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'माई लार्ड्स मैं तो रोजाना 325 रुपये कमाता हूं', पत्नी को 10 हजार गुजारे- भत्ते पर SC में पति का दर्द
- Sunday March 1, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तिलकराज
सुप्रीम कोर्ट में तलाक के एक मामले में अजीब स्थिति देखने को मिली है. जज साहब ने पति को गुजारा भत्ते के रूप में पत्नी को 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने का निर्देया दिया. इस पर पति ने कहा- माई लार्ड्स मैं तो रोजाना 325 रुपये कमाता हूं.
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अवैध संबंध रखने वाली पत्नी को पति से नहीं मिलेगा भरण-पोषण, हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला
- Wednesday December 17, 2025
- Reported by: प्रफुल्ल तिवारी, Edited by: गीतार्जुन
CG News in Hindi: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अगर पत्नी के अवैध संबंध प्रमाणित हो जाते हैं तो वह पति से भरण-पोषण पाने की हकदार नहीं होगी. हाईकोर्ट ने हिंदू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत यह फैसला सुनाया है.
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ndtv.in
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पहली शादी वैलिड रहने तक अपने पार्टनर से गुज़ारा भत्ता नहीं मांग सकती महिला...इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Tuesday December 16, 2025
- Written by: Deepak Gambhir, Edited by: धीरज आव्हाड़
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि पहली शादी वैध होने पर महिला CRPC 125 के तहत दूसरी शादी या लिव‑इन जैसे रिश्ते से Maintenance नहीं मांग सकती. Court Judgment में स्पष्ट किया गया कि Hindu Marriage Act के अनुसार पहली शादी खत्म हुए बिना दूसरी शादी अमान्य होती है.
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कमाने और खुद में सक्षम महिला अपने पति से गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Friday December 12, 2025
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: समरजीत सिंह
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पत्नी किसी भी प्रकार की सहानुभूति का पात्र नहीं है और याचिकाकर्ता से भरण-पोषण प्राप्त करने की हकदार नहीं है. साथ ही कोर्ट ने नोएडा फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को रद्द करते हुए याची पति की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया.
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"आय का जरिया खोजने में सक्षम": महिला की पति से गुजारा भत्ता की अर्जी कोर्ट ने ठुकराई
- Wednesday April 5, 2023
- Reported by: भाषा
अदालत ने कहा कि पति की आय और बेहतर जीवनशैली साबित करने के बजाय पत्नी को यह दिखाना होगा कि अपना खर्च चलाने, जीवित रहने और यहां तक कि बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में वह असमर्थ है तथा उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया है.
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- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तिलकराज
सुप्रीम कोर्ट में तलाक के एक मामले में अजीब स्थिति देखने को मिली है. जज साहब ने पति को गुजारा भत्ते के रूप में पत्नी को 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने का निर्देया दिया. इस पर पति ने कहा- माई लार्ड्स मैं तो रोजाना 325 रुपये कमाता हूं.
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- Wednesday December 17, 2025
- Reported by: प्रफुल्ल तिवारी, Edited by: गीतार्जुन
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पहली शादी वैलिड रहने तक अपने पार्टनर से गुज़ारा भत्ता नहीं मांग सकती महिला...इलाहाबाद हाईकोर्ट
- Tuesday December 16, 2025
- Written by: Deepak Gambhir, Edited by: धीरज आव्हाड़
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए कहा कि पहली शादी वैध होने पर महिला CRPC 125 के तहत दूसरी शादी या लिव‑इन जैसे रिश्ते से Maintenance नहीं मांग सकती. Court Judgment में स्पष्ट किया गया कि Hindu Marriage Act के अनुसार पहली शादी खत्म हुए बिना दूसरी शादी अमान्य होती है.
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- Friday December 12, 2025
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: समरजीत सिंह
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पत्नी किसी भी प्रकार की सहानुभूति का पात्र नहीं है और याचिकाकर्ता से भरण-पोषण प्राप्त करने की हकदार नहीं है. साथ ही कोर्ट ने नोएडा फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को रद्द करते हुए याची पति की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया.
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- Wednesday April 5, 2023
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अदालत ने कहा कि पति की आय और बेहतर जीवनशैली साबित करने के बजाय पत्नी को यह दिखाना होगा कि अपना खर्च चलाने, जीवित रहने और यहां तक कि बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में वह असमर्थ है तथा उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया है.
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