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किसान संगठनों ने सरकार का नया प्रस्ताव स्वीकार किया, आज हो सकती है आंदोलन खत्म करने की घोषणा
- Thursday December 9, 2021
- Reported by: सौरभ शुक्ला, Edited by: सूर्यकांत पाठक
केंद्र सरकार (Union Government) के दूसरे प्रस्ताव पर किसान संगठनों में सहमति बन गई है. किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) आज दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन (Farmers Protest) को ख़त्म करने की घोषणा कर सकता है. सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान अलग-अलग राज्यों में हुई एफआईआर (FIR) को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की बात मान ली है.
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पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का किया ऐलान, तो सोनू सूद बोले- 'देश के खेत फिर से लहराएंगे...'
- Friday November 19, 2021
- Written by: नंदन सिंह
सोनू सूद ने अपने पहले ट्वीट में लिखा है: "यह शानदार खबर है. "मोदी जी का धन्यवाद, जिन्होंने विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लिया. किसानों का शुक्रिया जिन्होंने शांति से विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया."
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जब बड़ा संकट खड़ा होता है, तब सरकारी नीतियां विफल नजर आती हैं: राहुल गांधी
- Monday June 28, 2021
- Reported by: भाषा
गौरतलब है कि केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं. वे इन तीनों कानूनों को रद्द करने और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने के लिए एक नया कानून लाने की मांग कर रहे हैं.
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'अगर प्राइवेट कंपनियों के कंट्रोल में आटा आ गया तो क्या होगा?' डेटा बैन पर AAP सांसद का एक तीर से दो निशाने
- Friday February 5, 2021
- Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण
केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून, 2020 लागू कर अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तु की सूची से हटा दिया है. यानी प्राइवेट कंपनियां इन वस्तुओं को अपनी मर्जी से जमा कर सकती हैं. पहले ऐसा करना जमाखोरी कहलाता था और वह कानून अपराध था.
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किसानों के साथ 11 दौर की बातचीत में कृषि कानूनों में संशोधन के लिए रखे कई प्रस्ताव: कृषि मंत्री तोमर
- Tuesday February 2, 2021
- Reported by: भाषा
Farmer's protest: सरकार ने कृषि कानूनों में संशोधन के बारे में एक के बाद एक कई प्रस्ताव रखे हैं.उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कृषि सुधार कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है..एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों से कृषि सुधारों के संबंध में सभी पक्षकारों के साथ वार्ता की गई.’’
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सिसोदिया का आरोप- कृषि कानूनों पर समर्थन दिखाने के लिए BJP ने केजरीवाल का वीडियो Doctored किया
- Sunday January 31, 2021
- Reported by: शरद शर्मा, Edited by: पवन पांडे
सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दरअसल, यह वीडियो अरविंद केजरीवाल के एक टीवी इंटरव्यू का डॉक्टर्ड वर्जन है. बीजेपी और उसके नेताओं ने एक फर्जी बयान बनाने की कोशिश की है. इंटरव्यू को एडिट करके एक ऐसी क्लिप बनाई, जिससे लगे कि अरविंद केजरीवाल तीनों कृषि बिलों का समर्थन कर रहे हैं. जानबूझकर लाइनें एडिट और डिलीट करके शब्दों को जोड़-तोड़ के बीजेपी ने डॉक्टर्ड वीडियो बनाया है.
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'अगर सरकार ट्रैक्टर मार्च टालना चाहती है तो तुरंत रद्द करे कानून', 11वीं वार्ता से पहले किसानों की हुंकार: 5 बड़ी बातें
- Friday January 22, 2021
- Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण
Tractor Rally: तीन नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे किसान संगठनों ने गुरुवार केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें सरकार के प्रतिनिधियों ने 10वें दौर की वार्ता में तीनों नए कानूनों का क्रियान्वयन डेढ़ साल तक स्थगित रखने का सुझाव दिया था और समाधान का रास्ता निकालने के लिए एक समिति गठित करने की भी बात कही थी. सरकार के इस प्रस्ताव पर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में किसान नेताओं ने सिंघू बॉर्डर पर एक मैराथन बैठक की, जिसमें इसे सर्व सम्मति से खारिज करने फैसला लिया गया. इसी मोर्चा के बैनर तले कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान संगठन पिछले लगभग दो महीने से आंदोलन कर रहे हैं. आज फिर से सरकार के प्रतिनिधियों और किसान संगठनों के बीच 11वें दौर की वार्ता होनी है.
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नए कृषि कानूनों से जुड़ा RTI आवेदन रद्द होने पर बिफरे चिदंबरम, निशाने पर नीति आयोग
- Sunday January 17, 2021
- Edited by: पवन पांडे
चिदंबरम ने रविवार को ट्वीट किया, "कृषि पर NITI Aayog की मुख्यमंत्रियों की समिति ने सितंबर 2019 में विचार-विमर्श किया और अपनी रिपोर्ट दी. 16 महीने बाद भी रिपोर्ट को अब तक नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल के सामने "प्रस्तुत" नहीं किया गया है! क्यों, किसी को नहीं पता और कोई जवाब नहीं देगा!"
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कृषि कानूनों को रद्द करने व एमएसपी को कानूनी गारंटी की मांगों का कोई विकल्प नहीं : किसान नेता
- Friday January 1, 2021
- Reported by: भाषा
किसान नेताओं ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी और नए कृषि कानूनों को रद्द करने का कोई विकल्प नहीं है. इससे एक दिन पहले केंद्र और प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के बीच बातचीत हुयी जिसमें दो विवादास्पद मुद्दों पर गतिरोध बना रहा.
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प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा - मांगें माने जाने तक नए साल का नहीं मनाएंगे जश्न
- Friday January 1, 2021
- Reported by: भाषा
दिल्ली के निकट सिंघु बॉर्डर पर एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा है कि केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर उनकी मांगें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने तक वे नए साल का जश्न नहीं मनाएंगे.
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किसान संगठनों ने सरकार का नया प्रस्ताव स्वीकार किया, आज हो सकती है आंदोलन खत्म करने की घोषणा
- Thursday December 9, 2021
- Reported by: सौरभ शुक्ला, Edited by: सूर्यकांत पाठक
केंद्र सरकार (Union Government) के दूसरे प्रस्ताव पर किसान संगठनों में सहमति बन गई है. किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) आज दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन (Farmers Protest) को ख़त्म करने की घोषणा कर सकता है. सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान अलग-अलग राज्यों में हुई एफआईआर (FIR) को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की बात मान ली है.
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पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का किया ऐलान, तो सोनू सूद बोले- 'देश के खेत फिर से लहराएंगे...'
- Friday November 19, 2021
- Written by: नंदन सिंह
सोनू सूद ने अपने पहले ट्वीट में लिखा है: "यह शानदार खबर है. "मोदी जी का धन्यवाद, जिन्होंने विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लिया. किसानों का शुक्रिया जिन्होंने शांति से विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया."
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जब बड़ा संकट खड़ा होता है, तब सरकारी नीतियां विफल नजर आती हैं: राहुल गांधी
- Monday June 28, 2021
- Reported by: भाषा
गौरतलब है कि केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं. वे इन तीनों कानूनों को रद्द करने और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने के लिए एक नया कानून लाने की मांग कर रहे हैं.
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'अगर प्राइवेट कंपनियों के कंट्रोल में आटा आ गया तो क्या होगा?' डेटा बैन पर AAP सांसद का एक तीर से दो निशाने
- Friday February 5, 2021
- Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण
केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून, 2020 लागू कर अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तु की सूची से हटा दिया है. यानी प्राइवेट कंपनियां इन वस्तुओं को अपनी मर्जी से जमा कर सकती हैं. पहले ऐसा करना जमाखोरी कहलाता था और वह कानून अपराध था.
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किसानों के साथ 11 दौर की बातचीत में कृषि कानूनों में संशोधन के लिए रखे कई प्रस्ताव: कृषि मंत्री तोमर
- Tuesday February 2, 2021
- Reported by: भाषा
Farmer's protest: सरकार ने कृषि कानूनों में संशोधन के बारे में एक के बाद एक कई प्रस्ताव रखे हैं.उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कृषि सुधार कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है..एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों से कृषि सुधारों के संबंध में सभी पक्षकारों के साथ वार्ता की गई.’’
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सिसोदिया का आरोप- कृषि कानूनों पर समर्थन दिखाने के लिए BJP ने केजरीवाल का वीडियो Doctored किया
- Sunday January 31, 2021
- Reported by: शरद शर्मा, Edited by: पवन पांडे
सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दरअसल, यह वीडियो अरविंद केजरीवाल के एक टीवी इंटरव्यू का डॉक्टर्ड वर्जन है. बीजेपी और उसके नेताओं ने एक फर्जी बयान बनाने की कोशिश की है. इंटरव्यू को एडिट करके एक ऐसी क्लिप बनाई, जिससे लगे कि अरविंद केजरीवाल तीनों कृषि बिलों का समर्थन कर रहे हैं. जानबूझकर लाइनें एडिट और डिलीट करके शब्दों को जोड़-तोड़ के बीजेपी ने डॉक्टर्ड वीडियो बनाया है.
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'अगर सरकार ट्रैक्टर मार्च टालना चाहती है तो तुरंत रद्द करे कानून', 11वीं वार्ता से पहले किसानों की हुंकार: 5 बड़ी बातें
- Friday January 22, 2021
- Edited by: प्रमोद कुमार प्रवीण
Tractor Rally: तीन नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे किसान संगठनों ने गुरुवार केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें सरकार के प्रतिनिधियों ने 10वें दौर की वार्ता में तीनों नए कानूनों का क्रियान्वयन डेढ़ साल तक स्थगित रखने का सुझाव दिया था और समाधान का रास्ता निकालने के लिए एक समिति गठित करने की भी बात कही थी. सरकार के इस प्रस्ताव पर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में किसान नेताओं ने सिंघू बॉर्डर पर एक मैराथन बैठक की, जिसमें इसे सर्व सम्मति से खारिज करने फैसला लिया गया. इसी मोर्चा के बैनर तले कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान संगठन पिछले लगभग दो महीने से आंदोलन कर रहे हैं. आज फिर से सरकार के प्रतिनिधियों और किसान संगठनों के बीच 11वें दौर की वार्ता होनी है.
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नए कृषि कानूनों से जुड़ा RTI आवेदन रद्द होने पर बिफरे चिदंबरम, निशाने पर नीति आयोग
- Sunday January 17, 2021
- Edited by: पवन पांडे
चिदंबरम ने रविवार को ट्वीट किया, "कृषि पर NITI Aayog की मुख्यमंत्रियों की समिति ने सितंबर 2019 में विचार-विमर्श किया और अपनी रिपोर्ट दी. 16 महीने बाद भी रिपोर्ट को अब तक नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल के सामने "प्रस्तुत" नहीं किया गया है! क्यों, किसी को नहीं पता और कोई जवाब नहीं देगा!"
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कृषि कानूनों को रद्द करने व एमएसपी को कानूनी गारंटी की मांगों का कोई विकल्प नहीं : किसान नेता
- Friday January 1, 2021
- Reported by: भाषा
किसान नेताओं ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी और नए कृषि कानूनों को रद्द करने का कोई विकल्प नहीं है. इससे एक दिन पहले केंद्र और प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के बीच बातचीत हुयी जिसमें दो विवादास्पद मुद्दों पर गतिरोध बना रहा.
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प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा - मांगें माने जाने तक नए साल का नहीं मनाएंगे जश्न
- Friday January 1, 2021
- Reported by: भाषा
दिल्ली के निकट सिंघु बॉर्डर पर एक महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा है कि केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर उनकी मांगें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने तक वे नए साल का जश्न नहीं मनाएंगे.
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