मदरसे में स्वतंत्रता दिवस मनाते बच्चे.
- वीडियोग्राफ़ी करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ख़ुद मौजूद रही.
- मदरसे में पहले झंडा फ़हराया गया फिर राष्ट्रीय गान भी गाया गया.
- वीडियोग्राफी कराकर जिले के अल्पसंख्यक अधिकारी को सौंपने का निर्देश था.
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लखनऊ:
उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 अगस्त को प्रदेश के सभी मदरसों में राष्ट्रगान गाने, तिरंगा लहराने और इनके समेत दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी करने के सर्कुलर जारी किया था. इसकी मिली जुली प्रतिक्रिया रही ज़्यादातर मदरसों ने आदेश का पालन किया. वहीं, बरेली मसरख़ के 150 मदरसों ने सर्कुलर का पालन करने से मना कर दिया था. दादरी के मदरसा फ़ैज़ ए आम में पढ़ने वाले बच्चों ने मदरसे में पहले झंडा फ़हराया फिर राष्ट्रीय गान भी गाया. यहां पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफ़ी करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ख़ुद मौजूद रही.
मदरसा संचालक क़ारी मुस्तफ़ा का कहना है कि वे हर साल ऐसा करते आए हैं पर ऐसे सुबूत मांगना ग़लत है.
यह भी पढ़ें : Independence day : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली पुलिस के 21 जवानों को वीरता पुरस्कार
दादरी के मदरसा फ़ैज़ ए आम के क़ारी मुस्तफ़ा ने कहा कि 'हम आज़ादी के बाद से हर साल झंडा फ़हराते हैं, जन गण मन गाते हैं, पर ये हमे बांटने की कोशिश है.' उत्तर प्रदेश के सर्कुलर में ये निर्देश दिया गया था कि स्वतंत्रता दिवस पर सुबह 8 बजे झंडारोहण एवं राष्ट्रगान होगा, सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इन सभी कार्यक्रमों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर जिले के अल्पसंख्यक अधिकारी को सौंपने का भी निर्देश दिया गया था.
VIDEO : यूपी सरकार के आदेश पर रिपोर्ट
वहीं, बरेली मसरख़ के 150 मदरसों ने इस आदेश को मानने से मना कर दिया था. इनका कहना है कि शरियत के मुताबिक वो राष्ट्रगान नहीं गा सकते.
यह भी पढ़ें : योगी सरकार में जारी हुआ फरमान : 15 अगस्त को मदरसों में फहराएं तिरंगा और कराएं वीडियोग्राफी
बरेली के मदरसा हलीमा तुस्सादिया के मौलाना ज़ाहिद रज़ा ने बताया कि 'राष्ट्रगान के कुछ लफ़्जो़ को लेकर शरिया गिरफ़्त में है हम कुछ लफ़ज़ों को नहीं गा सकते हैं. ये मना है पर हमने आज अपने मदरसों में सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा गीत पढ़वाया और ख़ुद भी पढ़ा.'
VIDEO : देशभर के मदरसों में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
जहां सरकार को ये देखना चाहिए कि मदरसों में बच्चों के पास क़िताबें हैं या नहीं, पढ़ाई हो रही है या नहीं वहां सरकार मदरसों में स्वतंत्रता दिवस की कार्यक्रमों की वीडियोग्राफ़ी करा बच्चों की देशभक्ति माप रही है.
मदरसा संचालक क़ारी मुस्तफ़ा का कहना है कि वे हर साल ऐसा करते आए हैं पर ऐसे सुबूत मांगना ग़लत है.
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दादरी के मदरसा फ़ैज़ ए आम के क़ारी मुस्तफ़ा ने कहा कि 'हम आज़ादी के बाद से हर साल झंडा फ़हराते हैं, जन गण मन गाते हैं, पर ये हमे बांटने की कोशिश है.' उत्तर प्रदेश के सर्कुलर में ये निर्देश दिया गया था कि स्वतंत्रता दिवस पर सुबह 8 बजे झंडारोहण एवं राष्ट्रगान होगा, सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इन सभी कार्यक्रमों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर जिले के अल्पसंख्यक अधिकारी को सौंपने का भी निर्देश दिया गया था.
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वहीं, बरेली मसरख़ के 150 मदरसों ने इस आदेश को मानने से मना कर दिया था. इनका कहना है कि शरियत के मुताबिक वो राष्ट्रगान नहीं गा सकते.
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बरेली के मदरसा हलीमा तुस्सादिया के मौलाना ज़ाहिद रज़ा ने बताया कि 'राष्ट्रगान के कुछ लफ़्जो़ को लेकर शरिया गिरफ़्त में है हम कुछ लफ़ज़ों को नहीं गा सकते हैं. ये मना है पर हमने आज अपने मदरसों में सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा गीत पढ़वाया और ख़ुद भी पढ़ा.'
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जहां सरकार को ये देखना चाहिए कि मदरसों में बच्चों के पास क़िताबें हैं या नहीं, पढ़ाई हो रही है या नहीं वहां सरकार मदरसों में स्वतंत्रता दिवस की कार्यक्रमों की वीडियोग्राफ़ी करा बच्चों की देशभक्ति माप रही है.
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