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रूसी 'मैडम' का देसी स्कोरकार्ड...दिल्ली को दी ऐसी रेटिंग, सोशल मीडिया पर छिड़ गई जंग!
- Monday April 13, 2026
- Written by: शालिनी सेंगर
आजकल सोशल मीडिया पर एक रूसी महिला का वीडियो गदर मचा रहा है. इन मोहतरमा ने भारत के शहरों को 'सेफ्टी' के तराजू पर तौला है. जहां दिल्ली की हालत खस्ता दिखी, वहीं पहाड़ों की वादियों ने इनका दिल बाग-बाग कर दिया. आखिर क्यों दिल्ली पिछड़ गई और किन शहरों ने मारी बाजी? जानने के लिए आगे पढ़ें.
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ndtv.in
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Agra Travel Trip: ताजमहल से अलग आगरा के पास की इन 5 जगहों को करें एक्सप्लोर, मिलेगा ट्रिप का असली मजा
- Tuesday September 16, 2025
- Written by: श्रेया त्यागी
ताजमहल देखने हर कोई एक बार तो आगरा जाता ही है. हालांकि, अगर आप आगरा घूम आए हैं, तो उसके आस-पास की ये 5 जगह बेस्ट हैं, जो आपका दिन बना देंगी.
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'स्कर्ट दोष' के शिकार भारतीय मर्दों से रवीश कुमार की अपील
- Tuesday August 30, 2016
- रवीश कुमार
हम 'अतिथि देवो भव:' में यक़ीन करने वाले लोग हैं, लेकिन भारत में हम लोग जिन देवी-देवताओं के अतिथि हैं, उनका भी तो ख़्याल रखना है. हम इन बाहरी देव-देवियों को कुछ भी पहनने की छूट नहीं दे सकते. इसलिए जो बाहरी देव हैं, उनसे उम्मीद की जाती है कि ख़ुद को अतिथि से ज़्यादा न समझें. हम अतिथि का सत्कार ही नहीं करते, उन्हें सलवार भी दे सकते हैं. मल्लब, पहनने की सलाह देते हैं.
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रूसी 'मैडम' का देसी स्कोरकार्ड...दिल्ली को दी ऐसी रेटिंग, सोशल मीडिया पर छिड़ गई जंग!
- Monday April 13, 2026
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आजकल सोशल मीडिया पर एक रूसी महिला का वीडियो गदर मचा रहा है. इन मोहतरमा ने भारत के शहरों को 'सेफ्टी' के तराजू पर तौला है. जहां दिल्ली की हालत खस्ता दिखी, वहीं पहाड़ों की वादियों ने इनका दिल बाग-बाग कर दिया. आखिर क्यों दिल्ली पिछड़ गई और किन शहरों ने मारी बाजी? जानने के लिए आगे पढ़ें.
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Agra Travel Trip: ताजमहल से अलग आगरा के पास की इन 5 जगहों को करें एक्सप्लोर, मिलेगा ट्रिप का असली मजा
- Tuesday September 16, 2025
- Written by: श्रेया त्यागी
ताजमहल देखने हर कोई एक बार तो आगरा जाता ही है. हालांकि, अगर आप आगरा घूम आए हैं, तो उसके आस-पास की ये 5 जगह बेस्ट हैं, जो आपका दिन बना देंगी.
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- Tuesday August 30, 2016
- रवीश कुमार
हम 'अतिथि देवो भव:' में यक़ीन करने वाले लोग हैं, लेकिन भारत में हम लोग जिन देवी-देवताओं के अतिथि हैं, उनका भी तो ख़्याल रखना है. हम इन बाहरी देव-देवियों को कुछ भी पहनने की छूट नहीं दे सकते. इसलिए जो बाहरी देव हैं, उनसे उम्मीद की जाती है कि ख़ुद को अतिथि से ज़्यादा न समझें. हम अतिथि का सत्कार ही नहीं करते, उन्हें सलवार भी दे सकते हैं. मल्लब, पहनने की सलाह देते हैं.
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