- रेलवे प्रशासन ने नवरात्रि में यात्रियों की सुविधा के लिए मैहर स्टेशन पर ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया है.
- ठहराव की अवधि आमतौर पर पांच मिनट की है ताकि श्रद्धालु मां शारदा देवी के दर्शन आराम से कर सकें.
- यह अस्थायी व्यवस्था मुख्य रूप से 18 से 30 मार्च के बीच विभिन्न ट्रेनों के संचालन के दौरान लागू की गई है.
नवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने मैहर स्टेशन पर 5 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव देने का फैसला किया है. हाजीपुर मुख्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इन ट्रेनों को 5 मिनट के लिए रुकने की अनुमति दी गई है, ताकि मां शारदा देवी के दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके.
- 21 से 28 मार्च 2026 के बीच वलसाड‑मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (19051) मैहर में 15:05 बजे पहुंचेगी और 15:10 बजे रवाना होगी, जबकि 23 से 30 मार्च तक चलने वाली मुजफ्फरपुर‑वलसाड एक्सप्रेस (19052) 11:40 बजे पहुंचेगी और 11:45 बजे प्रस्थान करेगी.
- 20 से 27 मार्च तक कोल्हापुर‑धनबाद एक्सप्रेस (11045) शाम 17:20 से 17:25 बजे तक रुकेगी, और 23 से 30 मार्च तक धनबाद‑कोल्हापुर एक्सप्रेस (11046) रात 22:25 से 22:30 बजे तक ठहरेगी.
- 21 से 28 मार्च तक चलने वाली रक्सौल‑लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस (15267) 11:25 से 11:30 बजे तक मैहर पर रुकेगी, जबकि इसकी अप दिशा की ट्रेन 15268—जो 23 से 30 मार्च तक चलेगी—10:40 बजे पहुंचेगी और 10:45 बजे रवाना होगी.
- 19 से 26 मार्च के बीच संचालित पूर्णा जंक्शन‑पटना एक्सप्रेस (17610) सुबह 10:40 बजे पहुंचेगी और 10:45 बजे आगे बढ़ेगी, और पटना‑पूर्णा जंक्शन एक्सप्रेस (17609), जो 21 से 28 मार्च तक चलेगी, 17:15 से 17:20 बजे तक ठहरेगी.
- पटना‑बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस (22972) 18 से 30 मार्च की अवधि में रोजाना 08:15 से 08:20 बजे तक मैहर पर रुकेगी, जबकि बांद्रा टर्मिनस‑पटना एक्सप्रेस (22971) 23 से 30 मार्च तक 15:05 से 15:10 बजे तक यहां अस्थायी ठहराव करेगी.
रेलवे का कहना है कि नवरात्रि मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए यह अस्थायी व्यवस्था लागू की गई है. मध्य प्रदेश के सतना जिले में त्रिकूट पर्वत पर स्थित मैहर वाली मां शारदा 108 शक्तिपीठों में शामिल है, जहां चैत्र नवरात्रि पर भक्तों का सैलाब मां का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचता है. मां का मंदिर अपने रहस्यमयी शृंगार के लिए प्रसिद्ध है. माना जाता है कि रात के वक्त मां का शृंगार दिव्य शक्तियों के जरिए किया जाता है. रहस्यमयी शृंगार को उनके परम भक्त वीर आल्हा से जोड़कर देखा जाता है.
मंदिर की एक और खास बात है जिससे भक्तों का माई शारदा पर और मंदिर दोनों पर अटूट विश्वास है. मंदिर में एक चमत्कारी दीपक मौजूद है, जो सदियों से लगातार जल रहा है. मान्यता है कि खुद आल्हा मां की आराधना के लिए मंदिर में दीप जलाकर जाते हैं. इन्हीं सब कारणों से भक्तों की आस्था अटूट है.
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