- दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को आईएएस सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने का फैसला किया है
- दिव्या मित्तल के छानबे विधानसभा क्षेत्र से 2027 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की चर्चा
- छानबे विधानसभा क्षेत्र में पिछले साठ वर्षों में कोई भी निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल नहीं हुआ है
दिव्या मित्तल अब आईएएस से विधायक बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में दिव्या मित्तल किस पार्टी के टिकट पर और कहां से चुनाव लड़ेंगी, इसका जवाब मिलना अभी बाकी है. मगर उत्तर प्रदेश से दिल्ली तक के सियासी गलियारों में फिलहाल चर्चा यह है कि दिव्या मित्तल मिर्जापुर जिले के छानबे विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ सकती हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा छानबे सीट से उनके चुनाव लड़ने का दावा तत्थ्यात्मक रूप से सही नहीं है. क्योंकि छानबे सीट एससी के लिए आरक्षित है जबकि दिव्या मित्तल सामान्य श्रेणी में आती हैं.
उत्तर प्रदेश कैडर में आईएएस रहीं दिव्या मित्तल के राजनीति में एंट्री के ऐलान के साथ उनका वॉट्सएप अस्थायी रूप से ब्लॉक हो गया है, जिसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की है. दिव्या मित्तल ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि "मेरे वीडियो को आप सभी ने जो प्यार और समर्थन दिया है, उसके लिए दिल से धन्यवाद. आपके संदेशों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि वॉट्सएप अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है. आपकी बात मुझ तक जरूर पहुंचे, इसके लिए यह गूगल फॉर्म बनाया है, जिसका लिंक कमेंट में शेयर कर रही हूं. असुविधा के लिए क्षमा चाहती हूं. नंबर चालू होते ही सूचित करूंगी."
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और देवरिया की डीएम रहीं दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को आईएएस पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 29 सितंबर की सुबह उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि वे लोगों की आवाज उठाने के लिए राजनीति में आना चाहती हैं. उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि रही है और वे यहीं से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी. साथ ही उन्होंने अपना नंबर शेयर करते हुए लोगों से अपने इस्तीफे और आगामी कदम के बारे में सवाल पूछने को भी कहा था. इसी वजह से उनके वॉट्सएप नंबर पर बड़ी संख्या में संदेश आए, जिसके चलते वॉट्सएप अस्थायी रूप से ब्लॉक हो गया.
दिव्या मित्तल कौन हैं?
23 नवंबर 1983 को जन्मीं दिव्या मित्तल दिल्ली की रहने वाली हैं. ये दो बार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर चुकी हैं. यूपीएससी 2011 में ऑल इंडिया लेवल पर 134वीं रैंक हासिल करके आईपीएस बनीं और यूपीएससी 2012 में 68वीं रैंक पाई. इनको बतौर आईएएस उत्तर प्रदेश कैडर मिला. दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह 2011 बैच के इंडियन ट्रेड सर्विस के अधिकारी रहे हैं. साल 2022 में गगनदीप सिंह ढिल्लों ने भी इस्तीफा दे दिया था. सिविल सेवा जॉइन करने से पहले दोनों ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की. मीडिया की खबरों के अनुसार, कुछ साल पहले गगनदीप सिंह ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताया था कि उन्होंने साल 2005 में दिव्या मित्तल को प्रपोज किया था. उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद दोनों ने लंदन में साथ में जॉब की और भारत लौटकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की. इनकी दो बेटियां हैं.
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