Chinmay Mishra
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दिल्ली में बही बजरंगी की भक्ति धारा, जानें हजारों की संख्या में लोगों ने क्यों किया हनुमान चालीसा का पाठ
- Monday January 12, 2026
- Written by: मधुकर मिश्र
सर्दी के मौसम में देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर 'यशोभूमि' में आखिर क्यों बही हनुमत भक्ति की धारा? आखिर क्यों हजारों की संख्या में बच्चे-बूढ़े और जवानों ने एकसाथ मिलकर किया हनुमान चालीसा का पाठ? हनुमत भक्ति की अलख जगाने वाले स्वामी स्वरूपानंद और उनके चिन्मय मिशन के बारे में जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
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नर्मदा घाटी: लड़ाई तो जीती मगर युद्ध जारी है..
- Friday February 10, 2017
- चिन्मय मिश्र
सरदार सरोवर बांध को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन (नबआ) की याचिका पर अंततः सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ ही गया. तीन दशक की कानूनी लड़ाई के बाद आए फैसले ने प्रसिद्ध चिंतक व पत्रकार प्रभाष जोशी के इस कथन की याद दिला दी कि 'फैसला हुआ है न्याय नहीं.’ इस बार हम शायद दो कदम आगे बढ़े हैं क्योंकि इस फैसले ने 'नबआ' की नैतिकता को ठोस आधार प्रदान कर दिया है.
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गांधी, विनोबा और जेपी के बाद अनुपम ही थे, जिन्हें समाज पर पूरा भरोसा था...
- Friday February 10, 2017
- चिन्मय मिश्र
अनुपम जी का यूं पर्दा कर लेना बहुत भाया नहीं. उन्होंने जीवन में पहली बार कोई मनमानी की. मगर एक बार ऐसा करने का हक तो उन्हें भी है. आसन्न मृत्यु को इतनी सहजता और शांति से ग्रहण करने वाले को क्या संज्ञा दी जा सकती है? उन्हीं से कैंसर की खबर पाकर फोन हाथ में जम सा गया और आंखें सूख गईं. क्योंकि उनमें पानी लाने वाला अब डूब रहा था. मगर विश्वास था कि तूफान भी उनका हौसला तोड़ नहीं पाएगा क्योंकि उनकी तो नदी से दोस्ती है.
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