जैसे जैसे इबादत का मुकद्दस माहे रमजान (Ramadan) खत्म होता जा रहा है दुनिया भर के मुसलमान भोर से सांझ तक के एक महीने के रोजों के बाद आने वाली ईद-उल-फितर (Eid ul Fitr 2022) के त्योहार को मनाने की तैयारी में जुटे हैं. ईद पर, मुस्लिम समुदाय के लोग स्थानीय मस्जिद में सामुदायिक नमाज के लिए इकट्ठा होते हैं. द कन्वर्सेशन की रिपोर्ट के अनुसार, सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय में धर्म और राजनीति की सहायक प्रोफेसर ताज़ीन एम अली कहते हैं कि सभी मुसलमान एक धार्मिक समुदाय से संबंध नहीं रखते , और इस्लामी कैलेंडर में पवित्र तिथियां उन मुसलमानों के लिए अलग होती हैं, जो ‘‘बिना मस्जिद'' होते हैं - यानी किसी विशेष मस्जिद समुदाय से संबद्ध नहीं हैं.
यह विशेष रूप से उन मुसलमानों के मामले में हो सकता है जो महिला, गैर-बाइनरी, क्वीर या धर्मान्तरित हैं. दरअसल, अमेरिका और दुनिया भर में अधिकांश मस्जिदें पितृसत्तात्मक स्थान हैं जहां पुरुष मुख्य प्रार्थना क्षेत्र पर काबिज रहते हैं और नेतृत्व की भूमिकाओं पर हावी होते हैं.
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My contribution to @ConversationUS on Muslim community and spaces like the Women's Mosque of America: https://t.co/52ODL3THYZ
— Tazeen M. Ali (@tazeenmali) April 30, 2022
कई मस्जिदों में, महिलाओं को ऐसा दोयम दर्जे का प्रार्थना स्थान दिया जाता है जो आमतौर पर तंग और गैर हवादार होते हैं. जबकि हाल के वर्षों में अमेरिकी मुस्लिम महिलाएं मस्जिद बोर्डों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं, फिर भी उनका प्रतिनिधित्व कम है और धार्मिक शिक्षा तक उनकी सीमित पहुंच है.
हालांकि, मुस्लिम स्थानों की बढ़ती संख्या एक वैकल्पिक संस्कृति प्रदान करती है. मैं जिस एक का अध्ययन कर रही हूं, वह है अमेरिका की महिला मस्जिद, जो लॉस एंजिल्स में केवल महिलाओं के लिए एक बहुजातीय मस्जिद है. यह बर्कले, कैलिफ़ोर्निया और शिकागो से लेकर लंदन, कोपेनहेगन और बर्लिन तक के स्थानों में महिलाओं के नेतृत्व वाली, मिश्रित-लिंग और समलैंगिक-पुष्टि वाली मस्जिदों सहित अन्य वैकल्पिक मस्जिदों की एक छोटी संख्या के साथ मौजूद है.
अमेरिका की महिला मस्जिद क्या है?
अमेरिका की महिला मस्जिद की स्थापना 2015 में दो दक्षिण एशियाई अमेरिकी मुस्लिम महिलाओं - हास्य लेखक एम हसना मजनावी और वकील सना मुत्तलिब ने की थी. इसकी मुस्लिम महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत सामुदायिक मस्जिदों में सक्रिय भूमिका निभाने और मस्जिद संस्कृति में परिवर्तन को प्रभावित करने के लिए सशक्त बनाने के एक स्थान के रूप में कल्पना की गई थी, जहां आम तौर पर महिलाओं का स्वागत नहीं किया जाता है.
मस्जिद मासिक शुक्रवार की नमाज की मेजबानी करती है जहां महिलाएं विशेष रूप से सेवाएं चलाती हैं. एक महिला अज़ान देती है, या नमाज के लिए बुलाती है, जबकि दूसरी धर्मोपदेश देती है और नमाज में शामिल केवल महिला मंडली का नेतृत्व करती है.
फिर भी, जैसा कि मैं अपनी आगामी पुस्तक में देखती हूं, एक अलग तरह के मुस्लिम समुदाय के निर्माण में मस्जिद का योगदान केवल नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की नियुक्ति भर नहीं है, बल्कि वह तरीका है, जिसमें यह विशेष मुद्दों को धार्मिक समुदायों में चिंता के योग्य मानकर उठाती हैं.
उदाहरण के लिए, इस मस्जिद के शीर्ष पर महिलाओं के साथ, धर्मोपदेश इस्लामी धर्मग्रंथों को उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों में महिलाओं के जीवन के अनुभवों से जोड़ने पर केंद्रित है.
विषय यौन हिंसा, तलाक और मातृत्व से लेकर सामाजिक न्याय सक्रियता और ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के समर्थन तक हैं. जैसा कि मैंने समुदाय के सदस्यों के साथ अपने साक्षात्कार में सीखा, मंडली इस प्रकार के उपदेश सुनने के लिए उत्सुक हैं, जिसे वे अपने पारंपरिक मस्जिद समुदायों में नहीं देखते हैं.
अमेरिका की महिला मस्जिद अमेरिकी मुसलमानों को सामूहिक रूप से धार्मिक समुदाय की धारणा को फिर से परिभाषित करने के लिए महत्वपूर्ण सवाल उठाती है कि मस्जिद क्या है और इसे किसके लिए होना चाहिए.
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