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जान की बाजी लगाकर पिता ने मगरमच्छ के जबड़े से बेटे को बचाया

दरोगा ने बताया कि बेटे की चीख-पुकार सुनकर प्रेम शंकर अपनी जान की परवाह किए बिना मगरमच्छ से भिड़ गए और कड़े परिश्रम के बाद बेटे को उसके चंगुल से छुड़ा लिया. घायल मोहित को तुरंत पीलीभीत के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (जिला अस्पताल) ले जाया गया.

जान की बाजी लगाकर पिता ने मगरमच्छ के जबड़े से बेटे को बचाया
जान की बाजी लगाकर मगरमच्छ से बेटे को बचाया.
  • पीलीभीत जिले के जहानाबाद थाना क्षेत्र में पिता ने अपने 14 वर्षीय बेटे को मगरमच्छ के जबड़े से बचाया.
  • प्रेमशंकर और उनका बेटा मोहित गेहूं की कटाई के दौरान नदी किनारे खेत में काम कर रहे थे तभी हमला हुआ.
  • मगरमच्छ ने मोहित को पकड़कर पानी की ओर खींचना शुरू किया, पिता ने हिम्मत दिखाकर बेटे को छुड़ाया.
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पीलीभीत:

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पिता ने जान पर खेलकर अपने बेटे को मगरमच्छ के जबड़े से बचाया. यह घटना जिले जहानाबाद थाना क्षेत्र के नगरिया सहगवा गांव में एक पिता ने अपनी जान पर खेलकर अपने करीब 14 वर्षीय नाबालिग बेटे को मगरमच्‍छ के जबड़े से बचा लिया. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों के अनुसार, जहानाबाद थाना क्षेत्र में नदी किनारे खेत में गेहूं की कटाई के दौरान प्रेमशंकर के किशोरवय बेटे मोहित पर मगरमच्छ ने हमला कर उसे दबोच लिया.

पिता ने जूझकर बच्चे को मगरमच्छ के जबड़े से छुड़ाकर मौत के मुंह से बचा लिया. घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. वन दरोगा कौशेंद्र अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई.

गेहूं काट रहे पिता-पुत्र, तभी नदी किनारे मगरमच्छ ने किया हमला

उन्होंने बताया कि प्रेम शंकर अपने बेटे मोहित कुमार के साथ हाईवे के किनारे स्थित खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे, तभी खेत के पास बह रही नदी के किनारे मोहित के जाते ही उसको मगरमच्छ अपने जबड़े में दबोच कर पानी की ओर खींचने लगा.

दरोगा ने बताया कि बेटे की चीख-पुकार सुनकर प्रेम शंकर अपनी जान की परवाह किए बिना मगरमच्छ से भिड़ गए और कड़े परिश्रम के बाद बेटे को उसके चंगुल से छुड़ा लिया. घायल मोहित को तुरंत पीलीभीत के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (जिला अस्पताल) ले जाया गया.

ग्रामीणों में मगरमच्छ को लेकर भय का माहौल

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर गौरव गंगवार ने बताया कि बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं. चिकित्सकों के अनुसार प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर है और वह चिकित्सकों की निगरानी में है. ग्रामीणों में घटना के बाद भय का माहौल है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है.

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