(फाइल फोटो)
- 21 सितंबर को कला संकाय की एक छात्रा के साथ तीन लड़कों ने छेड़खानी की थी.
- 23 सितंबर को छात्राओं का प्रदर्शन उग्र हो गया.
- रेखा ने कहा कि वह पता लागाएंगी कि लाठीचार्ज क्यों किया गया.
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वाराणसी:
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि काशी हिंदू विश्व विद्यालय (बीएचयू) में पिछले दिनों छात्राओं ने जो आंदोलन किया था, उसे बाहरी तत्वों ने 'हाइजैक' कर लिया था. मामले की जांच करने बीएचयू पहुंचीं रेखा शर्मा ने अगले दिन शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि छात्राओं का प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा था. उनके पास कई मुद्दे थे, लेकिन ऐन मौके पर पहुंचे बाहरी तत्वों ने प्रदर्शन को हाइजैक कर लिया और हिंसा भड़का दी.
उन्होंने कहा कि मदन मोहन मालवीय की मूर्ति पर कालिख नहीं पोती गई थी. लड़कियों पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज भी निंदनीय है. लेकिन ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि कुछ बाहरी तत्व प्रदर्शन में शामिल हो गए थे और हिंसा भड़काने लगे थे.
यह भी पढ़ें : BHU में बवाल: रिटायरमेंट से पहले ही कुलपति की विदाई तय, सरकार ने शुरू की नए वीसी की खोज
रेखा ने कहा, 'हॉस्टल में कुछ लड़के अवैध रूप से रह रहे हैं. मैंने लड़कियों से कहा कि उन्हें चिन्हित करें और उनकी लिस्ट बनाएं. उस लिस्ट को एसएसपी को देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी.' राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि परिसर में नवीन होस्टल के पास स्थिति बहुत ही भयावह है. विश्वविद्यालय प्रशासन से नवीन होस्टल के बाहर सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है. इसके अलावा कैंपस में स्पेशल सीसीटीवी कैमरा लगा दिए गए हैं. जल्द ही हाईटेक कैमरे भी लग जाएंगे.
बीएचयू परिसर में 21 सितंबर को कला संकाय की एक छात्रा के साथ तीन लड़कों ने छेड़खानी की थी. छात्राओं ने इस घटना की शिकायत वार्डन और चीफ प्रॉक्टर से की, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. 22 सितंबर की सुबह छात्राओं ने धरना शुरू किया. वे जब कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी से मिलने उनके बंगले की तरफ बढ़ीं, तब उन्हें रोकने में नाकाम पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्राएं घायल हो गईं. लाठीचार्ज के विरोध में 23 सितंबर को छात्राओं का प्रदर्शन उग्र हो गया. बनारस के कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में हिंसा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था.
रेखा ने कहा कि वह पता लागाएंगी कि लाठीचार्ज क्यों किया गया और किसके आदेश पर किया गया. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी. वह जांच रिपोर्ट केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और प्रदश सरकार को सौंपेंगी.
VIDEO : BHU हंगामा: छुट्टियों के बाद यूनिवर्सिटी में लौटी रौनक
उल्लेखनीय है कि बीएचयू परिसर में 21 सितंबर की घटना के 14 दिन बाद गुरुवार को ऐसी ही एक और घटना सामने आई थी. परिसर में रेखा शर्मा की मौजूदगी में ही एमए (लोक प्रशासन) के एक छात्र ने परास्नातक की एक छात्रा को कक्षा से बाल पकड़कर खींचते हुए बाहर लाया, उसे पीटा और उसका माबाइल जमीन पर पटक दिया. दोनों में तीन साल से दोस्ती थी, कुछ फोटोग्राफ को लेकर विवाद हुआ था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा कि मदन मोहन मालवीय की मूर्ति पर कालिख नहीं पोती गई थी. लड़कियों पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज भी निंदनीय है. लेकिन ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि कुछ बाहरी तत्व प्रदर्शन में शामिल हो गए थे और हिंसा भड़काने लगे थे.
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रेखा ने कहा, 'हॉस्टल में कुछ लड़के अवैध रूप से रह रहे हैं. मैंने लड़कियों से कहा कि उन्हें चिन्हित करें और उनकी लिस्ट बनाएं. उस लिस्ट को एसएसपी को देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी.' राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि परिसर में नवीन होस्टल के पास स्थिति बहुत ही भयावह है. विश्वविद्यालय प्रशासन से नवीन होस्टल के बाहर सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है. इसके अलावा कैंपस में स्पेशल सीसीटीवी कैमरा लगा दिए गए हैं. जल्द ही हाईटेक कैमरे भी लग जाएंगे.
बीएचयू परिसर में 21 सितंबर को कला संकाय की एक छात्रा के साथ तीन लड़कों ने छेड़खानी की थी. छात्राओं ने इस घटना की शिकायत वार्डन और चीफ प्रॉक्टर से की, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. 22 सितंबर की सुबह छात्राओं ने धरना शुरू किया. वे जब कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी से मिलने उनके बंगले की तरफ बढ़ीं, तब उन्हें रोकने में नाकाम पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्राएं घायल हो गईं. लाठीचार्ज के विरोध में 23 सितंबर को छात्राओं का प्रदर्शन उग्र हो गया. बनारस के कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में हिंसा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था.
रेखा ने कहा कि वह पता लागाएंगी कि लाठीचार्ज क्यों किया गया और किसके आदेश पर किया गया. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी. वह जांच रिपोर्ट केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और प्रदश सरकार को सौंपेंगी.
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उल्लेखनीय है कि बीएचयू परिसर में 21 सितंबर की घटना के 14 दिन बाद गुरुवार को ऐसी ही एक और घटना सामने आई थी. परिसर में रेखा शर्मा की मौजूदगी में ही एमए (लोक प्रशासन) के एक छात्र ने परास्नातक की एक छात्रा को कक्षा से बाल पकड़कर खींचते हुए बाहर लाया, उसे पीटा और उसका माबाइल जमीन पर पटक दिया. दोनों में तीन साल से दोस्ती थी, कुछ फोटोग्राफ को लेकर विवाद हुआ था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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