Rani Ki Vav
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रानी-की-वाव: भारतीय नोट पर छपने वाले कुएं की कहानी जान लीजिए, 11वीं सदी से अभी तक जस का तस!
- Saturday April 11, 2026
- Reported by: आईएएनएस, Edited by: प्रभांशु रंजन
गुजरात पर्यटन विभाग के अनुसार, रानी-की-वाव का निर्माण वर्ष 1063 ईस्वी में सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम की स्मृति में उनकी पत्नी रानी उदयमति ने करवाया था. रानी उदयमति जूनागढ़ के चूड़ासमा शासक रा खेंगार की पुत्री थीं. यह भव्य बावड़ी सरस्वती नदी के किनारे बनी हुई है.
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ndtv.in
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भारत की इन 5 मोनोमेंट का निर्माण करवाया है महिलाओं ने, जानिए उनके नाम
- Tuesday March 19, 2024
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
आज इस आर्टिकल में हम ऐसी इमारतों के बारे में बताने वाले हैं जिसे महिलाओं ने बनवाया है. आप यहां पर एकबार अपने दोस्त और परिवार के साथ जा सकते हैं.
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100 रुपये के नए नोट का है गुजरात कनेक्शन, पीछे छपी है 'रानी की बावड़ी'
- Thursday July 19, 2018
- मोहित चतुर्वेदी
RBI ने 100 रुपये का नया नोट जारी कर दिया है. नोट का रंग लैवेंडर है. नोट के पीछे 'Rani Ki Vav' को दर्शाया गया है. रानी की वाव का निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था.
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गुजरात पर्यटन विभाग के अनुसार, रानी-की-वाव का निर्माण वर्ष 1063 ईस्वी में सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम की स्मृति में उनकी पत्नी रानी उदयमति ने करवाया था. रानी उदयमति जूनागढ़ के चूड़ासमा शासक रा खेंगार की पुत्री थीं. यह भव्य बावड़ी सरस्वती नदी के किनारे बनी हुई है.
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