'Jnanpith award' - 10 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • Blogs | शनिवार जनवरी 26, 2019 12:08 AM IST
    एक किताब होती तो आपके लिए भी आसान होता लेकिन जब कोई लेखक रचते-रचते संसार में से संसार खड़ा कर देता है तब उस लेखक के पाठक होने का काम भी मुश्किल हो जाता है. आप एक किताब पढ़ कर उसके बारे में नहीं जान सकते हैं. जो लेखक लिखते लिखते समाज में अपने लिए जगह बनाता है, अंत में उसी के लिए समाज में जगह नहीं बचती है.
  • Blogs | शुक्रवार जनवरी 25, 2019 11:55 AM IST
    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • India | शनिवार दिसम्बर 15, 2018 07:40 AM IST
    इतिहास और कल्पना के घोल से जो रसायन वह तैयार करते हैं, जितनी गहराई से अपने विषय पर शोध करते हैं और उसे जिस बारीक़ी से रचना में बदलते हैं, वह आपको बिल्कुल हैरान छोड़ जाता है. भाषा, पर्यावरण, राजनीति- जैसे जीवन का कोई पहलू उनसे छूटता नहीं. 'सी ऑफ़ पॉपीज़़' में वे इस बात की ओर ध्यान खींचते हैं कि कैसे भारत में अंग्रेजी साम्राज्यवाद ने यहां की खेती बरबाद की, आम फ़सलों की जगह अफीम उगाने को मजबूर किया और पूरे उत्तर भारत के सामाजिक-आर्थिक तंत्र को झकझोर दिया.
  • India | मंगलवार मार्च 20, 2018 06:33 AM IST
    हिन्दी की समकालीन कविता और आलोचना के सशक्त हस्ताक्षर और अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तीसरा सप्तक’ के प्रमुख कवि डॉ. केदारनाथ सिंह का आज यहां निधन हो गया. केदारनाथ सिंह 84 वर्ष के थे.  उनके परिवार में एक पुत्र और पांच पुत्रियां हैं. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि डॉ. केदारनाथ सिंह को करीब डेढ़ माह पहले कोलकाता में निमोनिया हो गया था. इसके बाद से वह बीमार चल रहे थे. पेट के संक्रमण के चलते उनका आज रात करीब पौने नौ बजे एम्स में निधन हो गया.
  • Bollywood | शुक्रवार दिसम्बर 29, 2017 04:17 PM IST
    आज गूगल ने अपना डूडल कन्नड़ भाषा के कवि कुप्पाली वेंकटप्पा पुटप्पा को समर्पित किया है. आज उनका 113वीं जयंती है. गूगल ने Kuppali Venkatappa Puttappa’s 113th Birthday शीर्षक से अपना डूडल बनाया है. वे कुवेंपू के नाम से लिखते थे. उनका जन्म 29 दिसंबर, 1904 में मैसूर के कोप्पा तालुक में हुआ था.
  • Literature | रविवार दिसम्बर 25, 2016 11:31 AM IST
    शंख घोष की प्रमुख रचनाओं में आदिम लता-गुलमोमॉय, मूखरे बारो, सामाजिक नोय, बाबोरेर प्रार्थना, दिनगुली रातगुली और निहिता पातालछाया शामिल हैं. उन्हें कवि, आलोचक और विद्वान के तौर पर जाना जाता है और उनकी पहचान बांग्ला साहित्य में ऊर्जा भरने वाले कवि के रूप में है.
  • Literature | शुक्रवार दिसम्बर 23, 2016 07:36 PM IST
    ज्ञानपीठ पुरस्कार के रूप 11 लाख रुपये, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा दी जाती है. प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी शंकर कुरुप को प्रदान किया गया था. जिसके बाद यह पुरस्कार हर साल दिया जाता है. अब तक 56 लेखकों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. साल 1967, 1973, 1999, 2006 और 2009 में यह पुरस्कार दो-दो लोगों को दिया गया था.
  • Literature | शुक्रवार दिसम्बर 23, 2016 06:50 PM IST
    ज्ञानपीठ पुरस्कार वर्ष 2016 में आधुनिक बांग्ला साहित्य के लब्ध प्रतिष्ठित बांग्ला कवि शंख घोष को दिया जायेगा. दो दशकों के बाद किसी बांग्ला लेखक को देश का सर्वोच्च साहित्य पुरस्कार प्रदान किया गया है. पुरस्कार के रूप में शंख घोष को वाग्देवी की प्रतिमा, 11 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा.
  • India | मंगलवार दिसम्बर 29, 2015 06:53 PM IST
    साहित्‍यकार रघुवीर चौधरी को वर्ष 2015 का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है। उनका चयन जाने-माने आलोचक डॉ. नामवर सिंह की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने किया है। रघुवीर को अगले वर्ष एक समारोह में 51वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
  • India | शुक्रवार फ़रवरी 6, 2015 08:08 PM IST
    मराठी के मशहूर साहित्यकार भालचंद्र नेमाड़े को 50वां ज्ञानपीठ पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई। नेमाड़े देश का सर्वोच्च साहित्य सम्मान पाने वाले 55वें साहित्यकार हैं। इससे पहले पांच दफा संयुक्त रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया गया था।
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