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नमक की कीमतें

'नमक की कीमतें' - 3 News Result(s)
  • जनता पर महंगाई की जबरदस्त मार, नमक-रोटी खाने को मजबूर ग्रामीण

    जनता पर महंगाई की जबरदस्त मार, नमक-रोटी खाने को मजबूर ग्रामीण

    कोरोना काल (Coronavirus Pandemic) में महंगाई आसमान छू रही है. पेट्रोल-डीजल के दाम ही नहीं बल्कि खाद्य तेल, दाल, अंडा और अन्य घरेलू सामान की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है. महंगाई के इस बढ़ते ग्राफ की जबरदस्त मार आम आदमी पर पड़ रही है. खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है. वहीं इस कोरोना काल में छोटे कारोबार भी प्रभावित हुए हैं. सोनभद्र के ग्रामीण गुलाब गौड़ ने कहा, 'तेल (रिफाइंड) बहुत महंगा हो गया है, तो हम अपने गांव में उपलब्ध इसके विकल्प का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बहुत मुश्किल हो रहा है. प्याज और दालों की कीमतें भी बढ़ी हैं. हम इसे खा ही नहीं रहे हैं. कभी-कभी हम नमक के साथ रोटी भी खा रहे हैं.' 40 वर्षीय गुलाब गौड़ और उनकी पत्नी रुकमणि देवी मजदूरी कर 6000 रुपये महीना कमाते हैं.

  • पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम- क्यों ज़ख्मों पर नमक छिड़क रही है सरकार?  

    पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम- क्यों ज़ख्मों पर नमक छिड़क रही है सरकार?  

    पेट्रोल डीजल की कीमतें नई ऊंचाई पर और डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर. 8.2 फीसदी की जीडीपी के बीच आम लोगों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की ये खबरें सरकार के सामने चुनौती पेश कर रही हैं, लेकिन पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में लगी आग के बीच सरकार ने जले पर नमक छिड़कते हुए कीमतें घटाने से इनकार कर दिया है. आला सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी से कहा कि मौजूदा समय में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखते हुए कीमतें कुछ और समय तक बढ़ी रह सकती हैं, लेकिन सरकार उन्हें कम करने के लिए एक्साइज़ ड्यूटी में अब कोई कटौती नहीं करेगी. 

  • बिहार में नमक बिका 100 रुपये किलो

    महंगाई को लेकर लोग कितने परेशान हो गए हैं, इसका अंदाजा उत्तर बिहार में नमक की कीमतों में वृद्धि की अफवाह उड़ने के बाद की स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है।

'नमक की कीमतें' - 3 News Result(s)
  • जनता पर महंगाई की जबरदस्त मार, नमक-रोटी खाने को मजबूर ग्रामीण

    जनता पर महंगाई की जबरदस्त मार, नमक-रोटी खाने को मजबूर ग्रामीण

    कोरोना काल (Coronavirus Pandemic) में महंगाई आसमान छू रही है. पेट्रोल-डीजल के दाम ही नहीं बल्कि खाद्य तेल, दाल, अंडा और अन्य घरेलू सामान की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है. महंगाई के इस बढ़ते ग्राफ की जबरदस्त मार आम आदमी पर पड़ रही है. खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है. वहीं इस कोरोना काल में छोटे कारोबार भी प्रभावित हुए हैं. सोनभद्र के ग्रामीण गुलाब गौड़ ने कहा, 'तेल (रिफाइंड) बहुत महंगा हो गया है, तो हम अपने गांव में उपलब्ध इसके विकल्प का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी बहुत मुश्किल हो रहा है. प्याज और दालों की कीमतें भी बढ़ी हैं. हम इसे खा ही नहीं रहे हैं. कभी-कभी हम नमक के साथ रोटी भी खा रहे हैं.' 40 वर्षीय गुलाब गौड़ और उनकी पत्नी रुकमणि देवी मजदूरी कर 6000 रुपये महीना कमाते हैं.

  • पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम- क्यों ज़ख्मों पर नमक छिड़क रही है सरकार?  

    पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम- क्यों ज़ख्मों पर नमक छिड़क रही है सरकार?  

    पेट्रोल डीजल की कीमतें नई ऊंचाई पर और डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर. 8.2 फीसदी की जीडीपी के बीच आम लोगों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की ये खबरें सरकार के सामने चुनौती पेश कर रही हैं, लेकिन पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में लगी आग के बीच सरकार ने जले पर नमक छिड़कते हुए कीमतें घटाने से इनकार कर दिया है. आला सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी से कहा कि मौजूदा समय में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखते हुए कीमतें कुछ और समय तक बढ़ी रह सकती हैं, लेकिन सरकार उन्हें कम करने के लिए एक्साइज़ ड्यूटी में अब कोई कटौती नहीं करेगी. 

  • बिहार में नमक बिका 100 रुपये किलो

    महंगाई को लेकर लोग कितने परेशान हो गए हैं, इसका अंदाजा उत्तर बिहार में नमक की कीमतों में वृद्धि की अफवाह उड़ने के बाद की स्थिति को देखकर लगाया जा सकता है।