अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के हाथ में ऐसा 'लाल खजाना' है जो दुनिया के बड़े से बड़े देशों के पास नहीं है. हम बात कर रहे हैं केसर की जो दुनिया का सबसे महंगा मसाला है. अफगानिस्तान दुनिया के कुल केसर उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत अकेले उत्पादन करता है. टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार लगातार दसवें साल अफगानिस्तान के हेरात प्रांत के केसर को 'इंटरनेशनल टेस्ट इंस्टीट्यूट' ने दुनिया के सबसे अच्छी क्वालिटी वाले केसर का दर्जा दिया है. वैसे एक बात और खास है कि भले ईरान 90 प्रतिशत केसर का उत्पादन करता हो और उसके हेरात प्रांत में उगाया जाने वाले केसर सबसे अच्छी क्वालिटी का हो, लेकिन उसकी तुलना में कश्मीर में उगने वाली केसर की कीमत अधिक होती है.
'खुरासान का मोती' कहा जाता था हेरात
हेरात अफगानिस्तान का एक बेहद महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक और दूसरों की तुलना में समृद्ध पश्चिमी प्रांत है. यह अपनी अनूठी भौगोलिक स्थिति, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और व्यापारिक महत्व के कारण जाना जाता है. हेरात को मध्य काल में 'खुरासान का मोती' कहा जाता था. इस प्रांत का एक बड़ा हिस्सा अपेक्षाकृत समतल और मैदानी है. लेकिन इसके पूर्वी हिस्से में हिंदू कुश पर्वतमाला की पश्चिमी शाखाएं आती हैं. यहां से हरी नदी बहती है, जिसके किनारे की घाटी बेहद उपजाऊ है. ऐसे ही उपजाऊं जमीन पर केसर उगता है.
हेरात के केसर को फिर मिला बेस्ट का अवॉर्ड
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार बेल्जियम के ब्रुसेल्स में दुनिया की सबसे अच्छी क्वालिटी वाली केसर चुनने के लिए एक कंपटीशन हुआ. इसमें अफगानिस्तान, ईरान, स्पेन और ग्रीस शामिल थे. रिपोर्ट के अनुसार हेरात की एक केसर कंपनी के प्रमुख जलील अहमद मलेकी ने बताया, "इंटरनेशनल टेस्ट इंस्टीट्यूट हर साल केसर उत्पादक देशों से सैंपल मंगाता है. इन सैंपलों की जांच और मूल्यांकन के बाद, संस्थान तय करता है कि किसकी क्वालिटी सबसे अच्छी है. इस प्रतियोगिता में अन्य देश भी शामिल थे, लेकिन सौभाग्य से, हमने पहला स्थान हासिल किया."
केसर और भारत
केसर का वैज्ञानिक नाम क्रॉकस सैटिवास एल है और यह एक मजबूत जड़ी बूटी है जो आइरिस परिवार (इरिडेसी कुल) से संबंधित है. यह दुनिया का सबसे महंगा मसाला है. यह अपने सुगंध और रंग के लिए जाना जाता है और इसका उपयोग स्वाद बढ़ाने, रंग औषधि और औषधीय एवं औषधीय उपकरणों में किया जाता है. केसर का रंग, स्वाद और सुगंध मुख्य रूप से क्रोसिन, पिक्रोक्रोसिन और सैफ्रानल के कारण होते हैं. क्रोसिन की उच्च मात्रा और समृद्ध सुगंध के कारण कश्मीरी केसर विश्व भर में प्रसिद्ध है और स्पेन या ईरान से प्राप्त केसर की तुलना में इसकी कीमत अधिक होती है.
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