दिल्ली-एनसीआर में दूसरे हवाई अड्डे को अब जल्द पंख लगेंगे. दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में हवाई अड्डे के लिए 90 फीसद से ज्यादा किसान अपनी जमीन देने को तैयार हो गये हैं. हवाई हड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण के काम को ही सबसे ज्यादा मुश्किल माना जा रहा था. अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होते ही हवाई अड्डे के काम में तेजी आएगी. प्रशासनिक अधिकारियों और जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि जेवर क्षेत्र में सोमवार को 307 किसानों ने अपनी जमीन के अधिग्रहण के लिए सहमति दे दी. किसी एक दिन में सबसे ज्यादा किसानों ने इस तरह की सहमति दी है. कुछ किसानों के शुरुआती विरोध के बाद जिले के अधिकारी और विधायक लगातार गांवों का दौरा कर रहे थे और किसानों से अधिग्रहण के लिए सहमति बनाने का प्रयास कर रहे थे.
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आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए इन गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. परियोजना की अनुमानित लागत 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये के बीच है. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के काम पर निगरानी और उसमें तेजी लाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए), नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के साथ करार किया था. राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा था कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. आपको बता दें कि जेवर हवाई अड्डे के साल 2022 तक चालू हो जाने की संभावना है. (इनपुट-भाषा)
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