- ऑल इंडिया मुस्लिम जमात अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कमाल मौला मस्जिद को हमेशा के लिए सुरक्षित बताया.
- एमपी हाईकोर्ट के फैसले से मुस्लिम समाज में नाराजगी है, लेकिन अदालत के फैसले का सम्मान करना आवश्यक बताया गया.
- मुस्लिम पक्ष जल्द ही उच्चतम न्यायालय में अपील करेगा और कानूनी लड़ाई को जारी रखने की योजना है.
Dhar Bhojshala Case Update: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के बाद सियासी और धार्मिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने साफ शब्दों में कहा कि “कमाल मौला मस्जिद थी, है और कयामत तक रहेगी.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा और अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा.
हाईकोर्ट के फैसले पर नाराजगी
बरेली में मीडिया से बातचीत करते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला मुस्लिम पक्ष के पक्ष में नहीं आया है, जिससे समाज में नाराजगी है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अदालत का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और हर पक्ष को फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील का अधिकार है.
कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात
मौलाना ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम पक्ष जल्द ही ऊपरी अदालत का रुख करेगा. उन्होंने कहा कि कोर्ट में हार-जीत होती रहती है, लेकिन यह एक लंबी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. उनका कहना था कि इस फैसले को अंतिम नहीं माना जा सकता और आगे की लड़ाई कानून के दायरे में रहकर लड़ी जाएगी.
शांति बनाए रखने की अपील
मौलाना रजवी ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश में अमन और भाईचारा सबसे जरूरी है और किसी भी तरह का तनाव पैदा करने से बचना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समझदारी और संयम ही सही रास्ता है.
मस्जिद को लेकर कड़ा रुख
कमाल मौला मस्जिद के मुद्दे पर मौलाना ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि यह मस्जिद थी, है और हमेशा रहेगी. उन्होंने दोहराया कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और मुस्लिम समाज अपनी धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएगा.
सोशल मीडिया पर संयम की अपील
मौलाना ने लोगों से अपील की कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान या विवादित पोस्ट करने से बचें. उनका कहना था कि इससे माहौल खराब होता है और समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है.
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