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This Article is From Mar 11, 2026

Harish Rana Case: ये फैसला सिर्फ मेरे लिए नहीं, देश में बहुत लोग बेबस हैं... कहते हुए रो पड़े हरीश राणा के पिता

Harish Rana Case: हरीश राणा के पिता अशोक राणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 4 साल पहले मेरी पत्नी ने मुझसे बेटे की स्थिति पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु के लिए बात करने को कहा था.

Harish Rana Case: ये फैसला सिर्फ मेरे लिए नहीं, देश में बहुत लोग बेबस हैं... कहते हुए रो पड़े हरीश राणा के पिता
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  • गाजियाबाद के हरीश राणा 13 वर्षों से बेसुध हालत में हैं और उनकी हालत में सुधार की संभावना नहीं है
  • सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार इच्छामृत्यु की अनुमति देते हुए हरीश राणा को राहत प्रदान की है
  • हरीश के पिता अशोक राणा ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की है
गाजियाबाद:

कल्पना करिए जीवत रहकर खुद के लिए मौत की दुआ करना कितना तकलीफदेह हो सकता है. गाजियाबाद के हरीश राणा 13 साल से एक बेड पर बेसुध पड़े हैं. इलाज तो चल रहा पर अब उस शरीर में न तो किसी दवा का असर होगा और न ही वह शरीर फिर उठ खड़ा होगा. हरीश के पापा अशोक राणा के लिए तो यह और कष्टदायक है. पल-पल बेटे को घुटते देखना कितना मुश्किल है, ये कोई सोच भी नहीं सकता. तभी आज देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला देते हुए इच्छामृत्यु दे दी. परिवार पहले मीडिया के सामने आने से बच रहा था पर अब पिता ने हिम्मत जुटाई और बेटे की हालत और पैसिव यूथनेशिया पर कोर्ट के फैसले पर भावुक हो गए. पिता ने रोते हुए कहा कि एक पिता के नाते मेरे लिए ये मुश्किल तो है पर खुशी की बात है कि बाकी लोग जो इस अवस्था में हैं उन्हें भी इस फैसले से राहत मिलेगी. 

4 साल पहले पत्नी के कहने पर लिया था फैसला

हरीश राणा के पिता अशोक राणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 4 साल पहले मेरी पत्नी ने मुझसे बेटे की स्थिति पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु के लिए बात करने को कहा था. तब मैंने कहा था कि ऐसा होता नहीं है.हालांकि मैं सभी अदालतों, चिकित्सकों, वकीलों और राज्य सरकार और बाकी सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं. मेरी उम्र 63 तो पत्नी की उम्र 60 साल हो गई है. हम सुप्रीम कोर्ट का बहुत धन्यवाद करता हूं.

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बोलते-बोलते हो गए भावुक

पिता अशोक राणा इस बीच बोलते-बोलते भावुक हो गए. अशोक राणा ने अपनी भावनाओं को कंट्रोल करते हुए कहा कि हमारे जैसे न जाने कितने लोग होंगे जो अपने लोगों के लिए इच्छामृत्यु चाह रहे होंगे. उन्होंने आगे कहा कि पहली बार इच्छामृत्यु वाला फैसला लागू हुआ और ये और 7 देशों में है. हरीश के पिता अशोक राणा ने आगे कहा कि तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी वाई चंद्रचूड़ ने हमें तब फिजियोथैरिपी  के साथ एक नर्स भी दी थी. हमारा छोटा बेटा है वो हरीश की सेवा करता था. हम लोग रोज फिजियोथैरिपी करते थे. पिता अशोक राणा ने कहा कि हम भगवान से दुआ कर रहे थे और आज हमारे हक में फैसला हो गया. पिता ने कहा कि मैं आप लोगों से मिलना नहीं चाहता था पर अब ठीक है आप लोग आए. 

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आगे क्या करेगा हरीश का परिवार?

हरीश राणा के पापा ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हम इसकी फूड पाइप निकाल देंगे. हरीश को एकस एक्सपर्ट चिकित्सक की देखरेख में एम्स में भर्ती किया जाएगा,वहां से उसके जाने के बाद हम पार्थिव शरीर का बड़े सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करेंगे. पिता ने आगे कहा कि हमें खुशी इस बात की है मेरे बेटे पर आए इस फैसले के बाद कई लोगों को राहत मिलेगी. दुख इस बात का है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पढ़ रहा था. दो कंप्टीशन जीत चुका था, एक जीतने वाला था और उसी बीच 13 साल पहले उसके साथ यह हादसा हो गया. 

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