गोरखपुर हादसा : स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, बच्चों की मौत का कारण सिर्फ ऑक्सीजन की कमी नहीं
- गोरखपुर के अस्पताल में 30 से ज़्यादा मासूमों की मौत
- बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है
- मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, मौतें केवल ऑक्सीजन कमी से नहीं
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नई दिल्ली/गोरखपुर:
गोरखपुर में पिछले पांच दिनों में हुई 60 मौतें और पिछले 36 घंटों में हॉस्पिटल में हुईं 30 मौतों को लेकर मच रहे बवाल के बीच यूपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि 9 जुलाई और 9 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हॉस्पिटल आए थे लेकिन उस वक्त ऑक्सीजन का मुद्दा किसी ने नहीं उठाया.
पढ़ें: गोरखपुर अस्पताल में 30 मासूमों की मौत का मामला : दो चिट्ठियां, दो खुलासे...
उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत का कारण सिर्फ ऑक्सीजन की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस वक्त ऑक्सीजन सप्लाई नहीं थी, उस वक्त ये मौतें नहीं हुईं. उन्होंने यह भी बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट नहीं मिल जाती तब तक के लिए बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है.
पढ़ें- गोरखपुर हादसा: ये 60 मौतें सवाल हैं, पर कहां पूछे ये सवाल...?

इससे पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर पर पिछले रात से छापेमारी हुई है. इस कंपनी के मालिक मनीष भंडारी के घर और उसके रिश्तेदारों के यहां भी छापेमारी हुई है. मनीष भंडारी लेकिन फरार बताया जा रहा है.
वीडियो- गोरखपुर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पर छापा
उल्लेखनीय है कि गोरखपुर में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जान गंवाने वाले बच्चों में 5 नवजात शिशु भी थे. हॉस्पिटल में होने वाली कुल मौतें 30 हैं. मौतों की वजह आधिकारिक तौर पर भले ही नहीं बताई जा रही हो लेकिन कहा जा रहा है कि इसके पीछे ऑक्सीजन की कमी ही कारण है.
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उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत का कारण सिर्फ ऑक्सीजन की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस वक्त ऑक्सीजन सप्लाई नहीं थी, उस वक्त ये मौतें नहीं हुईं. उन्होंने यह भी बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट नहीं मिल जाती तब तक के लिए बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है.
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इससे पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर पर पिछले रात से छापेमारी हुई है. इस कंपनी के मालिक मनीष भंडारी के घर और उसके रिश्तेदारों के यहां भी छापेमारी हुई है. मनीष भंडारी लेकिन फरार बताया जा रहा है.
वीडियो- गोरखपुर हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पर छापा
उल्लेखनीय है कि गोरखपुर में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जान गंवाने वाले बच्चों में 5 नवजात शिशु भी थे. हॉस्पिटल में होने वाली कुल मौतें 30 हैं. मौतों की वजह आधिकारिक तौर पर भले ही नहीं बताई जा रही हो लेकिन कहा जा रहा है कि इसके पीछे ऑक्सीजन की कमी ही कारण है.
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