UP PCS Officer Lalit Kumar: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजिलेंस विभाग ने रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर बड़ी छापेमारी की. करीब 26 घंटे तक चली इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में सोना, चांदी, नकदी और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए. विजिलेंस के अनुसार बरामद संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है.
आय से अधिक संपत्ति की जांच
ललित कुमार उत्तर प्रदेश पीसीएस 2014 बैच के अधिकारी रहे हैं और आगरा में ARTO के पद पर भी तैनात रह चुके हैं. विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी. शिकायत के आधार पर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से अनुमति मिलने के बाद उनकी आय, खर्च और संपत्तियों का विस्तृत परीक्षण किया गया.
जांच में पाया गया कि उनकी कुल वैध आय लगभग 93.26 लाख रुपये थी जबकि विभिन्न संपत्तियों की खरीद, रखरखाव और अन्य मदों पर करीब 1.61 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इस तरह उनकी आय की तुलना में लगभग 68.66 लाख रुपये अधिक खर्च पाए गए.
घर के अलग-अलग हिस्सों से मिली नकदी
विजिलेंस टीम 7 जुलाई को अदालत से तलाशी वारंट लेकर लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में पहुंची थी. तलाशी के दौरान घर के कई हिस्सों में पैकेटों में छिपाकर रखी गई करीब 1.62 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई. अधिकारियों के अनुसार यह रकम दीवारों और कमरों में अलग-अलग स्थानों पर छिपाई गई थी.
सोना-चांदी और कीमती गहनों का जखीरा
छापेमारी के दौरान टीम को भारी मात्रा में बहुमूल्य धातुएं और आभूषण भी मिले. विजिलेंस के अनुसार करीब 13 किलो सोना, लगभग 9 किलो चांदी, हीरे और अन्य कीमती पत्थरों से बने गहने बरामद किए गए हैं. इनकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई है. बरामदगी की मात्रा ने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया.
कई शहरों में संपत्तियों के दस्तावेज मिले
तलाशी के दौरान लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में स्थित मकानों, फ्लैटों, प्लॉटों और कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए. अधिकारियों के मुताबिक 15 से अधिक संपत्तियों के कागजात मिले हैं. इनमें लखनऊ के अलीगंज, वृंदावन योजना, इस्माइलगंज, मोहनलालगंज और बालकगंज क्षेत्रों की संपत्तियां भी शामिल हैं. इन अचल संपत्तियों की कीमत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई है.
विजिलेंस टीम को मिला सम्मान
इस कार्रवाई को विजिलेंस की बड़ी सफलता माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार छापेमारी में मिली बड़ी बरामदगी के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने विजिलेंस टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है. फिलहाल बरामद संपत्तियों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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