इराक में सुन्नी चरमपंथियों ने देश के पश्चिमी हिस्से के कई और इलाकों तथा सीरिया की सीमा से लगी एक क्रॉसिंग पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। दूसरी ओर मतभेदों की खाई को पाटने के मकसद से अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी पश्चिम एशिया पहुंचे हैं।

चरमपंथियों के ताजा हमले के बाद सुरक्षा बल 'रणनीति के तहत' कुछ इलाकों से हटे हैं। इन इलाकों से हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।

'इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड अल शाम' (आईएसआईएस) के चरमपंथियों ने रवा और अना शहरों पर कब्जा कर लिया है। इराकी नागरिकों का कहना है कि चरमपंथियों ने कल अल-कईम क्रॉसिंग पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया।

उधर सरकार ने कहा कि उसके सुरक्षा बल कुछ शहरों से रणनीति के तहत पीछे हटे हैं, जिसके बाद चरमपंथी आगे बढ़े। अब चरमपंथियों का सीरिया से लगे महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान पर भी कब्जा हो गया है।

तिकरित के पूर्व में स्थित अल आलम इलाके में सरकार समर्थक लड़ाकों और सुरक्षा बलों तथा चरमपंथियों के बीच झड़प हुई है। चरमपंथियों ने प्रांतीय गवर्नर की महिला मामलों की सलाहकार की हत्या कर दी।

आईएसआईएस का मकसद इराक और सीरिया को मिलाकर एक इस्लामिक देश की स्थापना करना है। सीरिया में यही संगठन राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह में प्रमुख ताकत है।

वहीं अमेरिका चाहता है कि अरब देश इराक के नेताओं पर दबाव बनाए ताकि वे सरकार गठन की प्रक्रिया को गति दे सकें। इसी साल अप्रैल में इराक में चुनाव हुए थे, लेकिन सरकार के गठन की प्रकिया में मामूली प्रगति हुई है। अमेरिका प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के हटने की मांग पर फिलहाल विराम लगाते हुए कह रहा है कि अपना नेता चुनने का अधिकार इराकी जनता को है।

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को सीएनएन से कहा था, 'हमने इराक को समावेशी लोकतंत्र लाने का मौका दिया है। उन्हें जातीय आधार से ऊपर उठकर अपने बच्चों को बेहतर भविष्य प्रदान करना है।' उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी इराक संकट की पृष्ठभूमि में काहिरा पहुंच गए हैं। उनके इस दौरे का मकसद इराक के अलग अलग धड़ों के नेताओं को एकजुट करना है।

इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनी ने आज कहा कि वह इराक में अमेरिका के दखल के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, 'हम इराक के घरेलू मामले में अमेरिका तथा दूसरों के दखल का कड़ा विरोध करते हैं। वहां दो धड़ों के बीच विवाद है, जिनमें से एक चाहता है कि इराक अमेरिकी खेमे में शामिल हो जाए, जबकि दूसरा चाहता है कि इराक स्वतंत्र राष्ट्र रहे।'

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
इराक, इराक संकट, सुन्नी चरमपंथी, आईएसआईएस, अमेरिका, नूरी अल मलिकी, Iraq, Iraq Crisis, ISIS, America