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This Article is From Apr 04, 2018

यूपी में अब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे स्‍कूल, योगी सरकार ने इस प्रस्‍ताव को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

यूपी में अब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे स्‍कूल, योगी सरकार ने इस प्रस्‍ताव को दी मंजूरी
सीएम योगी आदित्‍यनाथ की फाइल फोटो
  • स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नकेल कसने का फ़ैसला लिया गया
  • निजी स्कूल हर साल 7-8 फीसदी से ज़्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते
  • 12वीं तक एक ही बार एडमिशन फ़ीस ली जा सकेगी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सरकार का दावा है कि इस विधेयक के अमल में आने के बाद निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी. उप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने पत्रकारों को इसकी जानकारी दी. 

यूपी में कैबिनेट की बैठक में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नकेल कसने का फ़ैसला लिया गया. ये प्रस्ताव पास हुआ कि निजी स्कूल हर साल 7-8 फीसदी से ज़्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते. साथ ही 12वीं तक एक ही बार एडमिशन फ़ीस ली जा सकेगी.

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शर्मा ने बताया कि विद्यालय के शुल्क लेने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और कोई भी स्कूल सिर्फ चार तरह से ही शुल्क ले सकेंगे, जिसमें विवरण पुस्तिका शुल्क, प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और संयुक्त वार्षिक शुल्क शामिल है.

उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, अगर कोई वैकल्पिक सुविधा जैसे वाहन, होस्टल, भ्रमण व कैंटीन की सुविधा लेता है, तभी शुल्क देना होगा. हर तरह के शुल्क की रसीद देना स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि इन नियमों के दायरे में सीबीएससी और आईसीएससी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों को भी लिया गया है. साथ ही कोई भी स्कूल बच्चों की ड्रेस में पांच वर्ष तक बदलाव नहीं कर सकेगा और न ही जूते-मोजे किसी दुकान से लेने के लिए बाध्य कर सकेगा.

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शर्मा ने बताया कि निजी विद्यालय में किसी भी कमर्शियल कार्य से जो आय होगी, उसे विद्यालय की आय माना जाएगा. सरकार के इन फैसलों से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि ऊर्जा विभाग की परीक्षा नियमावाली में संशोधन को लेकर एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. प्रस्ताव के मुताबिक, सहायक अभियंता की परीक्षा में अब साक्षात्कार 250 अंकों की बजाय केवल 100 अंकों का होगा, जबकि लिखित परीक्षा 750 अंकों का ही होगा. 

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उप्र विधानसभा एवं विधान परिषद के सत्रावसान संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है.
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