Iranian Women
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74 कोड़े मारे फिर भी नहीं डरींः इन बेखौफ महिलाओं की आवाज से ईरान की सत्ता डर गई
- Saturday January 24, 2026
- Written by: अभिजीत श्रीवास्तव
ईरान के हर बड़े आंदोलन के पीछे महिलाएं रही है. लेकिन यह भी सच है कि जिन महिलाओं ने सबसे पहले डर तोड़ा, वही सबसे पहले कुचली भी गईं. कुछ को गोली मिली. कुछ को फांसी. कुछ आज भी जेलों में सड़ रही हैं. कुछ ऐसी हैं जिनका नाम लेने से भी सत्ता आज डरती है.
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शाह पहलवी के ईरान में सत्ता, धर्म और महिलाओं की आजादी- टकराव और विरोधाभासों की पूरी कहानी
- Wednesday January 14, 2026
- Written by: अभिजीत श्रीवास्तव
ईरान की सड़कों पर दिखता गुस्सा अचानक नहीं है. यह दशकों के दमन, इतिहास, धर्म आधारित सत्ता और महिलाओं की आजादी पर नियंत्रण का नतीजा है. समझिए क्यों ईरान में विरोध कभी खत्म नहीं होते.
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सिगरेट का धुआं, खून से लथपथ चेहरा…ईरान में हिजाब आजादी का परचम बनकर लहरा रहा
- Sunday January 11, 2026
- Reported by: नगमा सहर, Edited by: अभिषेक पारीक
ईरान की औरतें कहीं खामेनेई की तस्वीर जला कर तमाम बंधनों को सिगरेट के धुएं में उड़ाती नजर आ रही हैं, कहीं खून से लथपथ चेहरे के साथ बेड़ियों से आजादी की मांग कर रही हैं. वो एक नया इतिहास लिख रही हैं. हिम्मत और फौलादी इरादों के साथ विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही हैं.
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निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं
- Sunday November 24, 2024
- केयूर पाठक
क्या हिंदुस्तान में किसी महिला के नाखून काटने पर या बाल काटने पर यहां के समाज और सत्ता को डर लग सकता है? निश्चय ही यह सवाल ही मजाकिया लगता है! यहां ऐसी घटनाएं खबरों में आकर गायब हो जाएंगी, लोग इन बातों को हंसी-मजाक में उड़ा देंगे. नाख़ून काटने और बाल काटने में कोई अंतर नहीं. दोनों ही शरीर के अतिरिक्त हिस्से हैं जिसकी कटाई छंटाई अपने मनमुताबिक की जाती है. लेकिन यह मजाकिया लगने वाली बातें भी बड़े विद्रोह का माध्यम बन सकती है. अगर महिलाएं बाल काटकर प्रतिरोध कर रही हैं तो इससे समझा जा सकता है कि मजहबी कानूनों से संचालित देशों में इक्कीसवीं सदी में महिलाओं की हैसियत क्या है! दासता जितनी मजबूत होती है, प्रतिरोध के तरीके उतने छोटे और मजाकिया लगते हैं. ईरान की महिलाओं का विद्रोह उसकी दासता की चरम स्थिति को बताता है, इसलिए वहां महिलाओं के विरोध के तरीके भी ऐसे ही हैं.
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Nobel Prize 2023: आज होगी नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं की घोषणा, जानिए किसे मिल सकता है नोबेल फीस प्राइज
- Friday October 6, 2023
- Written by: पूनम मिश्रा
Nobel Peace Prize 2023: अब तक चिकित्सा, रसायन विज्ञान, भौतिकी और साहित्य क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा कर दी गई है. आज नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा का दिन है. इस साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 351 उम्मीदवार हैं, जिनमें से 259 व्यक्ति और 92 संगठन हैं.
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ईरान में पर्दा बवाल: 22 साल की महिला की मौत पर आक्रोश, महिलाओं ने जलाए हिजाब, काटे बाल
- Monday September 19, 2022
- Written by: शालिनी सेंगर
ईरान में हिजाब विवाद ने तूल पकड़ लिया है. 22 वर्षीय महिला महसा अमीनी की मौत के बाद अब महिलाएं हिजाब जलाकर और कुछ महिलाएं अपने बाल काटकर अपना विरोध दर्ज कर रही हैं.
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74 कोड़े मारे फिर भी नहीं डरींः इन बेखौफ महिलाओं की आवाज से ईरान की सत्ता डर गई
- Saturday January 24, 2026
- Written by: अभिजीत श्रीवास्तव
ईरान के हर बड़े आंदोलन के पीछे महिलाएं रही है. लेकिन यह भी सच है कि जिन महिलाओं ने सबसे पहले डर तोड़ा, वही सबसे पहले कुचली भी गईं. कुछ को गोली मिली. कुछ को फांसी. कुछ आज भी जेलों में सड़ रही हैं. कुछ ऐसी हैं जिनका नाम लेने से भी सत्ता आज डरती है.
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शाह पहलवी के ईरान में सत्ता, धर्म और महिलाओं की आजादी- टकराव और विरोधाभासों की पूरी कहानी
- Wednesday January 14, 2026
- Written by: अभिजीत श्रीवास्तव
ईरान की सड़कों पर दिखता गुस्सा अचानक नहीं है. यह दशकों के दमन, इतिहास, धर्म आधारित सत्ता और महिलाओं की आजादी पर नियंत्रण का नतीजा है. समझिए क्यों ईरान में विरोध कभी खत्म नहीं होते.
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सिगरेट का धुआं, खून से लथपथ चेहरा…ईरान में हिजाब आजादी का परचम बनकर लहरा रहा
- Sunday January 11, 2026
- Reported by: नगमा सहर, Edited by: अभिषेक पारीक
ईरान की औरतें कहीं खामेनेई की तस्वीर जला कर तमाम बंधनों को सिगरेट के धुएं में उड़ाती नजर आ रही हैं, कहीं खून से लथपथ चेहरे के साथ बेड़ियों से आजादी की मांग कर रही हैं. वो एक नया इतिहास लिख रही हैं. हिम्मत और फौलादी इरादों के साथ विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही हैं.
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निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं
- Sunday November 24, 2024
- केयूर पाठक
क्या हिंदुस्तान में किसी महिला के नाखून काटने पर या बाल काटने पर यहां के समाज और सत्ता को डर लग सकता है? निश्चय ही यह सवाल ही मजाकिया लगता है! यहां ऐसी घटनाएं खबरों में आकर गायब हो जाएंगी, लोग इन बातों को हंसी-मजाक में उड़ा देंगे. नाख़ून काटने और बाल काटने में कोई अंतर नहीं. दोनों ही शरीर के अतिरिक्त हिस्से हैं जिसकी कटाई छंटाई अपने मनमुताबिक की जाती है. लेकिन यह मजाकिया लगने वाली बातें भी बड़े विद्रोह का माध्यम बन सकती है. अगर महिलाएं बाल काटकर प्रतिरोध कर रही हैं तो इससे समझा जा सकता है कि मजहबी कानूनों से संचालित देशों में इक्कीसवीं सदी में महिलाओं की हैसियत क्या है! दासता जितनी मजबूत होती है, प्रतिरोध के तरीके उतने छोटे और मजाकिया लगते हैं. ईरान की महिलाओं का विद्रोह उसकी दासता की चरम स्थिति को बताता है, इसलिए वहां महिलाओं के विरोध के तरीके भी ऐसे ही हैं.
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Nobel Prize 2023: आज होगी नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं की घोषणा, जानिए किसे मिल सकता है नोबेल फीस प्राइज
- Friday October 6, 2023
- Written by: पूनम मिश्रा
Nobel Peace Prize 2023: अब तक चिकित्सा, रसायन विज्ञान, भौतिकी और साहित्य क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा कर दी गई है. आज नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा का दिन है. इस साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 351 उम्मीदवार हैं, जिनमें से 259 व्यक्ति और 92 संगठन हैं.
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ईरान में पर्दा बवाल: 22 साल की महिला की मौत पर आक्रोश, महिलाओं ने जलाए हिजाब, काटे बाल
- Monday September 19, 2022
- Written by: शालिनी सेंगर
ईरान में हिजाब विवाद ने तूल पकड़ लिया है. 22 वर्षीय महिला महसा अमीनी की मौत के बाद अब महिलाएं हिजाब जलाकर और कुछ महिलाएं अपने बाल काटकर अपना विरोध दर्ज कर रही हैं.
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