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Swatantra Senani Express

'Swatantra Senani Express' - 10 News Result(s)
  • भारतीय ट्रेनों की लेटलतीफ़ी की दास्तान

    भारतीय ट्रेनों की लेटलतीफ़ी की दास्तान

    मोदी सरकार के चार साल हुए हैं तो रेल मंत्रालय के भी चार साल हुए हैं. इस दौरान दो काबिल नेताओं को रेल मंत्री बनने का मौका मिला है. पहले सुरेश प्रभु और फिर डाइनैमिक पीयूष गोयल. आपके जमा टैक्स से रेल मंत्रालय के विज्ञापनों में न तो ट्रेन के देरी से चलने का डिटेल होता है और न ही प्लेटफार्म पर ठंडे पानी की ख़राब वेडिंग मशीन का.

  • भारतीय रेल की लेटलतीफ़ी कब ख़त्म होगी?

    भारतीय रेल की लेटलतीफ़ी कब ख़त्म होगी?

    भारतीय रेल की देर से चलने की बीमारी किस हद तक पहुंच गई इसका एक किस्सा बताता हूं. देरी से चलने की आदत ऐसी हो गई है कि एक सांसद जी अपने क्षेत्र में रेलगाड़ी के स्टॉपेज का स्वागत करने पहुंच गए. अपने समय से पहुंचे लेकिन ट्रेन उनके चले जाने के कई घंटे बाद तक नहीं आई.

  • क्या रेलयात्री अपने अधिकारों पर ज़ोर देते हैं?

    क्या रेलयात्री अपने अधिकारों पर ज़ोर देते हैं?

    भारतीय रेल की एक खूबी है. वो जैसे चाहती है यात्री उसके हिसाब से ढल जाते हैं. अगर ट्रेन 30 घंटे की देरी से चले तो यात्री उसके हिसाब से एडजस्ट हो जाते हैं. असुविधाओं से एडस्ट होना यात्री होना होता है. हम रेल के हर सवाल से इतना एडजस्ट कर चुके हैं कि तीस घंटे की देरी से पहुंच कर भी सीधा घर चले जाते हैं. क्योंकि हम अपने समय का सम्मान नहीं करते हैं.

  • यूपी-बिहार की ट्रेनें सबसे ज़्यादा देरी से क्यों?

    यूपी-बिहार की ट्रेनें सबसे ज़्यादा देरी से क्यों?

    आज जब सुबह एक यात्री दर्शक ने रेलवे टाइम टेबल का स्क्रीन शॉट भेजा कि अमृतसर से दरभंगा के बीच चलने वाली 15212 जननायक एक्सप्रेस 57 घंटे लेट है तो यकीन नहीं हुआ. 44 घंटे तक लेट चलने वाली ट्रेन से सामाना हो चुका था मगर 57 घंटे ट्रेन चलती होगी, इस सूचना को ग्रहण करने की मानसिक तैयारी नहीं थी. जननायक एक्सप्रेस अमृतसर से दरभंगा के बीच चलती है. इसमें सारी बोगी जनरल होती है, क्योंकि इससे बिहार के मज़दूर पंजाब मंज़दूरी करने जाते हैं.

  • भारतीय रेल लेटलतीफ़ी की शिकार क्यों?

    भारतीय रेल लेटलतीफ़ी की शिकार क्यों?

    क्या आप ऐसी ट्रेन का इंतज़ार करना चाहेंगे तो 44 घंटे लेट चलती हो. यही एक ट्रेन नहीं है. रेल यात्रियों से बात कीजिए. 7 घंटे से लेकर 44 घंटे की देरी से चलने वाली ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से बात कीजिए, उनकी पीड़ा आपसे सुनी नहीं जाएगी.

  • 1 मई को दिल्ली से चली सीमांचल एक्‍सप्रेस 4 मई तक जोगबनी नहीं पहुंची, रेल मंत्री कहां हैं...

    1 मई को दिल्ली से चली सीमांचल एक्‍सप्रेस 4 मई तक जोगबनी नहीं पहुंची, रेल मंत्री कहां हैं...

    1 मई को आनंद विहार से चली 12488 सीमांचल एक्‍सप्रेस 4 मई तक जोगबनी नहीं पहुंची है. शनिवार सुबह एक यात्री का मेल आया तो अब हैरानी नहीं हुई बल्कि शर्म आई कि चार दिनों में भी रेल अपनी मंज़िल पर नहीं पहुंच पाती है.

  • रेलगाड़ियां 30-30 घंटे तक लेट कैसे हो जाती हैं?

    रेलगाड़ियां 30-30 घंटे तक लेट कैसे हो जाती हैं?

    बिहार के जयनगर से चल कर नई दिल्ली आने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पिछले कई महीनों से कई घंटे की देरी से चल रही थी. जब हमने इस ट्रेन की पिछले दो चार दिनों का रिकॉर्ड देखा तो यह ट्रेन 20 से 30 घंटे की देरी से चल रही थी. हमने कहा कि जब तक यह ट्रेन समय से नहीं चलेगी हम इसका बार बार प्राइम टाइम में ज़िक्र करते रहेंगे.

  • रेलगाड़ियां समय पर क्यों नहीं पहुंच सकतीं?

    रेलगाड़ियां समय पर क्यों नहीं पहुंच सकतीं?

    ट्रेन तो हमेशा ही देर चलती रही है, तो क्या इसी कारण यह सवाल पूछना बंद कर दिया जाए कि ट्रेन लेट क्यों चल रही है. इस वक्त तो कुहासा भी नहीं है न ही तीज त्योहारों के कारण स्पेशल ट्रेन की संख्या बढ़ी है, फिर भी कई ट्रेनें बीस से तीस घंटे की देरी से क्यों चल रही हैं.

  • ट्रेनों की लेटलतीफ़ी कब तक आम बात रहेगी?

    ट्रेनों की लेटलतीफ़ी कब तक आम बात रहेगी?

    आपको आज एक ट्रेन की कहानी बताता हूं. नाम तो इसका स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस है, लेकिन इसकी हालत किसी गुलाम जैसी है. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस बिहार के जयनगर से चलकर दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन पर आती है. कुल 22 स्टेशनों से होते हुए यह ट्रेन अपना सफर पूरा करती है. आए दिन यात्री मैसेज करते रहते हैं कि इस ट्रेन का कुछ कीजिए. हम समझ नहीं पाते थे कि लोग क्यों इस ट्रेन को लेकर परेशान हैं. आज जब रेल मंत्रालय की वेबसाइट चेक की तो डर गया.

  • बिहार के तीन ट्रेनों के रूट का होगा विस्तार, सितंबर का कीजिए इंतजार

    बिहार के तीन ट्रेनों के रूट का होगा विस्तार, सितंबर का कीजिए इंतजार

    ट्रेन से यात्रा करने वाले बिहार के लोगों के लिए एक अच्छी खबर। बिहार में तीन ट्रेनों के रूट का विस्तार किया गया है जिनमें स्वतंत्रता सेनानी, मौर ध्वज और हरिहरनाथ एक्सप्रेस शामिल हैं।

'Swatantra Senani Express' - 10 News Result(s)
  • भारतीय ट्रेनों की लेटलतीफ़ी की दास्तान

    भारतीय ट्रेनों की लेटलतीफ़ी की दास्तान

    मोदी सरकार के चार साल हुए हैं तो रेल मंत्रालय के भी चार साल हुए हैं. इस दौरान दो काबिल नेताओं को रेल मंत्री बनने का मौका मिला है. पहले सुरेश प्रभु और फिर डाइनैमिक पीयूष गोयल. आपके जमा टैक्स से रेल मंत्रालय के विज्ञापनों में न तो ट्रेन के देरी से चलने का डिटेल होता है और न ही प्लेटफार्म पर ठंडे पानी की ख़राब वेडिंग मशीन का.

  • भारतीय रेल की लेटलतीफ़ी कब ख़त्म होगी?

    भारतीय रेल की लेटलतीफ़ी कब ख़त्म होगी?

    भारतीय रेल की देर से चलने की बीमारी किस हद तक पहुंच गई इसका एक किस्सा बताता हूं. देरी से चलने की आदत ऐसी हो गई है कि एक सांसद जी अपने क्षेत्र में रेलगाड़ी के स्टॉपेज का स्वागत करने पहुंच गए. अपने समय से पहुंचे लेकिन ट्रेन उनके चले जाने के कई घंटे बाद तक नहीं आई.

  • क्या रेलयात्री अपने अधिकारों पर ज़ोर देते हैं?

    क्या रेलयात्री अपने अधिकारों पर ज़ोर देते हैं?

    भारतीय रेल की एक खूबी है. वो जैसे चाहती है यात्री उसके हिसाब से ढल जाते हैं. अगर ट्रेन 30 घंटे की देरी से चले तो यात्री उसके हिसाब से एडजस्ट हो जाते हैं. असुविधाओं से एडस्ट होना यात्री होना होता है. हम रेल के हर सवाल से इतना एडजस्ट कर चुके हैं कि तीस घंटे की देरी से पहुंच कर भी सीधा घर चले जाते हैं. क्योंकि हम अपने समय का सम्मान नहीं करते हैं.

  • यूपी-बिहार की ट्रेनें सबसे ज़्यादा देरी से क्यों?

    यूपी-बिहार की ट्रेनें सबसे ज़्यादा देरी से क्यों?

    आज जब सुबह एक यात्री दर्शक ने रेलवे टाइम टेबल का स्क्रीन शॉट भेजा कि अमृतसर से दरभंगा के बीच चलने वाली 15212 जननायक एक्सप्रेस 57 घंटे लेट है तो यकीन नहीं हुआ. 44 घंटे तक लेट चलने वाली ट्रेन से सामाना हो चुका था मगर 57 घंटे ट्रेन चलती होगी, इस सूचना को ग्रहण करने की मानसिक तैयारी नहीं थी. जननायक एक्सप्रेस अमृतसर से दरभंगा के बीच चलती है. इसमें सारी बोगी जनरल होती है, क्योंकि इससे बिहार के मज़दूर पंजाब मंज़दूरी करने जाते हैं.

  • भारतीय रेल लेटलतीफ़ी की शिकार क्यों?

    भारतीय रेल लेटलतीफ़ी की शिकार क्यों?

    क्या आप ऐसी ट्रेन का इंतज़ार करना चाहेंगे तो 44 घंटे लेट चलती हो. यही एक ट्रेन नहीं है. रेल यात्रियों से बात कीजिए. 7 घंटे से लेकर 44 घंटे की देरी से चलने वाली ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से बात कीजिए, उनकी पीड़ा आपसे सुनी नहीं जाएगी.

  • 1 मई को दिल्ली से चली सीमांचल एक्‍सप्रेस 4 मई तक जोगबनी नहीं पहुंची, रेल मंत्री कहां हैं...

    1 मई को दिल्ली से चली सीमांचल एक्‍सप्रेस 4 मई तक जोगबनी नहीं पहुंची, रेल मंत्री कहां हैं...

    1 मई को आनंद विहार से चली 12488 सीमांचल एक्‍सप्रेस 4 मई तक जोगबनी नहीं पहुंची है. शनिवार सुबह एक यात्री का मेल आया तो अब हैरानी नहीं हुई बल्कि शर्म आई कि चार दिनों में भी रेल अपनी मंज़िल पर नहीं पहुंच पाती है.

  • रेलगाड़ियां 30-30 घंटे तक लेट कैसे हो जाती हैं?

    रेलगाड़ियां 30-30 घंटे तक लेट कैसे हो जाती हैं?

    बिहार के जयनगर से चल कर नई दिल्ली आने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पिछले कई महीनों से कई घंटे की देरी से चल रही थी. जब हमने इस ट्रेन की पिछले दो चार दिनों का रिकॉर्ड देखा तो यह ट्रेन 20 से 30 घंटे की देरी से चल रही थी. हमने कहा कि जब तक यह ट्रेन समय से नहीं चलेगी हम इसका बार बार प्राइम टाइम में ज़िक्र करते रहेंगे.

  • रेलगाड़ियां समय पर क्यों नहीं पहुंच सकतीं?

    रेलगाड़ियां समय पर क्यों नहीं पहुंच सकतीं?

    ट्रेन तो हमेशा ही देर चलती रही है, तो क्या इसी कारण यह सवाल पूछना बंद कर दिया जाए कि ट्रेन लेट क्यों चल रही है. इस वक्त तो कुहासा भी नहीं है न ही तीज त्योहारों के कारण स्पेशल ट्रेन की संख्या बढ़ी है, फिर भी कई ट्रेनें बीस से तीस घंटे की देरी से क्यों चल रही हैं.

  • ट्रेनों की लेटलतीफ़ी कब तक आम बात रहेगी?

    ट्रेनों की लेटलतीफ़ी कब तक आम बात रहेगी?

    आपको आज एक ट्रेन की कहानी बताता हूं. नाम तो इसका स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस है, लेकिन इसकी हालत किसी गुलाम जैसी है. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस बिहार के जयनगर से चलकर दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन पर आती है. कुल 22 स्टेशनों से होते हुए यह ट्रेन अपना सफर पूरा करती है. आए दिन यात्री मैसेज करते रहते हैं कि इस ट्रेन का कुछ कीजिए. हम समझ नहीं पाते थे कि लोग क्यों इस ट्रेन को लेकर परेशान हैं. आज जब रेल मंत्रालय की वेबसाइट चेक की तो डर गया.

  • बिहार के तीन ट्रेनों के रूट का होगा विस्तार, सितंबर का कीजिए इंतजार

    बिहार के तीन ट्रेनों के रूट का होगा विस्तार, सितंबर का कीजिए इंतजार

    ट्रेन से यात्रा करने वाले बिहार के लोगों के लिए एक अच्छी खबर। बिहार में तीन ट्रेनों के रूट का विस्तार किया गया है जिनमें स्वतंत्रता सेनानी, मौर ध्वज और हरिहरनाथ एक्सप्रेस शामिल हैं।