Heavy School Bags
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NCERT और प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबों में क्या होता है अंतर? कीमत करीब 10 गुना ज्यादा
- Thursday April 30, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
क्यों प्राइवेट स्कूल NCERT की जगह 10 गुना महंगी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें बेच रहे हैं. आखिर इनमें NCERT की किताबों से अलग क्या होता है, जो इनके दाम आसमान छूते हैं? आइए समझते हैं.
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ndtv.in
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स्कूल के भारी बैग से तंग दो छात्रों ने अपनी व्यथा बताने के लिए पत्रकारों को बुलाया
- Tuesday August 23, 2016
- Reported by: भाषा
स्कूल के भारी बस्ते के बोझ से लदे सातवीं कक्षा के दो छात्रों ने पांच-सात किलोमीटर दूर से अपने कंधों पर भारी बस्ता लटकाकर पढ़ने के लिए आने वाले छात्रों की दुर्दशा बयान करने के लिए महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया.
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ndtv.in
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सीबीएसई ने स्कूलों से बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने को कहा
- Wednesday April 20, 2016
- Reported by: Bhasha
बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के मकसद से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सुझाव दिया है कि शिक्षकों को उच्च कक्षा के छात्रों को वजनदार पुस्तकें लाने के प्रति हतोत्साहित करना चाहिए, जबकि स्कूलों को कक्षा दो तक स्कूल में ही पुस्तकें रखनी चाहिए।
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NCERT और प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबों में क्या होता है अंतर? कीमत करीब 10 गुना ज्यादा
- Thursday April 30, 2026
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क्यों प्राइवेट स्कूल NCERT की जगह 10 गुना महंगी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें बेच रहे हैं. आखिर इनमें NCERT की किताबों से अलग क्या होता है, जो इनके दाम आसमान छूते हैं? आइए समझते हैं.
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स्कूल के भारी बैग से तंग दो छात्रों ने अपनी व्यथा बताने के लिए पत्रकारों को बुलाया
- Tuesday August 23, 2016
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स्कूल के भारी बस्ते के बोझ से लदे सातवीं कक्षा के दो छात्रों ने पांच-सात किलोमीटर दूर से अपने कंधों पर भारी बस्ता लटकाकर पढ़ने के लिए आने वाले छात्रों की दुर्दशा बयान करने के लिए महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया.
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सीबीएसई ने स्कूलों से बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने को कहा
- Wednesday April 20, 2016
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बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के मकसद से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सुझाव दिया है कि शिक्षकों को उच्च कक्षा के छात्रों को वजनदार पुस्तकें लाने के प्रति हतोत्साहित करना चाहिए, जबकि स्कूलों को कक्षा दो तक स्कूल में ही पुस्तकें रखनी चाहिए।
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