Us State Secretary Mike Pompeo
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भारत, ब्राज़ील जानते हैं, चीन-रूस उनके लिए खतरा हैं - व्हाइट हाउस से जाने से पहले बोले माइक पॉम्पियो
- Wednesday January 20, 2021
- Reported by: ANI, Translated by: तूलिका कुशवाहा
माइक पॉम्पियो ने व्हाइट हाउस से जाते-जाते एक बार फिर चीन और रूस पर हमला किया है, इसबार उन्होंने BRICS देशों के सदस्यों पर एक ट्वीट कर टिप्पणी की है.
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माइक पोम्पिओ ने कहा- अल्पसंख्यकों और मुस्लिमों पर चीन की नीतियां “जनसंहार” करने के समान
- Wednesday January 20, 2021
- Reported by: भाषा
सत्ता से बाहर जाने से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन पर नए प्रतिबंध लगा दिए और कहा कि पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में अल्पसंख्यकों और मुस्लिमों पर चीन की नीतियां “जनसंहार” करने के समान हैं.
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भारत-US ने आखिरकार अहम डिफेंस डील BECA पर किए हस्ताक्षर, इस तरह चीन पर मिलेगी बढ़त
- Tuesday October 27, 2020
- Reported by: विष्णु सोम, Translated by: तूलिका कुशवाहा
भारत और अमेरिका ने मंगलवार को बड़ी डिफेंस डील Basic Exchange and Cooperation Agreement या BECA पर हस्ताक्षर कर दिए. इस डील के तहत भारत को मिसाइल और ड्रोन्स के बेहतर इस्तेमाल के लिए जरूरी टोपोग्राफिकल, नॉटिकल और एरोनॉटिकल डाटा मिलेगा.
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टू प्लस टू वार्ता : अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ भारत के लिए रवाना, ट्वीट करके कही ये बात
- Monday October 26, 2020
- Edited by: पवन पांडे
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर (Mark T Espar) ‘टू प्लस टू’ मंत्री स्तरीय वार्ता (Ministerial Talks) के लिए सोमवार को यहां पहुंचेंगे. भारत का चीन के साथ जारी सीमा विवाद और अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों से एक हफ्ते पहले वार्ता के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेने दोनों नेता यहां आ रहे हैं. टू प्लस टू वार्ता मंगलवार को होगी. वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. वार्ता में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी जिसमें हिंद -प्रशांत क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने का चीन का प्रयास और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में उसका आक्रामक व्यवहार भी शामिल है.
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लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध पर अमेरिका की नजर, बोला- हम नहीं चाहते तनाव और बढ़े
- Saturday October 24, 2020
- Edited by: सचिन झा शेखर
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क ग्रैफ के अगले हफ्ते होने वाले एक महत्वपूर्ण यात्रा से पहले, ट्रम्प प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध को करीब से देख रहा है.
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भारत और भूटान में घुसपैठ के जरिए चीन देखना चाहता है कि दुनिया उसका विरोध करेगी या नहीं: US
- Friday July 31, 2020
- Reported by: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, Translated by: तूलिका कुशवाहा
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने गुरुवार को चीन पर भड़कते हुए कहा कि चीन भारत और भूटान में उसकी हालिया घुसपैठ की घटनाएं उसके इरादे जाहिर करती हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में चीन यह देखने की कोशिश कर रहा है कि अगर वो ऐसा करता है तो दूसरे देशों से उसे विरोध देखने को मिलेगा या नहीं.
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सेनाएं इधर से उधर कर रहा है अमेरिका, क्या भारत के लिए चीन के खिलाफ उतरने की तैयारी है, 10 बड़ी बातें
- Friday June 26, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
जब चीन की ओर से भारत कोई खतरा होता है तो ये सवाल हमेशा उठता है कि क्या मौका पड़ने पर अमेरिका भारत के साथ खड़ा होगा. क्योंकि चीन इस समय पूरी दुनिया में अमेरिका की प्रभुता को चुनौती देने को आमादा है. दूसरी ओर एशिया में चीन के बढ़ते वर्चस्व को रोकने के लिए भारत भी तैयार है. लेकिन इतिहास में अमेरिका के भारत के प्रति व्यवहार को एक तरफ रख दिया जाए तो भी इस बार अमेरिका की ओर से अब तक आए बयान भारत के लिए कोई उत्साहजनक नहीं है. गालवान घाटी में हुई झड़प के बाद भी अमेरिका की ओर से बयान के मतलब भी 'देखेंगे जैसे' थे. लेकिन गुरुवार को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की ओर से आए बयान भारत को थोड़ा खुश कर सकते हैं. लेकिन क्या इस बयान का ये मतलब निकाला जाए कि क्या चीन के साथ युद्ध की स्थिति में अमेरिका भारत के साथ सीधे मैदान में उतर जाएगा.
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इस शर्त पर ईरान के साथ बातचीत के लिए अमेरिका तैयार
- Friday January 10, 2020
- Reported by: IANS
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनी ने अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमले को 'अमेरिकियों के गाल पर थप्पड़' करार दिया है. खामेनी ने कहा कि मध्य-पूर्व से अमेरिकी सैनिकों को खदेड़ना ज्यादा जरूरी है.
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अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पिओ के साथ बैठक में एस-400 पर बोले एस जयशंकर- 'वही करेंगे जो देशहित में होगा'
- Wednesday June 26, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
भारत ने बुधवार को अमेरिका से कहा कि वह प्रतिबंधों से प्रभावित रूस सहित अन्य देशों के साथ संबंधों में राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेगा. भारत रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद रहा है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पिओ से व्यापक द्विपक्षीय बैठक के दौरान यह बात कहीं.
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PM मोदी से मिले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, अब करेंगे विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात, 8 बड़ी बातें
- Wednesday June 26, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
पोम्पिओ की यह यात्रा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर होने वाली बैठक से पहले हो रही है. जी-20 शिखर सम्मेलन 28-29 जून को जापान के ओसाका में होने वाला है. पोम्पिओ जयशंकर के साथ बैठक के अलावा भारतीय विदेश मंत्री की तरफ से आयोजित भोज में भी शामिल होंगे.
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भारत, ब्राज़ील जानते हैं, चीन-रूस उनके लिए खतरा हैं - व्हाइट हाउस से जाने से पहले बोले माइक पॉम्पियो
- Wednesday January 20, 2021
- Reported by: ANI, Translated by: तूलिका कुशवाहा
माइक पॉम्पियो ने व्हाइट हाउस से जाते-जाते एक बार फिर चीन और रूस पर हमला किया है, इसबार उन्होंने BRICS देशों के सदस्यों पर एक ट्वीट कर टिप्पणी की है.
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माइक पोम्पिओ ने कहा- अल्पसंख्यकों और मुस्लिमों पर चीन की नीतियां “जनसंहार” करने के समान
- Wednesday January 20, 2021
- Reported by: भाषा
सत्ता से बाहर जाने से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने चीन पर नए प्रतिबंध लगा दिए और कहा कि पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में अल्पसंख्यकों और मुस्लिमों पर चीन की नीतियां “जनसंहार” करने के समान हैं.
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भारत-US ने आखिरकार अहम डिफेंस डील BECA पर किए हस्ताक्षर, इस तरह चीन पर मिलेगी बढ़त
- Tuesday October 27, 2020
- Reported by: विष्णु सोम, Translated by: तूलिका कुशवाहा
भारत और अमेरिका ने मंगलवार को बड़ी डिफेंस डील Basic Exchange and Cooperation Agreement या BECA पर हस्ताक्षर कर दिए. इस डील के तहत भारत को मिसाइल और ड्रोन्स के बेहतर इस्तेमाल के लिए जरूरी टोपोग्राफिकल, नॉटिकल और एरोनॉटिकल डाटा मिलेगा.
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टू प्लस टू वार्ता : अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ भारत के लिए रवाना, ट्वीट करके कही ये बात
- Monday October 26, 2020
- Edited by: पवन पांडे
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर (Mark T Espar) ‘टू प्लस टू’ मंत्री स्तरीय वार्ता (Ministerial Talks) के लिए सोमवार को यहां पहुंचेंगे. भारत का चीन के साथ जारी सीमा विवाद और अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों से एक हफ्ते पहले वार्ता के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेने दोनों नेता यहां आ रहे हैं. टू प्लस टू वार्ता मंगलवार को होगी. वार्ता में भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. वार्ता में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी जिसमें हिंद -प्रशांत क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाने का चीन का प्रयास और पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में उसका आक्रामक व्यवहार भी शामिल है.
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लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध पर अमेरिका की नजर, बोला- हम नहीं चाहते तनाव और बढ़े
- Saturday October 24, 2020
- Edited by: सचिन झा शेखर
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क ग्रैफ के अगले हफ्ते होने वाले एक महत्वपूर्ण यात्रा से पहले, ट्रम्प प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध को करीब से देख रहा है.
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भारत और भूटान में घुसपैठ के जरिए चीन देखना चाहता है कि दुनिया उसका विरोध करेगी या नहीं: US
- Friday July 31, 2020
- Reported by: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, Translated by: तूलिका कुशवाहा
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने गुरुवार को चीन पर भड़कते हुए कहा कि चीन भारत और भूटान में उसकी हालिया घुसपैठ की घटनाएं उसके इरादे जाहिर करती हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में चीन यह देखने की कोशिश कर रहा है कि अगर वो ऐसा करता है तो दूसरे देशों से उसे विरोध देखने को मिलेगा या नहीं.
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सेनाएं इधर से उधर कर रहा है अमेरिका, क्या भारत के लिए चीन के खिलाफ उतरने की तैयारी है, 10 बड़ी बातें
- Friday June 26, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: मानस मिश्रा
जब चीन की ओर से भारत कोई खतरा होता है तो ये सवाल हमेशा उठता है कि क्या मौका पड़ने पर अमेरिका भारत के साथ खड़ा होगा. क्योंकि चीन इस समय पूरी दुनिया में अमेरिका की प्रभुता को चुनौती देने को आमादा है. दूसरी ओर एशिया में चीन के बढ़ते वर्चस्व को रोकने के लिए भारत भी तैयार है. लेकिन इतिहास में अमेरिका के भारत के प्रति व्यवहार को एक तरफ रख दिया जाए तो भी इस बार अमेरिका की ओर से अब तक आए बयान भारत के लिए कोई उत्साहजनक नहीं है. गालवान घाटी में हुई झड़प के बाद भी अमेरिका की ओर से बयान के मतलब भी 'देखेंगे जैसे' थे. लेकिन गुरुवार को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की ओर से आए बयान भारत को थोड़ा खुश कर सकते हैं. लेकिन क्या इस बयान का ये मतलब निकाला जाए कि क्या चीन के साथ युद्ध की स्थिति में अमेरिका भारत के साथ सीधे मैदान में उतर जाएगा.
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इस शर्त पर ईरान के साथ बातचीत के लिए अमेरिका तैयार
- Friday January 10, 2020
- Reported by: IANS
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनी ने अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमले को 'अमेरिकियों के गाल पर थप्पड़' करार दिया है. खामेनी ने कहा कि मध्य-पूर्व से अमेरिकी सैनिकों को खदेड़ना ज्यादा जरूरी है.
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अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पिओ के साथ बैठक में एस-400 पर बोले एस जयशंकर- 'वही करेंगे जो देशहित में होगा'
- Wednesday June 26, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
भारत ने बुधवार को अमेरिका से कहा कि वह प्रतिबंधों से प्रभावित रूस सहित अन्य देशों के साथ संबंधों में राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेगा. भारत रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद रहा है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पिओ से व्यापक द्विपक्षीय बैठक के दौरान यह बात कहीं.
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PM मोदी से मिले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, अब करेंगे विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात, 8 बड़ी बातें
- Wednesday June 26, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
पोम्पिओ की यह यात्रा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर होने वाली बैठक से पहले हो रही है. जी-20 शिखर सम्मेलन 28-29 जून को जापान के ओसाका में होने वाला है. पोम्पिओ जयशंकर के साथ बैठक के अलावा भारतीय विदेश मंत्री की तरफ से आयोजित भोज में भी शामिल होंगे.
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