विज्ञापन
This Article is From Jun 04, 2015

भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग दस साल के लिए और बढ़ा

भारत-अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग दस साल के लिए और बढ़ा
भारत और अमेरिका के रक्षा मंत्री रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर करते हुए
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच सामरिक और रक्षा सहयोग दस साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। दिल्ली दौरे पर आए अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्‍टन कार्टर और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस समझौते पर दस्तखत किए।

दोनों देशों के रक्षा मंत्री इस बात से सहमत हो गए हैं कि जेट इंजन, विमानवाहक पोत के डिजाइन और उनके निर्माण सहित दूसरे रक्षा क्षेत्रों में आपसी सहयोग को तेजी से बढ़ाएंगे।

इस बात पर भी सहमति जताई गई है कि दोनों मुल्क मिलकर रक्षा उत्पाद बनाएंगे, जिससे भारत के मेक इन इंडिया क्रायक्रम को भी बल मिलेगा। इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्‍टन कार्टर की आगवानी करने खुद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर आए थे। फिर परंपरागत तौर पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

साफ दिखा कि वक्त के साथ भारत और अमेरिका सामरिक तौर पर कितना करीब आ चुके हैं। बावजूद इसके भारत ने अमेरिका की वह सलाह नहीं मानी, जिसमें दोनों देशों की नौसेना के बीच होने वाले मालाबार अभ्यास में जापान को भी शामिल किया जाए।

दरअसल, भारत अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाना तो चाहता है पर चीन की नाराजगी की कीमत पर नहीं। यही वजह है कि वह अपने कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है। कार्टर का यह दौरा अमेरिका की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें वह अपना ध्यान पश्चिम से पूर्व की ओर कंद्रित करने की कोशिश कर रहा है।

इसका सीधा मतलब है कि चीन की महत्वाकांक्षा पर लगाम कसना। इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से भी मुलाकात की।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
अमेरिका, रक्षा सहयोग, भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग, मनोहर पर्रिकर, एश्‍टन कार्टर, America, India-US Defence Deal, Manohar Parikar, Ashton Carter, Defence Cooperation