लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिन का संघर्ष विराम टूटता हुआ नजर आ रहा है. शुक्रवार सुबह हिज्बुल्ला ने इजराइली सेना पर रॉकेट और ड्रोन दागे.संघर्ष विराम लागू होने के बाद यह पहला हमला था.इसकी जानकारी हिज्बुल्ला ने एक बयान में दी.इसके जवाब में इजरायली सुरक्षा बलों ने दक्षिण लेबनान के बिन्त जेबील, खियाम और हनीन शहर के रिहायशी इलाकों पर बमबारी की है.
हिज्बुल्ला ने कहा है कि उसने इजरायल की ओर से किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन के जवाब में हमला किया. उसने आरोप लगाया है कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में नागरिकों पर हमले किए, उनके घरों और गांवों को नष्ट कर दिया. इस बीच इजराइली अधिकारियों का कहना है कि वो दक्षिणी लेबनान में एक बफर जोन बनाए रखना चाहते हैं. इजराइली सेना ने एक क्षेत्र का नक्शा जारी किया है, जिसे वह अग्रणी रक्षा रेखा कहती है. यह इलाका लेबनान में कई मील तक फैला हुआ है. इसमें कई गांव शामिल हैं जिनके निवासियों को लौटने की अनुमति नहीं दी गई है.
अमेरिका-ईरान समझौते में लेबनान पर फंसा पेंच
लेबनान और इजरायल के अधिकारियों ने अमेरिका की मध्यस्थता में 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा की थी. दोनों देशों के अधिकारी 25 साल में पहली बार अमेरिका में मिले थे. यह घोषणा 16 अप्रैल को जारी की गई थी. ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम में लेबनान टकराव का बिंदु बन गया था. अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की थी. लेकिन इसके बाद से इजरायल ने लेबनान पर हमला जारी रखा.
इस मामले में ईरान और मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना था कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा है. जबकि अमेरिका और इजरायल इससे इनकार कर रहे थे. ईरान ने लेबनान में हमले रुके बिना किसी वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया था. इसके आगे झुकते हुए इजरायल और लेबनान के अधिकारी अमेरिका में मिले थे. लंबी वार्ता के बाद 10 दिन के एक युद्धविराम की घोषणा की थी.
अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध विराम की समय सीमा बुधवार को खत्म हो रही थी. लेकिन इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अनिश्चितकाली युद्धविराम की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि इस युद्ध विराम की घोषणा उन्होंने पाकिस्तान के अनुरोध पर किया है. उनका कहना है कि ईरान की ओर से कोई सकारात्मक प्रस्ताव मिलने तक यह युद्धविराम जारी रहेगा.
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