फाइल फोटो
- सदर तहसील में में मारा गया था छापा
- 6 लोग सरकारी कर्मचारियों की जगह काम कर रहे थे
- शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:
उत्तर प्रदेश के मेरठ मंडल के आयुक्त डॉ.प्रभात कुमार ने आज सदर तहसील में छापा मारकर यहां काम कर रहे पांच प्राइवेट कर्मचारियों और नाजिर को रंगे हाथ पकड़ा. ये पांच लोग तहसील में सरकारी कर्मचारियों के लिये गैरकानूनी ढंग से काम कर रहे थे. कमिश्नर के निर्देश पर दर्ज की गयी एफआईआर के बाद दिल्ली गेट थाना पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार अभियुक्तों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा. आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि उनको शिकायतकर्ता राजकुमार द्वारा नायब नाजिर की कारगुजारियों व नायब नाजिर सदर तहसील व अन्य कर्मचारियों द्वारा प्राईवेट लोग रखकर उनसे शासकीय कार्य कराने की शिकायत प्राप्त हुई. जिसकी जांच उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन, एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार से करवाई लेकिन सभी जांच आख्याओं में शिकायत झूठी पायी गयी. जिस पर उन्होंने प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए सर्विलेंस कर जांच करायी जिसमें प्रकरण सही पाया गया.
यह भी पढ़ें : यूपी में मुठभेड़ में हथियारों के दो तस्कर गिरफ्तार, 92 तमंचे के बरामद
आयुक्त ने बताया कि तहसील सदर में छापे के दौरान पांच प्राईवेट कर्मचारी सरकारी कार्य करते हुए पाये गये. पकड़े गये अभियुक्तों में संजय, नितिन, रिजवान, आशु व मुकेश कुमार ने अपना जुर्म कुबूल किया. आयुक्त ने बताया कि नायब नाजिर सदर तहसील रण सिंह को भी अभियुक्तों के साथ कमिश्नरी लाया गया तथा सभी के बयान दर्ज कराकर व एफआईआर कराई गयी. आयुक्त के समक्ष संजय ने बताया कि वह पेशकार आकाश के लिये काम करते है, नितिन ने बताया कि वह नायब नाजिर सदर तहसील के लिये काम करते है, रिजवान ने बताया कि वह तहसीलदार न्यायायिक के पेशकार के लिये काम करता है, आशु ने बताया कि नायब नाजिर सदर तहसील के ड्राइवर का कार्य करता है तथा मुकेश कुमार ने बताया कि वह आरसी बाबू के लिये कार्य करता है.
Video : पीएससी की भर्ती पर जांच का साया
आयुक्त ने बताया कि जिन शासकीय कर्मियों के लिए यह लोग कार्य करते है उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जाएगी. कर्मचारियों के पक्ष में कलैक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी आयुक्त के समक्ष अपने स्तर से कार्यवाही करने के लिए पहुंचे लेकिन आयुक्त ने उनको समझाकर वापस भेज दिया.
इनपुट : भाषा
यह भी पढ़ें : यूपी में मुठभेड़ में हथियारों के दो तस्कर गिरफ्तार, 92 तमंचे के बरामद
आयुक्त ने बताया कि तहसील सदर में छापे के दौरान पांच प्राईवेट कर्मचारी सरकारी कार्य करते हुए पाये गये. पकड़े गये अभियुक्तों में संजय, नितिन, रिजवान, आशु व मुकेश कुमार ने अपना जुर्म कुबूल किया. आयुक्त ने बताया कि नायब नाजिर सदर तहसील रण सिंह को भी अभियुक्तों के साथ कमिश्नरी लाया गया तथा सभी के बयान दर्ज कराकर व एफआईआर कराई गयी. आयुक्त के समक्ष संजय ने बताया कि वह पेशकार आकाश के लिये काम करते है, नितिन ने बताया कि वह नायब नाजिर सदर तहसील के लिये काम करते है, रिजवान ने बताया कि वह तहसीलदार न्यायायिक के पेशकार के लिये काम करता है, आशु ने बताया कि नायब नाजिर सदर तहसील के ड्राइवर का कार्य करता है तथा मुकेश कुमार ने बताया कि वह आरसी बाबू के लिये कार्य करता है.
Video : पीएससी की भर्ती पर जांच का साया
आयुक्त ने बताया कि जिन शासकीय कर्मियों के लिए यह लोग कार्य करते है उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जाएगी. कर्मचारियों के पक्ष में कलैक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी आयुक्त के समक्ष अपने स्तर से कार्यवाही करने के लिए पहुंचे लेकिन आयुक्त ने उनको समझाकर वापस भेज दिया.
इनपुट : भाषा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं