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This Article is From Feb 06, 2020

आर्थिक सर्वे करने गांव में गई थी टीम, NRC वाले समझकर गांववालों ने की हाथापाई

DM रमाकांत पांडे ने संपर्क किए जाने पर कहा, 'अगर टीमों को किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो हम उसे ठीक करेंगे. आर्थिक जनगणना में किसी भी प्रकार की बाधा सहन नहीं की जाएगी.'

आर्थिक सर्वे करने गांव में गई थी टीम, NRC वाले समझकर गांववालों ने की हाथापाई
प्रतीकात्मक तस्वीर
  • उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आर्थिक गणनाकारों की एक टीम के साथ हाथापाई
  • सीएए और एनआरसी को लेकर डरे हुए हैं लोग
  • सरकारी अधिकारियों को जनता की ओर से कड़े विरोध का सामना कर पड़ रहा है
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बिजनौर:

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर डर इस कदर मज़बूत हो चुका है कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में आर्थिक गणनाकारों की एक टीम के साथ कथित रूप से हाथापाई की गई, और उन्हें जनता की ओर से कड़े विरोध का सामना कर पड़ रहा है. बुधवार को बिजनौर में आर्थिक गणनाकारों की एक टीम ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) को खत लिखकर उन दिक्कतों के बारे में बताया है, जिनका सामना जिले के कुछ हिस्सों में 'गलत जानकारी की वजह से' उन्हें करना पड़ रहा है. DM रमाकांत पांडे ने संपर्क किए जाने पर कहा कि उन्होंने संबद्ध विभाग से समय पर काम पूरा करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा, "अगर टीमों को किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो हम उसे ठीक करेंगे... आर्थिक जनगणना में किसी भी प्रकार की बाधा सहन नहीं की जाएगी..."

जिला आर्थिक एवं सांख्यिकी अधिकारी हरेंद्र मलिक ने कहा, "हमारी टीमों को अल्पसंख्यक-बहुल इलाकों में विरोध का सामना करना पड़ा रहा है, क्योंकि लोग इसे NRC से जोड़ रहे हैं... टीम के कुछ सदस्यों के साथ हाथापाई की गई..." हरेंद्र मलिक ने बताया, "अब हमने ग्राम प्रमुखों तथा निगमाध्यक्षों से सर्वे करने तथा लोगों को समझाने में हमारी टीमों की मदद करने के लिए कहा है... हमारी टीमें उन्हें समझाने के प्रयास कर रही हैं कि यह रूटीन काम है, जो सालों से होता आ रहा है... इसका NRC या CAA से कोई लेना-देना नहीं है..." 

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उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करने की योजना बना रहे हैं, जिनमें ग्राम प्रमुख तथा निगमाध्यक्ष भी शामिल होंगे, ताकि वे इस कन्फ्यूज़न को दूर कर सकें. सातवीं आर्थिक जनगणना की शुरुआत DM रमाकांत पांडे ने 6 फरवरी को की. लगभग 3,000 गणनाकार तथा 569 सुपरवाइज़रों ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की निगरानी में काम शुरू किया. यह काम 31 मार्च से पहले खत्म हो जाने की आशा है. आर्थिक गणनाकारों की टीमों को जिन इलाकों में विरोध का सामना करना पड़ा, उनमें नजीबाबाद ब्लॉक का कल्हारी गांव, मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक का अमीपुर नारायण गांव, द्वारका ब्लॉक का अनीसा नंगली गांव तथा जलीलपुर ब्लॉक का मिर्ज़ापुर बेल्ला गांव शामिल हैं.

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