- लखनऊ के विभूति खंड इलाके की समिट बिल्डिंग में थार सवार दबंगों ने युवक पवन पर गाड़ी चढ़ा दी थी
- पीड़ित पवन को लगभग पच्चीस मिनट तक गाड़ी के नीचे दबा रहने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था
- घटना के दौरान पीड़ित के दोस्त प्रशांत की चैन छीनने की कोशिश हुई और विरोध पर मारपीट की गई
लखनऊ की सबसे विवादित इमारतों में से एक समिट बिल्डिंग में एक नई घटना सामने आई है. लखनऊ के गोमती नगर के पॉश विभूति खंड इलाके में स्थित बहुमंजिला समिट बिल्डिंग में थार सवार दबंगों पर एक युवक पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप लगा है. आरोप है कि थार सवार तीन दबंगों ने पहले चैन छीनने की कोशिश की. सफल नहीं हुए तो मारपीट करने लगे और जब मन नहीं भरा तो एक युवक पर गाड़ी चढ़ा दी.
समिट बिल्डिंग में हुई इस घटना के वीडियो में दिख रहा है कि पीड़ित लगभग 25 मिनट तक गाड़ी के नीचे दबा रहा और किसी तरह उसे गाड़ी के नीचे से निकाला गया. लखनऊ के ही रहने वाले पीड़ित पवन के दोनों पैर थार के नीचे दबे हुए थे. अचंभे वाली बात ये है कि जहां ये घटना हुई, उस जगह से सटी हुई पुलिस चौकी है. घटना में घायल युवक पवन को आनन फ़ानन में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ के विभूति खंड थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक पीड़ित पवन अपने दोस्त प्रशांत के साथ रात लगभग एक बजे पार्टी करके लौट रहा था. तहरीर के मुताबिक़ आकाश, मोहित और उसके साथ मौजूद एक युवक पर आरोप है कि उन्होंने प्रशांत नाम के युवक के गले की चैन लूटने की कोशिश की. विरोध करने पर दबंगों ने उसे बेल्ट और लात घूसों से मारा और एक युवक ने थार गाड़ी बैक की तो वो प्रशांत के दोस्त पवन के पैरों पर चढ़ गई.
छिनैती, मारपीट और हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज हुए इस मामले में पुलिस ने आरोपी आकाश और मोहित को गिरफ़्तार कर लिया है. इनके साथ घटना के वक़्त मौजूद एक अज्ञात आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है. पकड़े गए आकाश और मोहित नाम के दोनों आरोपी उत्तराखंड के रहने वाले हैं. इनकी गाड़ी पंजाब नम्बर की है. इस गाड़ी का नंबर वीआईपी नंबर 7777 है. पुलिस ने गाड़ी सीज कर ली है और तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है.
समिट बिल्डिंग की क्यों हो रही है चर्चा
इस बीच चर्चा समिट बिल्डिंग की हो रही है. विभूति खंड में शहीद पथ के बगल में स्थित इस बिल्डिंग की चर्चा इसलिए ज़्यादा हो रही है क्योंकि मारपीट जैसी घटनाएं यहां रोज़ की बात है. रईसों के बिगड़ैल बच्चे समिट बिल्डिंग में स्थित बार, पब और क्लब में देर रात तक पार्टी करते हैं. नशे की हालत में निकलते हुए कभी पार्किंग को लेकर झगड़ा होता है तो कभी ईगो की लड़ाई में फायरिंग तक हो जाती है.
समिट बिल्डिंग में अक्सर होने वाली घटनाओं में अक्सर सामने आया कि लड़ाई दो रसूखदारों के बीच होती है. महंगी गाड़ियों से आए लोग नशे की हालत में कई बार पुलिसवालों से उलझ जाते हैं. रोक टोक करने पर कहते हैं, “तूँ मेरे बाप को नहीं जानता”. शरीफ़ लोग ज़रूरी काम पड़ने पर भी अपने बच्चों को समिट बिल्डिंग नहीं भेजना चाहते. इन घटनाओं को देखते हुए विभूति खंड की चौकी भी इस इमारत से सटाकर बनाई गई. पुलिस ने रोज़ की चेकिंग बढ़ाई जिससे घटनाएं कम ज़रूर हुईं लेकिन अभी भी यहां अक्सर लड़ाई झगड़े की कहानी सामने आ ही जाती है.
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