भारत और अमेरिका के बीच होने वाले ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लेकर एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है. दोनों देशों के बीच बिजनेस के नए रास्ते खोलने वाली ये डील अब बिल्कुल आखिरी पड़ाव पर है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने साफ कर दिया है कि डील का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब बस औपचारिकताएं बची हैं.
एनडीटीवी ने अमेरिकी राजदूत से पूछा कि आखिर वह 1 प्रतिशत का पेच क्या है जो डील के आड़े आ रही है?
इस पर राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, "हम 99% तक लक्ष्य के करीब पहुंच चुके हैं. अब सिर्फ आखिरी 1% हिस्से पर काम चल रहा है. हम इसे लेकर बेहद सकारात्मक हैं कि यह डील बहुत जल्द पूरी हो जाएगी. यह भारत और अमेरिका दोनों ही देशों के लिए फायदे का सौदा साबित होने वाला है."
सर्जियो गोर का कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 99% पूरा हो चुका है, फिर 1% अड़चन क्या है?
— NDTV India (@ndtvindia) June 3, 2026
भारत में अमेरिकी राजदूत ने NDTV के इस अहम सवाल का जवाब दिया#SergioGor pic.twitter.com/jhXYCb0VzD
आखिर कहां फंसा है 1% का पेच?
जब अमेरिकी राजदूत से सवाल पूछा गया कि अगर 99% काम हो चुका है, तो वह आखिरी 1% का 'स्टॉपर' क्या है जिसकी वजह से डील फाइनल नहीं हो पा रही? इस पर सर्जियो गोर ने स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि जो आखिरी 1% का मामला अटका हुआ है, वह कोई बहुत बड़ा विवाद नहीं है. इसमें मुख्य रूप से तकनीकी कानूनी भाषा और इसे लागू करने की समयसीमा जैसे मुद्दे शामिल हैं.
उन्होंने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में ड्राफ्टिंग और कानूनी शब्दों का बहुत महत्व होता है, इसलिए दोनों पक्ष फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. गोर के मुताबिक, इन वार्ताओं में दोनों पक्षों को थोड़ा-बहुत समझौता करना पड़ता है, क्योंकि तभी एक ऐसा रास्ता निकलता है जिससे दोनों देशों का फायदा हो सके. उन्होंने भारत के बातचीत करने वाले अधिकारियों की जमकर तारीफ की और उन्हें "अद्भुत वार्ताकार" बताया.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ होगी बातचीत
जब अमेरिकी राजदूत से उन खास वस्तुओं या सेक्टर्स के बारे में पूछा गया जिन पर अभी भी बातचीत चल रही है, तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में सार्वजनिक तौर पर ज्यादा कुछ नहीं बता सकता. इस तरह के समझौतों में दोनों तरफ से काफी सारे पॉइंट्स होते हैं, जिन पर बारीक नजर रखनी होती है."
हालांकि, उन्होंने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि कुछ मुद्दे हैं जिन पर अभी चर्चा होनी बाकी है. इसके समाधान के लिए वे बहुत जल्द भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करने वाले हैं.
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