
बीजिंग:
चीन की सेना ने अपने अधिकारियों को रक्षा खुफिया सूचनाएं लीक होने से बचाने के लिए सोशल नेटवर्किंग ऐप का इस्तेमाल करते समय चौकन्ना रहने को कहा है।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) डेली ने कहा कि कुछ रिटायर्ड सैनिकों ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप वीचैट पर चैट ग्रुप बनाए हैं और कुछ सेवारत अधिकारी चर्चाओं में शामिल हुए हैं।
हांगकांग स्थित साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट ने पीएलए डेली के हवाले से कहा कि सूचनाओं के आदान प्रदान से खुफिया सैन्य सूचनाएं लीक हो सकती हैं। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी सरकार के नियंत्रण में नहीं है और इसलिए चैट ग्रुप की सीधी निगरानी करना मुश्किल है।
खबर में कहा गया, 'सैन्य अधिकारियों और सैनिकों को सैन्य कर्मचारियों को जाल में फंसाकर खुफिया सूचना हासिल करने के गलत मकसद रखने वाले कुछ लोगों से सतर्क रहना चाहिए।'
अखबार ने सेना से सेवारत सैन्यकमियों के बीच सोशल नेटवर्किंग ऐप के इस्तेमाल पर नियंत्रण मजबूत करने को भी कहा।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) डेली ने कहा कि कुछ रिटायर्ड सैनिकों ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप वीचैट पर चैट ग्रुप बनाए हैं और कुछ सेवारत अधिकारी चर्चाओं में शामिल हुए हैं।
हांगकांग स्थित साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट ने पीएलए डेली के हवाले से कहा कि सूचनाओं के आदान प्रदान से खुफिया सैन्य सूचनाएं लीक हो सकती हैं। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी सरकार के नियंत्रण में नहीं है और इसलिए चैट ग्रुप की सीधी निगरानी करना मुश्किल है।
खबर में कहा गया, 'सैन्य अधिकारियों और सैनिकों को सैन्य कर्मचारियों को जाल में फंसाकर खुफिया सूचना हासिल करने के गलत मकसद रखने वाले कुछ लोगों से सतर्क रहना चाहिए।'
अखबार ने सेना से सेवारत सैन्यकमियों के बीच सोशल नेटवर्किंग ऐप के इस्तेमाल पर नियंत्रण मजबूत करने को भी कहा।
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