- मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने यादव समाज के खिलाफ विवादित बयान देते हुए उन्हें दंगा और हक लूटने वाला बताया
- समाजवादी पार्टी और भाजपा ने राजभर के आरोपों की आलोचना करते हुए यादव समाज के वीरता और बलिदान को याद दिलाया
- सपा प्रवक्ता अशोक यादव ने राजभर को रेजांगला युद्ध के इतिहास को देखने की सलाह दी
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के विवादित बयानों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. राजभर द्वारा यादव समाज के प्रति आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल के बाद समाजवादी पार्टी और भाजपा की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.
क्या कहा था राजभर ने?
बलिया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने यादवों पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, "दंगा करना और हक लूटना ही इनका काम है." उन्होंने आरोप लगाया कि यादव समाज के लोग पहले मुगलों और फिर अंग्रेजों की सेना में शामिल होकर पिछड़ों और दलितों का दमन करते थे और यह सिलसिला आज भी जारी है. उन्होंने बाराबंकी में राजभर समाज के व्यक्ति की हत्या और मऊ में एक बेटी की हत्या का सीधा आरोप यादवों पर मढ़ते हुए कहा कि वे केवल दंगा करना और दूसरों का हक छीनना जानते हैं. साथ ही, अखिलेश यादव के स्मार्ट मीटर और EVM संबंधी बयानों पर तंज कसते हुए राजभर ने उन्हें केवल 'प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्विटर' का नेता करार दिया.
राजभर को रेजांगला युद्ध का इतिहास देखना चाहिए: सपा
सपा प्रवक्ता अशोक यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि पूरे यादव समाज पर टिप्पणी करने से पहले ओम प्रकाश राजभर को कम से कम एक बार रेजांगला युद्ध का इतिहास जरूर देख लेना चाहिए. उस युद्ध में यादव वीरों ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाई और सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि आज भी शहीद होने वाले सैनिकों में यादव समाज के लोगों की संख्या सर्वाधिक रहती है. वर्तमान में भी यादव समाज स्वयं का नुकसान उठाकर पूरे PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग को वर्चस्ववाद और सामंतवाद के प्रकोप से बचाने का काम कर रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी यह अच्छी तरह जानती है कि जिस दिन वह यादव समाज को कमजोर कर देगी, उस दिन पूरे प्रदेश पर उसका वर्चस्व कायम हो जाएगा. इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए ओम प्रकाश राजभर भाजपा के 'एजेंट' के रूप में काम कर रहे हैं. उन्होंने गांव की एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा, "कीचड़ में कंकड़ मारो तो छींटे अपने ही कपड़ों पर आते हैं," इसलिए हम उनकी स्तरहीन बातों पर ध्यान नहीं देते.
सपा का अनुभव बता रहे हैं राजभर: भाजपा
भाजपा ने हरीशचंद्र श्रीवास्तव ने इस मामले पर कहा कि ओम प्रकाश राजभर पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में रह चुके हैं. सपा को लेकर उनका जो भी अनुभव रहा है, वही जानकारी वे जनता के सामने रख रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भाजपा की नीतियों से प्रभावित होते हैं, वे साथ आते हैं क्योंकि पार्टी का एकमात्र लक्ष्य जनता की समृद्धि और विकास है.

ओपी राजभर की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा.
राजभर की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा
विवादों के बीच सुभासपा को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद्र कश्यप ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के तुरंत बाद उन्होंने बिहार के मुकेश सहनी की 'विकासशील इंसान पार्टी' (VIP) जॉइन कर ली. कश्यप के इस फैसले को पूर्वांचल की राजनीति में राजभर वोट बैंक के समीकरणों में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
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