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रोज डांटती थी इसलिए मार दिया; कैसे टूटी चूड़ी से पकड़ी गई नौकरानी, महोबा हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी

Mahoba Murder News: महोबा के खोया मंडी इलाके में 25 फरवरी की रात हुई 65 वर्षीय किरन पुरवार की हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया था. किराना व्यापारी संतोष पुरवार अपनी पत्नी किरन के साथ अकेले रहते हैं.

रोज डांटती थी इसलिए मार दिया; कैसे टूटी चूड़ी से पकड़ी गई नौकरानी, महोबा हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी
mahoba murder news
  • महोबा में 25 फरवरी को किरन पुरवार हत्याकांड का रहस्य सुलझा, नौकरानी और बेटा निकले कातिल
  • हत्या का मुख्य सुराग घर में मिली टूटी हुई कांच की चूड़ी का टुकड़ा था जो नौकरानी आशा की चूड़ियों से मेल खाता था
  • मृतका किरन पुरवार पैरालिसिस की मरीज थीं और अपनी नौकरानी आशा पर पूरी तरह निर्भर थीं
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महोबा:

यूपी के महोबा में बीते 25 फरवरी को हुई किरन पुरवार की हत्या का खुलासा हो गया है. पुलिस ने बुजुर्ग महिला का खून करने वाले कातिल का पता लगा लिया है. इस मर्डर के पीछे कोई और नहीं बल्कि बरसों पुरानी नौकरानी और उनका बेटा था. महज एक टूटी हुई चूड़ी के टुकड़े ने कातिलों का राज खोल दिया. पुलिस ने आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. 

क्या थी पूरी घटना,जानिए

महोबा के खोया मंडी इलाके में 25 फरवरी की रात हुई 65 वर्षीय किरन पुरवार की हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया था. किराना व्यापारी संतोष पुरवार अपनी पत्नी किरन के साथ अकेले रहते हैं. मृतका के पति संतोष पुरवार जब अपनी किराने की दुकान से लौटे, तो पत्नी का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस, एसओजी और फोरेंसिक समेत चार टीमों का गठन किया.

तो ऐसे रची हत्या की साजिश

जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लगा जिसने पूरी कहानी बदल दी. घटनास्थल पर पुलिस को कांच की चूड़ी का एक छोटा सा टुकड़ा मिला था. जब घर में काम करने वाली नौकरानी आशा रैकवार की चूड़ियों से उसका मिलान किया गया, तो वह हूबहू मेल खा गया. यही वो मास्टर क्लू था जिसने पुलिस को कातिलों तक पहुंचाया.​सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मृतका किरन पुरवार पैरालिसिस की मरीज थीं और पूरी तरह अपनी नौकरानी आशा पर निर्भर थीं. पूछताछ में खुलासा हुआ कि किरन अक्सर काम में लापरवाही पर आशा को टोकती थीं और कभी-कभी गाली-गलौच व भद्दे शब्दों का इस्तेमाल करती थीं. बार-बार के इस अपमान से परेशान होकर आशा ने अपने 27 वर्षीय बेटे सोनू के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.

 25 फरवरी की रात जब घर में कोई नहीं था, तब मां-बेटे ने तकिए से मुंह दबाकर किरन की बेरहमी से हत्या कर दी वारदात को लूट का रूप देने के लिए उन्होंने मृतका के कानों के टॉप्स भी निकाल लिए, लेकिन कानून के हाथ से वो बच नहीं सके.फोरेंसिक साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी मां-पुत्र को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. 

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