राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासन में अमेरिका के अंदर कई इंटरनेशनल स्टूडेंट्स पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है. कईयों को वापस उनके देश भेज दिया गया है तो कईयों को निकालने की तैयारी चल रही है. इसमें भारत के स्टूडेंट भी शामिल हैं और इसमें नया नाम जुड़ा है चिन्मय देवरे का.
भारतीय स्टूडेंट चिन्मय देवरे ने, चीन और नेपाल के तीन अन्य छात्रों के साथ मिलकर अपने स्टूडेंट इमिग्रेशन स्टेट्स को "गैरकानूनी रूप से" समाप्त किए जाने के बाद यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी और इमिग्रेशन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है.
-
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह -
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | भारतीय एविएशन को नई ताकत, GE Aerospace अगले 9–10 साल में देगा 3,200 इंजन -
NDTV World Summit 2026: जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन के राजदूत ने क्या कुछ कहा -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह
उनके अलावा चीन के जियानग्युन बू और किउयी यांग, और साथ ही नेपाल के योगेश जोशी ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर इंफॉर्मेशन सिस्टम (SEVIS) में उनके स्टूडेंट इमिग्रेशन स्टेट्स को "पर्याप्त नोटिस और स्पष्टीकरण के बिना" अवैध रूप से समाप्त कर दिया गया था.
चिन्मय देवरे कौन हैं?
मिशिगन के अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) ने इन छात्रों की ओर से एक मुकदमा दायर किया है. इसमें कहा गया है कि चिन्मय देवरे पहली बार 2004 में H-4 आश्रित वीजा (डिपेंडेंट वीजा) पर अपने परिवार के साथ अमेरिका गए थे. उन्होंने और उनके परिवार ने 2008 में अमेरिका छोड़ दिया. फिर बाद में चिन्मय 2014 में अपने परिवार के साथ अमेरिका लौट आए. मिशिगन में हाई स्कूल पास करने के बाद, उन्होंने H-4 स्थिति के तहत वेन स्टेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया.
वेन स्टेट यूनिवर्सिटी में 21 साल के ग्रेजुएशन स्टूडेंट चिन्मय अगस्त 2021 से वहां कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा है.
दायर किए गए मुकदमे के अनुसार देवरे पर अमेरिका में कभी भी किसी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया या और न उसे किसी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया. तेज गाड़ी चलाने और पार्किंग पर चलान (जिसे उसने तुरंत भर दिया था) के अलावा, उस पर किसी भी नागरिक उल्लंघन, मोटर वाहन कोड उल्लंघन, या आव्रजन कानून उल्लंघन का आरोप नहीं लगाया गया है. वह किसी भी राजनीतिक मुद्दे को लेकर कैंपस में विरोध प्रदर्शन में सक्रिय नहीं रहे हैं.
4 अप्रैल को, वेन स्टेट यूनिवर्सिटी ने चिन्मय देवरे को सूचित किया कि SEVIS में उनका F-1 स्टूडेंट का स्टेट्स समाप्त कर दिया गया है. उन्हें मिले ईमेल में कहा गया है, "हमारे रिकॉर्ड से पता चलता है कि आपका SEVIS आज सुबह समाप्त कर दिया गया है. समाप्ति का कारण- स्टेट्स बनाए रखने में विफल रहना- आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में नाम मिलना और/या उनका वीजा रद्द कर दिया गया है. SEVIS रिकॉर्ड समाप्त कर दिया गया है." इसके अलावा कोई और डिटेल या आरोप नहीं दिया गया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं