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'नहीं रुकी बातचीत, एक बार में डील पक्की नहीं होती...' अमेरिका से वार्ता बेनतीजा होने पर ईरान का रिएक्शन

ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है और दोनों पक्ष संवाद जारी रखने के इच्छुक हैं. ईरान का कहना है कि वार्ता की सफलता अमेरिका की स्वीकृति पर निर्भर है, और मतभेद अभी बने हुए हैं.

'नहीं रुकी बातचीत, एक बार में डील पक्की नहीं होती...' अमेरिका से वार्ता बेनतीजा होने पर ईरान का रिएक्शन

Iran-US Peace Talks: इस्लामाबाद में हो रही वार्ता बेनतीजा होने के बाद ईरान ने कहा है कि बातचीत अभी खत्म नहीं हुई है. ईरान सरकार ने आधिकारिक तौर पर उन कयासों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत का दरवाजा बंद हो गया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि 'खेल अभी खत्म नहीं हुआ है' और दोनों पक्ष अभी भी मेज पर बने रहने के इच्छुक हैं. यह बयान उस समय आया है जब वैश्विक स्तर पर इस्लामाबाद वार्ता को 'डेड-एंड' माना जा रहा था.

आगे भी जारी रहेगी बातचीत?

ईरानी प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि दशकों के अविश्वास और हालिया तनाव के बीच यह उम्मीद करना कि एक ही बैठक में सब कुछ सुलझ जाएगा, बेमानी है. बघाई के मुताबिक, तेहरान और वाशिंगटन कई मुद्दों पर राजी हो चुके हैं, हालांकि दो से तीन बेहद अहम मामलों पर अभी भी गहरे मतभेद बरकरार हैं. ईरान ने संकेत दिया है कि वह बातचीत की प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म करने के पक्ष में नहीं है.

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किसी ने नहीं सोचा था एक बार डील पक्की हो जाएगी: ईरानी विदेश मंत्रालय

इस्माइल बघाई ने ईरानी मीडिया से बात करते हुए इस बात को स्वीकार किया कि ये वार्ताएं बेहद कठिन परिस्थितियों में हो रही हैं. उन्होंने कहा, "यह बातचीत 40 दिनों के थोपे गए युद्ध के बाद हुई है. ऐसे में माहौल में अविश्वास और संदेह होना स्वाभाविक है."   

ईरान का मानना है कि इतनी कड़वाहट के बाद एक ही मुलाकात में किसी ऐतिहासिक समझौते की उम्मीद किसी ने नहीं की थी. ईरानी प्रवक्ता ने कहा, "न तो हमने और न ही किसी और ने यह सोचा था कि पहली ही बार में डील पक्की हो जाएगी."

ईरान ने अपनी ओर से स्पष्ट किया है कि वार्ता की सफलता अब पूरी तरह से 'विपक्षी पक्ष' यानी अमेरिका के पाले में है. ईरान का तर्क है कि जब तक अमेरिका ईरान के वैधानिक अधिकारों और उसके हितों को स्वीकार नहीं करता, तब तक किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना मुश्किल होगा.

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