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Rashtriya Congress Swayamsevak Sangh

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'Rashtriya Congress Swayamsevak Sangh' - 13 News Result(s)
  • हम राष्‍ट्रनीति के समर्थक राजनीति के नहीं, किसी एक पार्टी से लगाव नहीं: RSS चीफ मोहन भागवत

    हम राष्‍ट्रनीति के समर्थक राजनीति के नहीं, किसी एक पार्टी से लगाव नहीं: RSS चीफ मोहन भागवत

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारा किसी एक पार्टी से कोई विशेष लगाव नहीं है. हम राष्ट्रनीति का समर्थन करते हैं, राजनीति का नहीं. हमारे अपने विचार हैं और हम चाहते हैं कि यह देश एक खास दिशा में आगे बढ़े.

  • किसके साथ खड़े होंगे प्रियांक खरगे– समतावादी अंबेडकर या अधिनायकवादी इंदिरा के साथ

    किसके साथ खड़े होंगे प्रियांक खरगे– समतावादी अंबेडकर या अधिनायकवादी इंदिरा के साथ

    कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक ने कहा है कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर आरएसएस पर बैन लगाया जाएगा. क्या है इसके पीछे की राजनीति बता रहे हैं राजनीतिशास्त्र पढ़ाने वाले डॉ. स्वदेश सिंह.

  • जातीय जनगणना: ना ना करते BJP की हां की जानिए क्या है पूरी कहानी

    जातीय जनगणना: ना ना करते BJP की हां की जानिए क्या है पूरी कहानी

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अगली जनगणना में जातीय जनगणना कराने का भी फैसला किया है. इसे मोदी सरकार का एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि अगले कुछ सालों में इसका बड़ा प्रभाव भारत की राजनीति पर दिखाई देगा.

  • किस लिए जाति जनगणना चाहता है आरएसएस, क्या बीजेपी के रुख में भी आएगा बदलाव

    किस लिए जाति जनगणना चाहता है आरएसएस, क्या बीजेपी के रुख में भी आएगा बदलाव

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने देश में जोर पकड़ रही जातिगत जनगणना की मांग का समर्थन किया है. संघ का कहना है कि सरकार की योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए जातियों के आंकड़े जरूरी है. संघ से आगाह किया है कि इन आकंड़ों का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.

  • असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को RSS मुख्यालय आमंत्रित किया

    असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को RSS मुख्यालय आमंत्रित किया

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय आने का निमंत्रण दिया है. दरअसल हिमंत बिस्वा सरमा की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के उस बयान पर आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि, ''व्यक्तिगत तौर पर सबको धन्यवाद. आरएसएस और बीजेपी को भी धन्यवाद. जितना हमला करते हैं, उतनी ऊर्जा मिलती है. उनको गुरु मानता हूं वे रास्ता दिखा रहे हैं.''

  • मध्य प्रदेश में कांग्रेस के घोषणापत्र पर बवाल, उमा भारती बोलीं- जब तक हम जिंदा हैं तब तक RSS पर कोई बैन नहीं लगा सकता

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस के घोषणापत्र पर बवाल, उमा भारती बोलीं- जब तक हम जिंदा हैं तब तक RSS पर कोई बैन नहीं लगा सकता

    च केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने संघ के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि RSS पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह संगठन एक विचारधारा के रूप में उन जैसे कई लोगों के मन में बसा है. उमा भारती ने कहा, "संघ एक राष्ट्रवादी विचारधारा है जो हम सबके अंदर बसी है.

  • कांग्रेस कोर ग्रुप की राहुल गांधी को सलाह: RSS का न्योता न कबूल करें, वह जहर है, न चखें

    कांग्रेस कोर ग्रुप की राहुल गांधी को सलाह: RSS का न्योता न कबूल करें, वह जहर है, न चखें

    कांग्रेस के कोर ग्रुप ने राहुल गांधी को आरएसएस के कार्यक्रम में न जाने की सलाह दी है. कांग्रेस के सीनियर नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी से कहा कि आरएसएस एक जहर है, ये सभी जानते हैं. अगर आप जानते हैं कि सामने जहर है तो फिर उसके चखकर देखने की जरूरत नहीं है. क्योंकि चखने का नतीजा सब जानते हैं. 

  • क्या राहुल गांधी RSS के कार्यक्रम में शामिल होंगे, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया यह जवाब...

    क्या राहुल गांधी RSS के कार्यक्रम में शामिल होंगे, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया यह जवाब...

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) या पार्टी के किसी अन्य नेता के आरएसएस कार्यक्रम (RSS lecture) में भाग लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. आरएसएस की अगले महीने व्याख्यान सीरीज में कांग्रेस अध्यक्ष को कथित तौर पर आमंत्रित करने की योजना के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने कहा, 'पहले पत्र (निमंत्रण) आने दें. यह (निमंत्रण) चुनावों को देखते हुए है.' 2019 के चुनावों से पहले पार्टी की महाराष्ट्र और मुंबई इकाई के कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद खड़गे संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

  • वो तीन फैसले, जिनके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा

    वो तीन फैसले, जिनके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज नागपुर में आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के मुख्यालय में एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. यहां वह संघ शिक्षा वर्ग के तीसरे वर्ष के दिक्षांत समारोह में अपना भाषण देंगे. हालांकि, इस पर घमासाम अभी भी जारी है. कल तक कांग्रेस के नेता प्रणब मुखर्जी के इस फैसले की आलोचना कर रहे थे, मगर बुधवार को उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी उनके फैसले को सही नहीं ठहराया. हालांकि, अब प्रणब मुखर्जी के कार्यक्रम में किसी तरह के बदलाव के आसार नहीं दिख रहे हैं. वह नागपुर पहुंच चुके हैं और शाम को करीब 6 बजे संघ के मुख्यालय में अपना भाषण देंगे. सबकी नजरें सिर्फ इस बात पर होगी कि आखिर कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी क्या बोलते हैं, जो अपने राजनीतिक जीवन में संघ के विरोधी रहे हैं. मगर इन सबसे इतर आज हम पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उन बड़े फैसलों की बात करेंगे, जिन्होंने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उऩ्होंने ली और उसकी वजह से उन्हें आज भी याद किया जाता है. पूर्व राष्ट्रपतियों की तुलना में अक्सर प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को बेहतर माना जाता है क्योंकि इन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 37 दया याचिकाएं खारिज की और कसाब और अफजल गुरु जैसे खूंखार आतंकियों को भी फांसी की सजा को मंजूरी दी.  

  • BJP में शामिल होने की अफवाह पर प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा बोलीं- राजनीति छोड़ दूंगी, मगर...

    BJP में शामिल होने की अफवाह पर प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा बोलीं- राजनीति छोड़ दूंगी, मगर...

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने पर घमासान जारी है. खुद प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि आपके भाषण भुला दिये जाएंगे, मगर तस्वीरें हमेशा के लिए रह जाएंगी. इतना ही नहीं, बुधवार को शर्मिष्ठा मुखर्जी के बीजेपी में शामिल होने के शिगुफे भी खूब छाए रहे. अफवाह इतनी ज्यादा फैल गई कि खुद शर्मिष्ठा को ट्वीट कर इन अफवाहों को खारिज करना पड़ा. बता दें कि आज पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. 

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  • हम राष्‍ट्रनीति के समर्थक राजनीति के नहीं, किसी एक पार्टी से लगाव नहीं: RSS चीफ मोहन भागवत

    हम राष्‍ट्रनीति के समर्थक राजनीति के नहीं, किसी एक पार्टी से लगाव नहीं: RSS चीफ मोहन भागवत

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारा किसी एक पार्टी से कोई विशेष लगाव नहीं है. हम राष्ट्रनीति का समर्थन करते हैं, राजनीति का नहीं. हमारे अपने विचार हैं और हम चाहते हैं कि यह देश एक खास दिशा में आगे बढ़े.

  • किसके साथ खड़े होंगे प्रियांक खरगे– समतावादी अंबेडकर या अधिनायकवादी इंदिरा के साथ

    किसके साथ खड़े होंगे प्रियांक खरगे– समतावादी अंबेडकर या अधिनायकवादी इंदिरा के साथ

    कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक ने कहा है कि उनकी पार्टी की सरकार बनने पर आरएसएस पर बैन लगाया जाएगा. क्या है इसके पीछे की राजनीति बता रहे हैं राजनीतिशास्त्र पढ़ाने वाले डॉ. स्वदेश सिंह.

  • जातीय जनगणना: ना ना करते BJP की हां की जानिए क्या है पूरी कहानी

    जातीय जनगणना: ना ना करते BJP की हां की जानिए क्या है पूरी कहानी

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अगली जनगणना में जातीय जनगणना कराने का भी फैसला किया है. इसे मोदी सरकार का एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि अगले कुछ सालों में इसका बड़ा प्रभाव भारत की राजनीति पर दिखाई देगा.

  • किस लिए जाति जनगणना चाहता है आरएसएस, क्या बीजेपी के रुख में भी आएगा बदलाव

    किस लिए जाति जनगणना चाहता है आरएसएस, क्या बीजेपी के रुख में भी आएगा बदलाव

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने देश में जोर पकड़ रही जातिगत जनगणना की मांग का समर्थन किया है. संघ का कहना है कि सरकार की योजनाओं को ठीक से लागू करने के लिए जातियों के आंकड़े जरूरी है. संघ से आगाह किया है कि इन आकंड़ों का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.

  • असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को RSS मुख्यालय आमंत्रित किया

    असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को RSS मुख्यालय आमंत्रित किया

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय आने का निमंत्रण दिया है. दरअसल हिमंत बिस्वा सरमा की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के उस बयान पर आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि, ''व्यक्तिगत तौर पर सबको धन्यवाद. आरएसएस और बीजेपी को भी धन्यवाद. जितना हमला करते हैं, उतनी ऊर्जा मिलती है. उनको गुरु मानता हूं वे रास्ता दिखा रहे हैं.''

  • मध्य प्रदेश में कांग्रेस के घोषणापत्र पर बवाल, उमा भारती बोलीं- जब तक हम जिंदा हैं तब तक RSS पर कोई बैन नहीं लगा सकता

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस के घोषणापत्र पर बवाल, उमा भारती बोलीं- जब तक हम जिंदा हैं तब तक RSS पर कोई बैन नहीं लगा सकता

    च केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने संघ के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि RSS पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह संगठन एक विचारधारा के रूप में उन जैसे कई लोगों के मन में बसा है. उमा भारती ने कहा, "संघ एक राष्ट्रवादी विचारधारा है जो हम सबके अंदर बसी है.

  • कांग्रेस कोर ग्रुप की राहुल गांधी को सलाह: RSS का न्योता न कबूल करें, वह जहर है, न चखें

    कांग्रेस कोर ग्रुप की राहुल गांधी को सलाह: RSS का न्योता न कबूल करें, वह जहर है, न चखें

    कांग्रेस के कोर ग्रुप ने राहुल गांधी को आरएसएस के कार्यक्रम में न जाने की सलाह दी है. कांग्रेस के सीनियर नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी से कहा कि आरएसएस एक जहर है, ये सभी जानते हैं. अगर आप जानते हैं कि सामने जहर है तो फिर उसके चखकर देखने की जरूरत नहीं है. क्योंकि चखने का नतीजा सब जानते हैं. 

  • क्या राहुल गांधी RSS के कार्यक्रम में शामिल होंगे, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया यह जवाब...

    क्या राहुल गांधी RSS के कार्यक्रम में शामिल होंगे, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया यह जवाब...

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) या पार्टी के किसी अन्य नेता के आरएसएस कार्यक्रम (RSS lecture) में भाग लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. आरएसएस की अगले महीने व्याख्यान सीरीज में कांग्रेस अध्यक्ष को कथित तौर पर आमंत्रित करने की योजना के बारे में पूछे जाने पर खड़गे ने कहा, 'पहले पत्र (निमंत्रण) आने दें. यह (निमंत्रण) चुनावों को देखते हुए है.' 2019 के चुनावों से पहले पार्टी की महाराष्ट्र और मुंबई इकाई के कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद खड़गे संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

  • वो तीन फैसले, जिनके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा

    वो तीन फैसले, जिनके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज नागपुर में आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के मुख्यालय में एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. यहां वह संघ शिक्षा वर्ग के तीसरे वर्ष के दिक्षांत समारोह में अपना भाषण देंगे. हालांकि, इस पर घमासाम अभी भी जारी है. कल तक कांग्रेस के नेता प्रणब मुखर्जी के इस फैसले की आलोचना कर रहे थे, मगर बुधवार को उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी उनके फैसले को सही नहीं ठहराया. हालांकि, अब प्रणब मुखर्जी के कार्यक्रम में किसी तरह के बदलाव के आसार नहीं दिख रहे हैं. वह नागपुर पहुंच चुके हैं और शाम को करीब 6 बजे संघ के मुख्यालय में अपना भाषण देंगे. सबकी नजरें सिर्फ इस बात पर होगी कि आखिर कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी क्या बोलते हैं, जो अपने राजनीतिक जीवन में संघ के विरोधी रहे हैं. मगर इन सबसे इतर आज हम पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उन बड़े फैसलों की बात करेंगे, जिन्होंने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उऩ्होंने ली और उसकी वजह से उन्हें आज भी याद किया जाता है. पूर्व राष्ट्रपतियों की तुलना में अक्सर प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को बेहतर माना जाता है क्योंकि इन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 37 दया याचिकाएं खारिज की और कसाब और अफजल गुरु जैसे खूंखार आतंकियों को भी फांसी की सजा को मंजूरी दी.  

  • BJP में शामिल होने की अफवाह पर प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा बोलीं- राजनीति छोड़ दूंगी, मगर...

    BJP में शामिल होने की अफवाह पर प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा बोलीं- राजनीति छोड़ दूंगी, मगर...

    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने पर घमासान जारी है. खुद प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि आपके भाषण भुला दिये जाएंगे, मगर तस्वीरें हमेशा के लिए रह जाएंगी. इतना ही नहीं, बुधवार को शर्मिष्ठा मुखर्जी के बीजेपी में शामिल होने के शिगुफे भी खूब छाए रहे. अफवाह इतनी ज्यादा फैल गई कि खुद शर्मिष्ठा को ट्वीट कर इन अफवाहों को खारिज करना पड़ा. बता दें कि आज पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे.